मथुरा के सिहोरा गांव में एक नागिन अपने बच्चे की मौत का बदला एक परिवार के लोगों से ले रही है। एक हफ्ते में परिवार के तीन लोगों को डस चुकी है। जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। जबकि 2 की हालत गंभीर बनी हुई है। लोगों ने डर के कारण खुद को घर में कैद कर लिया है। दिन में घर से निकलते हैं लेकिन शाम होते ही जल्दी वापस आ जाते हैं। पूरी रात उन्हें जमीन पर बैठकर सोना पड़ रहा है। नागिन के पकड़े जाने के बाद भी उनका डर खत्म नहीं हुआ है। सपेरों ने बताया है कि अभी तीन सांप घर में छिपे हैं। सुरक्षा के लिए गांव में पूजा कराई जा रही है। दैनिक भास्कर ने मौके पर जाकर वहां के लोगों के बात की। आइए आपको पीड़ित परिवार की जुबानी पूरी कहानी पढ़वाते हैं। पहले तीन तस्वीरें देखिए सबसे पहले घटना के बारें में पढ़िए 3 जून को मनोज के साले ने सांप को मारा था सिहोरा गांव मथुरा के महावन तहसील में है। गांव कीआबादी करीब 20 हजार है। यहां के रहने वाले सोनपाल (60) ने बताया- मेरे बेटे मनोज (35) की पत्नी दुर्गेश ने जून में एक बेटे को जन्म दिया। परिवार ने बेटे के जन्म की खुशी मनाने के लिए 2 जुलाई को गांव में फंक्शन रखा। कार्यक्रम खत्म होने के बाद 3 जुलाई को घर पर एक छोटा सांप दिखाई दिया। जिसे हाथरस के रहने वाले मनोज के साले सचिन ने पकड़ लिया। उसे लाठी से मारा। जब मौत हो गई तो घर से दूर ले जाकर फेंक दिया। 9 जुलाई को नागिन ने मनोज को डसा सांप के बच्चे की हुई मौत के चार दिन बाद घर में एक नागिन निकल आई। काले रंग की नागिन देख घर में चीख पुकार मच गई। शोर गुल और लोगों की भीड़ देख नागिन घर में ही कहीं जाकर छिप गई। इसके बाद नागिन घर के बाहर बीच -बीच में कई बार आती जाती दिखाई दी। लेकिन लोगों ने इसे नजर अंदाज कर दिया। दो दिन बाद घर पर मनोज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सो रहा था। 9 जुलाई की सुबह नागिन बिस्तर पर चढ़ी और मनोज को डस लिया। इलाज के जयपुर ले जाते समय रास्ते में मनोज ने तोड़ा दम नागिन के डसते ही मनोज की आंख खुल गई। उसने नागिन को जाते हुए देखा। उसने फौरन पत्नी और घर के लोगों को जगाया। झाड़ फूंक करने के लिए सपेरे बुलाए गए। मनोज की तबीयत बिगड़ने लगी। जिसके बाद परिवार के लोग उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। लेकिन मनोज की हालत देख डॉक्टर ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। उसे जयपुर ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही मनोज ने दम तोड़ दिया। नागिन में भाई और बहनोई पर किया हमला मनोज के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके बहनोई दिनेश पहुंचे थे। अंतिम संस्कार करने के बाद दिनेश और मनोज के बड़े भाई पप्पू रात को कमरे में एक ही बेड पर सो गए। देर रात नागिन ने दिनेश और पप्पू पर हमला कर दिया। नागिन के डसने की खबर गांव में तेजी से फैल गई। 4 घंटे झाड़ फूंक के बाद नहीं हुआ फायदा, अस्पताल में कराये गए भर्ती सपेरों ने दिनेश और पप्पू की 4 घंटे तक झाड़ फूंक की। लेकिन दोनों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद इलाज के लिए दोनों को अस्पताल भेज दिया। तब से अभी तक वे अस्पताल में ही भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। मृतक के भाई राजू ने बताया कि दोनों ठीक हैं। वहीं सीएमओ हॉस्पिटल में नोडल अधिकारी डॉक्टर भूदेव ने बताया कि सांप के काटने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में मरीज को ले जाना चाहिए। जहां एंटी वेनम का इंजेक्शन लगाया जाता है। सपेरे बोले- नागिन बच्चे की मौत का ले रही बदला सपेरों ने बताया- सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया गया है। जिस सांप के बच्चे की मौत हुई है। वह इसी नागिन का बच्चा है। नागिन अपने बच्चे की मौत का बदला ले रही है। उनकी रक्षा के लिए पूजा कराई जा रही है। ताकि खतरे को टाला जा सके। ———————— यह खबर भी पढ़ें… पापा मारते हैं, छत से ढकेल देते हैं…मैं मर जाऊंगी, औरैया में ट्रेन से कटने पहुंची 7 साल की बच्ची; बोली- घर नहीं जाऊंगी औरैया में मंगलवार को एक 7 साल की बच्ची ट्रेन से कटने रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गई। लोगों ने बच्ची को ट्रैक पर टहलते देखा, तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिसवालों ने उसे पकड़ लिया। वहां मौजूद लोगों ने बच्ची से पूछा- यहां क्या कर रही हो? इस पर बच्ची रोने लगी और बोली- पापा मुझे मारते हैं, इसलिए मरने आई हूं। इसके बाद वहीं पर मौजूद एक व्यक्ति चंदन राजपूत ने लिखा-पढ़ी के बाद बच्ची को गोद ले लिया। पढ़ें पूरी खबर…