जीतने के लिए घोड़े का इंजेक्शन लगाकर दौड़े 2 युवक:आगरा में मैदान में ही गिरे; आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे

आगरा में 6 किमी की दौड़ जीतने के लिए दो युवकों ने घोड़ों को दिया जाने वाला स्टेरॉयड इंजेक्शन लगा लिया। दौड़ खत्म होते ही दोनों की हालत बिगड़ी और मैदान में गिर पड़े। साथी उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए। 2 घंटे दोनों का इलाज चला। इसके बाद उनकी हालत में सुधार आया। गांव वालों के मुताबिक, प्रतियोगिता में श्यामवीर सिकरवार (16) दूसरे और गौरव (22) चौथे स्थान पर आए। दोनों आर्मी भर्ती की तैयारी भी करते हैं। गुरुवार को खेरागढ़ थाना क्षेत्र में जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर दौड़ प्रतियोगिता हुई थी। डॉक्टर के अनुसार, बेहतर प्रदर्शन और थकान कम करने के लिए दोनों ने इंजेक्शन लिया था। जानिए पूरा मामला… खेरागढ़ क्षेत्र के गांव अऐला का रहने वाला श्यामवीर 11वीं कक्षा में पढ़ता है। पिता किसान हैं। 2 बड़े भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं। वहीं, गौरव स्नातक का छात्र है। उसके पिता भी किसान हैं। बड़ा भाई प्राइवेट नौकरी करता है। गांव वालों के मुताबिक, दोनों नियमित रूप से दौड़ और शारीरिक अभ्यास करते हैं। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे मैराथन कमेटी की ओर से गांव में 6 किमी की दौड़ प्रतियोगिता कराई गई। इसमें पहला पुरस्कार 2,100 रुपए, दूसरा 1,100 रुपए और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी के लिए 551 रुपए रखे गए थे। टॉप-10 प्रतिभागियों को मेडल भी दिए जाने थे। प्रतियोगिता में गौरव और श्यामवीर ने भी हिस्सा लिया। दोनों ने बताया, ‘बेहतर प्रदर्शन के लिए हमने घोड़ों को दिया जाने वाला इंजेक्शन 3 एमएल लगा लिया। दौड़ खत्म करने के बाद हमारी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने हमें सीएचसी खेरागढ़ पहुंचाया। तब हमें आराम मिला।’ युवकों के पास इंजेक्शन की एक खाली शीशी भी मिली। आयोजन कमेटी के सदस्य पुष्पेंद्र ने बताया- गांव की प्रतिभाओं को निखारने के लिए समय-समय पर प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। इसी क्रम में गुरुवार को 6 किमी की मैराथन दौड़ आयोजित की गई थी। दौड़ सकुशल संपन्न हो गई। इसके बाद श्यामवीर सिकरवार और गौरव सिकरवार को घबराहट हुई, जिसके बाद उन्हें सीएचसी खेरागढ़ ले जाया गया। कुछ देर बाद दोनों को वापस भेज दिया गया। उन्होंने क्या लिया था, इसकी जानकारी नहीं है। डॉक्टर बोले- बिना सलाह स्टेरॉयड लेना खतरनाक सीएचसी सुपरिटेंडेंट डॉ. आरके सिंह के मुताबिक, बेहतर प्रदर्शन और थकान कम करने के उद्देश्य से दोनों युवकों ने स्टेरॉयड का इंजेक्शन लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। करीब 2 घंटे के उपचार के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ। डॉक्टर ने बताया कि बिना चिकित्सकीय सलाह किसी भी तरह का स्टेरॉयड या इंजेक्शन लेना गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकता है। भर्ती और शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में जल्दी बेहतर प्रदर्शन की चाह में ऐसे प्रयोग स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। ……………………. ये खबर भी पढ़िए- उमेश पाल की पत्नी बोलीं-मैं ब्राह्मण, मंदिर में शादी हुई:पूजा पाल की जाति नहीं जानती; अतीक परिवार के वकील ने कोर्ट में क्या-क्या पूछा प्रयागराज की जिला कोर्ट में बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में उनकी पत्नी जया पाल की गवाही हुई। माफिया अतीक अहमद के आरोपी बहनोई एखलाक अहमद के वकील ताराचंद्र गुप्ता ने पूछा- आपकी और उमेश की शादी कैसे हुई? मर्जी से हुई या किसी और ने कराई? क्या इसका कोई रिकॉर्ड है? इस पर जया पाल ने कहा- मैं ब्राह्मण समाज से हूं। मेरी शादी उमेश पाल से 19 जनवरी, 2005 को हुई थी। उस वक्त बालिग थी।पढ़ें पूरी खबर