‘जुमे के दिन कांवड़ रोकने की पहले से प्लानिंग थी’:ग्रामीण बोले-मस्जिद के सामने हमला किया, प्रयागराज में DJ बजाने पर भिड़े थे नमाजी-कांवड़िए

हमारा घर मुस्लिम लाेगाें के बीच में है। वही पर हमारी पान की दुकान भी है। पिछले एक सप्ताह से अयान, जिशान, मो. राजू, तौफिक हमसे जानकारी ले रहे थे कि तुम लोग कांवड़ लेकर कब जाओगे? कितने बजे जाओगे? इन लोगों की पहले से ही साजिश करने की प्लानिंग थी। तभी जैसे ही हम लोग DJ साथ निकले। बंद कराने लगे। इसके बाद हम हमला कर दिया, हम लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। ये कहना है प्रयागराज के राजेंद्र कुमार का। जो 18 जुलाई को कांवड़ लेकर जा रहे थे। तभी मस्जिद के सामने नमाजियों ने DJ रोक दिया। आरोप है कि लाठी-डंडे से पिटाई की। तलवार लेकर दौड़ा लिया। इस दौरान कई कांवड़ियां घायल हो गए। जानकारी पुलिस टीम पहुंची। तब जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस की मौजदूगी में कावंड़ निकाला गया। दैनिक भास्कर की टीम सरायख्वाजा गांव पहुंची, जहां पर घटना हुई। वहां ग्रामीणों से बातचीत कर जाना। आखिर उस दिन क्या हुआ था? क्यों विवाद हुआ?…पढ़िए रिपोर्ट गांव में 60% की मुस्लिम आबादी प्रयागराज जिला मुख्यालय से करीब 32 KM दूर मऊआइमा के पास सरायख्वाजा गांव है। इस इलाके में करीब 60% मुस्लिम हैं तो बाकी में हिंदू परिवार।शुक्रवार यानी 18 जुलाई को इस गांव में तब दोनों पक्ष आमने सामने आ गए, जब डीजे बजाते हुए कांवड़िए मस्जिद के सामने से गुजर रहे थे। डीजे बजाने से रोकने के बाद यहां माहौल बिगड़ गया और विवाद काफी बढ़ गया था। हम दूसरे दिन इस गांव के हालात समझने के लिए पहुंचे थे। मऊआइमा थाने से करीब 5 किलोमीटर दूर सड़क पर ही वह मस्जिद है जिसके सामने विवाद हुआ था। यहां अभी PAC की 2 गाड़ी खड़ी मिली। जबकि 100 से ज्यादा पुलिस और PAC के जवान मुस्तैद दिखे। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। मुस्लिम बिरादरी की बस्ती के एक भी परिवार में कोई पुरुष नहीं मिला। ज्यादातर घरों में ताला लटक रहा है। इस घटना के बाद सभी घर छोड़कर भागे हुए हैं, तो कुछ को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अब पढ़िए हिंदू पक्ष की बात 40 से 50 लोगों ने हमला कर दिया
महेंद्र कुमार ने बताया-दोपहर में हम 7-8 लोग कांवड़ लेकर निकल रहे थे। गांव के लोग पूरे धूमधाम से हम लोगों को गांव के बाहर तक छोड़ने जा रहे थे…लोग डीजे की धुन पर थिरकते हुए चल रहे थे। मस्जिद के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद मुस्लिम पक्ष के 40 से 50 युवक डीजे बंद कराने की बता करने लगे। जब हम लोगों ने नहीं बंद किया तो मारपीट करने लगे। सुनीता बोलीं-पुलिस नहीं करती कार्रवाई
सुनीता देवी ने बताया-कुछ दिन पहले बिजली खराब हुई तो हम लोगों के घरों की बिजली नहीं आई थी। ठीक करने के लिए कहने पर वो लोग (मुस्लिम पक्ष) विवाद करने लगे थे। मेरी बेटी को खींचकर ले गए, बुरी तरह से पीटा। मेडिकल भी कराए, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। आज तक हमारी सुनवाई नहीं हुई। मुहर्रम में 5 दिन बजाते हैं डीजे और हार्न
सोनू पासी ने बताया-मुहर्रम के समय 4-5 दिन तक लगातार यह लोग हार्न और डीजे बजाते हैं। सरकारी स्कूल को चार से पांच दिन के लिए बंद कर दिया जाता है। जबकि मुहर्रम की सरकारी छुट्‌टी सिर्फ एक दिन की होती है। लेकिन, जब हम कोई त्योहार धूमधाम से मनाते हैं तो यह हंगामा करने का प्रयास करते हैं। अब मुस्लिम पक्ष की बात शफुकि बोलीं-मेरा बेटा तो बाहर था
शफुकि निशा ने बताया-हमारा बेटा ससुराल में था। वह विवाद के बाद यहां आया था। घर के बाहर बैठा था। लेकिन, शाम को अचानक पुलिस को आई। उसे लेकर चली गई। न कोई पूछताछ की न कुछ बताया गया। जबकि वो इन सबसे दूर रहता था। हमारे पति निर्दोष थे…उठा ले गई पुलिस
राशिदा ने बताया-मेरे भाई को बिना वजह पुलिस उठा ले गई। वह बेगुनाह है। भाई ही परिवार की जिम्मेदारी उठाता है। अब हमारा घर कैसे चलेगा। वो ऐसा कर ही नहीं सकता। मैं उसे बहुत अच्छे से जानती हूं।