यूपी में नौतपा ने इस बार आंधी-पानी में अपनी तपिश खो दी। अप्रैल से शुरू हुई बेमौसम बरसात और आंधी पूरे मई महीने रुक-रुक कर होती रही। इसका असर जून में भी देखने को मिल रहा। जून के पहले वीक में अधिकतर जिलों में बारिश-आंधी होती रहेगी। हालांकि, इस बीच तापमान भी 46 से 47 डिग्री बना रहेगा। उमस ज्यादा रहेगी। वहीं, केरल में मानसून समय से 8 दिन पहले 24 मई को पहुंच गया था। पहले मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जताई थी कि यूपी में मानसून 15 से 16 जून के बीच पहुंच जाएगा। यानी तय डेट 18 जून से 2-3 दिन पहले। लेकिन, मानसून ठहर जाने से इसमें अब 7 से 10 दिन की देरी हो सकती है। अब जून के लास्ट वीक में ही मानसून के यूपी पहुंचने की उम्मीद है। मानसून आने की वजह से तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिलेगी। पिछले महीने मौसम कैसा रहा? आने वाले महीने में कैसा रहेगा? क्या बदलाव आएगा? इस रिपोर्ट में पढ़िए- मई महीना: पारा 46 डिग्री पर पहुंचा, लेकिन बीच-बीच में बारिश ने राहत दी
मौसम विभाग के मुताबिक, मई महीने में राज्य का औसत अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। महीने की शुरुआत से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और फुहारों ने तापमान को कंट्रोल में रखा। हाल यह रहा कि नौतपा तक इस बार नहीं तपा। पूरे नौतपा के दौरान अलग-अलग जगहों पर मौसम सुहाना बना रहा। 8 दिन तक तापमान 42 के ऊपर नहीं गया। 9वें दिन बांदा में तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जो यूपी का अधिकतम तापमान रहा। हालांकि नौतपा से पहले 2 जिलों बदायूं और बांदा का अधिकतम तापमान 46 के ऊपर रहा। इस बार मई महीने में यूपी के ज्यादातर जिलों में बारिश हुई। मई में पूरे प्रदेश में 26.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ईस्ट यूपी में 24.8, वेस्ट में 29.7 मिलीमीटर बारिश हुई। सबसे ज्यादा मेरठ में 89.9 मिलीमीटर बारिश हुई। दूसरे नंबर पर महाराजगंज है, जहां 82.5 मिलीमीटर पानी बरसा। जून महीने में गर्मी कैसी रहेगी?
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, जून में मौसम औसतन सामान्य से कम गर्म रहेगा। हीट वेव और वार्म-डे की संख्या भी सामान्य से कम रहेगी। अगले एक सप्ताह में 3 से 4 डिग्री तापमान गिरेगा, फिर 6 डिग्री बढ़ेगा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, जून गर्म रहने वाला है, क्योंकि मानसून में ब्रेक लग गया है। अधिकतम तापमान 46-47 डिग्री तक जा सकता है। लेकिन, महीने के आखिर तक यूपी में मानसून की एंट्री हो जाएगी। इसलिए तापमान में 4 से 5 डिग्री गिरावट भी दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब तक एक दिन भी हीट-वेव की स्थिति यूपी में नहीं बनी। जून के पहले सप्ताह के बाद हीट-वेव की स्थिति बन सकती है। 1982 से 2023 के बीच यूपी का अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ा
यूपी स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि 1982 से 2023 के बीच यूपी में गर्मियों का तापमान तेजी से बढ़ा है। उदाहरण के लिए 1981 में लखनऊ में जून में औसत अधिकतम तापमान 44.94 डिग्री सेल्सियस था। 2023 में 1.42 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 46.36 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यही ट्रेंड राज्य के सभी प्रमुख शहरों का है। मई महीने की बात करें, तो इस बीच नोएडा का तापमान औसत सबसे ज्यादा 3.07 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। मई, 1982 में यहां का अधिकतम औसत तापमान 41.98 डिग्री सेल्सियस था। 2023 में यह 45.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सीतापुर का औसत अधिकतम तापमान इस दौरान सबसे ज्यादा बढ़ा है। 2021 के बाद यूपी में हीट-वेव के दिन दोगुने हुए
हीट-वेव को लेकर पिछले सालों का आंकड़ा देखने पर पता चलता है कि 2021 से 2024 में हीट-वेव के दिन करीब दोगुने हो गए हैं। 2021 में जहां कुल हीट वेव के दिन 31 थे। वहीं, 2024 में ये बढ़कर 65 हो गए। मौसम विभाग के मुताबिक, हीट वेव तब होता है, जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। वहीं, तटीय इलाकों के लिए तापमान 37 और पहाड़ी इलाकों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाए तब हीट-वेव होता है। इसके अलावा जब मैदानी इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक चला जाता है, तब सीवियर हीट वेव होता है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… मऊ सीट पर भाजपा-सुभासपा में जंग, राजभर बोले- अब्बास मेरा विधायक, भाजपा का जवाब- दिल्ली करेगी फैसला हेट स्पीच में दोषी ठहराए गए अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता निरस्त होने के बाद मऊ सदर सीट खाली हो चुकी है। अब यहां उपचुनाव तय है। अब सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि इस सीट से सुभासपा मैदान में उतरेगी या भाजपा? दावा दोनों ही कर रहे हैं और तर्क भी अपने-अपने हैं। दरअसल, अब्बास अंसारी जब विधायक बने थे, तब उनकी पार्टी सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) सपा के साथ गठबंधन में थी। अभी उसका गठबंधन भाजपा से है। पढ़ें पूरी खबर
मौसम विभाग के मुताबिक, मई महीने में राज्य का औसत अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। महीने की शुरुआत से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और फुहारों ने तापमान को कंट्रोल में रखा। हाल यह रहा कि नौतपा तक इस बार नहीं तपा। पूरे नौतपा के दौरान अलग-अलग जगहों पर मौसम सुहाना बना रहा। 8 दिन तक तापमान 42 के ऊपर नहीं गया। 9वें दिन बांदा में तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जो यूपी का अधिकतम तापमान रहा। हालांकि नौतपा से पहले 2 जिलों बदायूं और बांदा का अधिकतम तापमान 46 के ऊपर रहा। इस बार मई महीने में यूपी के ज्यादातर जिलों में बारिश हुई। मई में पूरे प्रदेश में 26.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ईस्ट यूपी में 24.8, वेस्ट में 29.7 मिलीमीटर बारिश हुई। सबसे ज्यादा मेरठ में 89.9 मिलीमीटर बारिश हुई। दूसरे नंबर पर महाराजगंज है, जहां 82.5 मिलीमीटर पानी बरसा। जून महीने में गर्मी कैसी रहेगी?
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, जून में मौसम औसतन सामान्य से कम गर्म रहेगा। हीट वेव और वार्म-डे की संख्या भी सामान्य से कम रहेगी। अगले एक सप्ताह में 3 से 4 डिग्री तापमान गिरेगा, फिर 6 डिग्री बढ़ेगा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, जून गर्म रहने वाला है, क्योंकि मानसून में ब्रेक लग गया है। अधिकतम तापमान 46-47 डिग्री तक जा सकता है। लेकिन, महीने के आखिर तक यूपी में मानसून की एंट्री हो जाएगी। इसलिए तापमान में 4 से 5 डिग्री गिरावट भी दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब तक एक दिन भी हीट-वेव की स्थिति यूपी में नहीं बनी। जून के पहले सप्ताह के बाद हीट-वेव की स्थिति बन सकती है। 1982 से 2023 के बीच यूपी का अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ा
यूपी स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि 1982 से 2023 के बीच यूपी में गर्मियों का तापमान तेजी से बढ़ा है। उदाहरण के लिए 1981 में लखनऊ में जून में औसत अधिकतम तापमान 44.94 डिग्री सेल्सियस था। 2023 में 1.42 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 46.36 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यही ट्रेंड राज्य के सभी प्रमुख शहरों का है। मई महीने की बात करें, तो इस बीच नोएडा का तापमान औसत सबसे ज्यादा 3.07 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। मई, 1982 में यहां का अधिकतम औसत तापमान 41.98 डिग्री सेल्सियस था। 2023 में यह 45.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सीतापुर का औसत अधिकतम तापमान इस दौरान सबसे ज्यादा बढ़ा है। 2021 के बाद यूपी में हीट-वेव के दिन दोगुने हुए
हीट-वेव को लेकर पिछले सालों का आंकड़ा देखने पर पता चलता है कि 2021 से 2024 में हीट-वेव के दिन करीब दोगुने हो गए हैं। 2021 में जहां कुल हीट वेव के दिन 31 थे। वहीं, 2024 में ये बढ़कर 65 हो गए। मौसम विभाग के मुताबिक, हीट वेव तब होता है, जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। वहीं, तटीय इलाकों के लिए तापमान 37 और पहाड़ी इलाकों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाए तब हीट-वेव होता है। इसके अलावा जब मैदानी इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक चला जाता है, तब सीवियर हीट वेव होता है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… मऊ सीट पर भाजपा-सुभासपा में जंग, राजभर बोले- अब्बास मेरा विधायक, भाजपा का जवाब- दिल्ली करेगी फैसला हेट स्पीच में दोषी ठहराए गए अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता निरस्त होने के बाद मऊ सदर सीट खाली हो चुकी है। अब यहां उपचुनाव तय है। अब सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि इस सीट से सुभासपा मैदान में उतरेगी या भाजपा? दावा दोनों ही कर रहे हैं और तर्क भी अपने-अपने हैं। दरअसल, अब्बास अंसारी जब विधायक बने थे, तब उनकी पार्टी सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) सपा के साथ गठबंधन में थी। अभी उसका गठबंधन भाजपा से है। पढ़ें पूरी खबर