‘जो हारे को जिताता है…वो कलियुग का विधाता है’:कानपुर में हुई बाबा श्याम की भजन संध्या, मुंबई और जयपुर के गायकों ने बांधा समां

जो हारे को जिताता है…वो कलियुग का विधाता है, श्याम तेरी महिमा अपरंपार, दर पे बुला लो सांवरे जैसे भजनों पर मंगलवार को श्याम भक्त झूम उठे। मौका था जीटी रोड स्थित एक होटल में हुई बाबा श्याम की भजन संध्या का। जिसमें विभिन्न भजन गायकों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लखदातार सेवक फाउंडेशन, सीसामऊ बाजार के तत्वावधान में मंगलवार को तीसरे श्रीश्याम महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें कानपुर के साथ मुंबई और जयपुर से आए भजन गायकों ने लोगों को एक से बढ़कर एक भजन सुनाए और झूमने पर मजबूर कर दिया। बाबा श्याम के सामने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरूआत हुई, जिसके बाद गायकों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। बाबा श्याम की जय-जयकार से गूंजा पंडाल भजन संध्या की शुरूआत मुंबई से आए भजन गायक प्रमोद त्रिपाठी ने की। उन्होंने जैसे ही ‘मेरा आपका क्या रिश्ता है, श्याम से जोड़ा नाता है’ और ‘हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा’ जैसे भजन प्रस्तुत किए तो सभी लोग झूम उठे। सारा पंडाल बाबा श्याम की जय-जयकार से गूंज उठा। इसके बाद जयपुर से आए भजन गायक अभिषेक नामा ने ‘श्याम तेरी महिमा अपरंपार’ और ‘दर पे बुला लो सांवरे’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। कानपुर के भजन गायक पुलकित शर्मा ने ‘खाटू वाले श्याम धणी’ भजन प्रस्तुत किया। सैकड़ों की संख्या में श्याम प्रेमी मौजूद रहे और देर रात तक झूमते रहे। सुंदर पुष्पों से किया गया बाबा का शृंगार भजन संध्या के लिए बाबा श्याम का सुंदर दरबार सजाया गया था। बाबा के शृंगार के लिए विभिन्न सुंदर और मनमोहक पुष्प मंगाए गए थे, जिससे उनका सुंदर दरबार सजाया गया था। लोगों ने पूरी आस्था के साथ बाबा के दर्शन किए और उनके अपने परिवार के लिए मंगल याचना की। देर रात तक भजन चलते रहे और लोग झूमते रहे। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष ईशांत गुलजानी ‘ईलू’, महामंत्री मोहक सक्सेना, कोषाध्यक्ष आकाश भठेजा ‘विक्की’, कार्यक्रम संयोजक अभिमन्यु सक्सेना, चेयरमैन मनोहर लाल मनवानी, व्यवस्थापक कमल ओमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, अनुज गुप्ता, मीडिया प्रभारी रोहित निगम समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।