प्रयागराज में 3 नहीं, 4 हत्याएं होने वाली थीं। पिता, बहन और भांजी को मारने के बाद बेटा मुकेश अपने भाई को भी मार देना चाहता था। गांव में भाई मुकुंद जब उसको दिखा, तो पहले मुकेश ने उसको चैलेंज किया, फिर गोली चला दी। कंधे को छूती हुई गोली निकल गई। खून से लथपथ मुकुंद अपनी जान बचाने के लिए पैदल ही दौड़ पड़ा, बाइक तक उठाने का समय नहीं मिला। करीब 3Km तक पैदल ही बचते हुए भागता रहा। पीछा कर रहे मुकेश ने तमंचे पर दूसरी गोली लोड कर ली थी, मगर दूरी ज्यादा होने से फायर नहीं किया। मुकुंद ने पुलिस को बताया कि भागते-भागते मैं बगल के गांव में पहुंच गया, वहां बाउंड्रीवॉल के पीछे पुआल के ढेर में छिपकर खुद को बचा सका, नहीं तो मैं भी मारा जाता। यूपी के बड़े हत्याकांड के पीछे की कहानी को जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम ने परिवारवालों और जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पुलिस कस्टडी में मुकेश ने पूछताछ के दौरान नए खुलासे किए हैं। उसने इस नरसंहार की प्लानिंग 4 दिन पहले ही कर ली थी। 4.5 बीघा खेती और गांव के बड़े मकान पर कब्जे के लिए मुकेश 3 लोगों को रास्ते से हटाना चाहता था। पहला. पिता रामवीर- वो बेटी साधना की शादी करने वाले थे। तैयारी थी कि खेती का कुछ हिस्सा बेच देंगे। दूसरा. भाई मुकुंद- जो भी खेती और मकान बचता, वो मुकुंद को ही मिलने वाला था। तीसरा. बहन साधना- उसकी शादी होने जा रही थी। मुकेश सोच रहा था कि जब बहन ही नहीं रहेगी, तो उसकी शादी के लिए खेती बिकने से बच जाएगी। 4 दिन पहले बच्चे रिश्तेदार के घर भेजे
प्लानिंग के तहत मुकेश ने सबसे पहले अपने तीनों बच्चों को साढ़ू के घर छोड़कर आया था। घर पर सिर्फ वो और उसकी पत्नी प्रमिला मौजूद थे। वो कभी अपने बच्चों को अकेले कहीं जाने नहीं देता था। ऐसा पहली बार हुआ था, लेकिन घर-परिवारवालों को समझ नहीं आया कि उसके पीछे की प्लानिंग क्या है? मुकुंद का आरोप है- मुकेश की पत्नी प्रमिला इस हत्याकांड की साजिश में शामिल है। ऐसा पुलिस 2 वजह से मान रही। पहली- 2 जनवरी की रात मर्डर करने के बाद मुकेश आधी रात को घर गया था। ये कैसे हो सकता है कि पत्नी को उसके मूवमेंट के बारे में पता न हो। दूसरी- 3 जनवरी को की दोपहर 2 बजे जब मुकुंद काम से वापस आया, तो उसे घर के सामने ही रोक लिया गया था। इस दौरान प्रमिला ने उसकी बाइक के आगे बांस लगाकर रोका था। इसके बाद भाई मुकेश सामने आया और गोली चला दी। 10.20 बजे आखिरी बार साधना से बात, फिर मर्डर हुआ
मुकुंद ने पुलिस को बताया कि 2 जनवरी को मैं बगल के गांव में शटरिंग का काम करने गया था। जब घर पर होता था, तो रोज रात में सोने से पहले घर के दरवाजे अंदर की तरफ से बंद कर लेता था। उस रात ऐसा हुआ या नहीं, ये जानने के लिए मैंने रात में 12.20 बजे छोटी बहन साधना को फोन किया। लेकिन, उसने कॉल उठाया नहीं। बाद में मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। मन में शंका आने पर बड़ी बहन पुष्पा को कॉल किया। उसने बताया कि 10.20 बजे उसकी साधना से बात हुई थी। ये जानने के बाद मुझे लगा कि परिवार सो गया होगा। इसके बाद मैं निश्चिंत हो गया। छत के रास्ते दाखिल हुआ मुकेश
पिता रामवीर सिंह छत पर बने खपरैल में सोते थे। बहन साधना (21) और भांजी आस्था (14) नीचे कमरे में सोते थे। पुलिस को घर की कुंडी टूटी हुई नहीं मिली। ऐसे में तय है कि भाई मुकेश छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ था। छत पर भी खून साफ किया गया था। ऐसे में उसने पहले पिता से झगड़ा किया, फिर उनकी जान ले ली। आवाज सुनकर बहन और भांजी आईं, तो वह उनकी ओर लपका। दोनों भागकर नीचे गईं तो वह पीछा करते हुए पहुंचा। उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। पिता, बहन और भांजी सबकी गर्दन पर 1-1 वार, सब ढेर
सबसे चौंकाने वाला फैक्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिला है। डॉक्टर के मुताबिक, रामवीर, साधना और आस्था की गर्दन पर ही गहरे गांव मिले हैं। मुकेश ने तीनों की गर्दन पर 1-1 वार किया। ज्यादा खून बह जाने की वजह से उनकी मौत बताई गई है। गर्दन के अलावा तीनों लाशों के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए माना जा रहा है कि गर्दन पर वार होने के बाद सब ढेर हो गए। कोई उठ नहीं सका। मां-बाप को पीटता, भाई-बहन को गाली देता
मुकुंद ने बताया- मुकेश की शादी 2013 में हुई थी। 6 महीने बाद ही वह परिवार से अलग हो गया था। इसके बाद उसको जब भी मौका मिलता, मां-बाप से मारपीट करने लगता था। रोज खेत अपने नाम लिखने के लिए कहता। मुझसे और बहन साधना से भी मारपीट करता था। शादीशुदा बहनें कुछ कहती, तो उन्हें भी गालियां देता था। 2016 में मां की मौत के बाद भी उस पर कोई असर नहीं हुआ। वह पिता को परेशान करता था। अपनी कमाई का एक भी रुपया घर में नहीं देता था। बहन की शादी की बात पर पिता से कहता, खुद से व्यवस्था करो। पिता इसी बात से नाराज रहने लगे थे। 21 अप्रैल को होनी थी बहन की शादी
मुकुंद ने कहा- बहन साधना की शादी 21 अप्रैल को होनी थी। मुकेश को डर था कि कहीं पिता खेत बेचकर रुपए का इंतजाम न करें। उसकी हरकतों को देखकर ही पिता ने 4.5 बीघा जमीन मेरे नाम लिख दी थी। मुकेश अकेले इतनी बड़ी वारदात अंजाम नहीं दे सकता। एक अकेला इंसान 3 लोगों की हत्या कर ले, फिर लाशों को दूर ले जाकर कुएं में फेंक आए, वो भी रात और कोहरे के बीच, ऐसा संभव नहीं लगता। कत्ल से पहले नॉनवेज बनवाया, 3-4 मेहमान मौजूद रहे
मुकुंद की आशंका के बाद पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की। इसमें सामने आया कि 2 जनवरी की शाम को मुकेश के घर पर नॉनवेज बना था। बतौर मेहमान 3-4 लोग आए थे। वो लोग काफी देर तक उसके घर में ही थे। ये लोग कौन थे, यह किसी को नहीं पता। अब पुलिस संदिग्ध लोगों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। इस पूरे मामले में DCP कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा- अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक आरोपी ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया। उसकी पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है। जो भी फैक्ट सामने आते जा रहे हैं, उन्हें जांच में शामिल कर रहे। —————————- ये खबर भी पढ़ें – ‘पापा का मर्डर करना था, बहन-भांजी का नहीं’, दोनों ने देख लिया, इसलिए मारना पड़ा बेटे ने सिर्फ आधे बीघा खेत के लिए परिवार के 3 लोगों को कुल्हाड़ी से काट डाला। पिता राम वीर ने मौत से पहले बेटे से हाथापाई की। मगर 55 साल के रामवीर ज्यादा देर टिके नहीं, बेटे मुकेश ने उनका गला घोंट दिया। पढ़िए पूरी खबर….
प्लानिंग के तहत मुकेश ने सबसे पहले अपने तीनों बच्चों को साढ़ू के घर छोड़कर आया था। घर पर सिर्फ वो और उसकी पत्नी प्रमिला मौजूद थे। वो कभी अपने बच्चों को अकेले कहीं जाने नहीं देता था। ऐसा पहली बार हुआ था, लेकिन घर-परिवारवालों को समझ नहीं आया कि उसके पीछे की प्लानिंग क्या है? मुकुंद का आरोप है- मुकेश की पत्नी प्रमिला इस हत्याकांड की साजिश में शामिल है। ऐसा पुलिस 2 वजह से मान रही। पहली- 2 जनवरी की रात मर्डर करने के बाद मुकेश आधी रात को घर गया था। ये कैसे हो सकता है कि पत्नी को उसके मूवमेंट के बारे में पता न हो। दूसरी- 3 जनवरी को की दोपहर 2 बजे जब मुकुंद काम से वापस आया, तो उसे घर के सामने ही रोक लिया गया था। इस दौरान प्रमिला ने उसकी बाइक के आगे बांस लगाकर रोका था। इसके बाद भाई मुकेश सामने आया और गोली चला दी। 10.20 बजे आखिरी बार साधना से बात, फिर मर्डर हुआ
मुकुंद ने पुलिस को बताया कि 2 जनवरी को मैं बगल के गांव में शटरिंग का काम करने गया था। जब घर पर होता था, तो रोज रात में सोने से पहले घर के दरवाजे अंदर की तरफ से बंद कर लेता था। उस रात ऐसा हुआ या नहीं, ये जानने के लिए मैंने रात में 12.20 बजे छोटी बहन साधना को फोन किया। लेकिन, उसने कॉल उठाया नहीं। बाद में मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। मन में शंका आने पर बड़ी बहन पुष्पा को कॉल किया। उसने बताया कि 10.20 बजे उसकी साधना से बात हुई थी। ये जानने के बाद मुझे लगा कि परिवार सो गया होगा। इसके बाद मैं निश्चिंत हो गया। छत के रास्ते दाखिल हुआ मुकेश
पिता रामवीर सिंह छत पर बने खपरैल में सोते थे। बहन साधना (21) और भांजी आस्था (14) नीचे कमरे में सोते थे। पुलिस को घर की कुंडी टूटी हुई नहीं मिली। ऐसे में तय है कि भाई मुकेश छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ था। छत पर भी खून साफ किया गया था। ऐसे में उसने पहले पिता से झगड़ा किया, फिर उनकी जान ले ली। आवाज सुनकर बहन और भांजी आईं, तो वह उनकी ओर लपका। दोनों भागकर नीचे गईं तो वह पीछा करते हुए पहुंचा। उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। पिता, बहन और भांजी सबकी गर्दन पर 1-1 वार, सब ढेर
सबसे चौंकाने वाला फैक्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिला है। डॉक्टर के मुताबिक, रामवीर, साधना और आस्था की गर्दन पर ही गहरे गांव मिले हैं। मुकेश ने तीनों की गर्दन पर 1-1 वार किया। ज्यादा खून बह जाने की वजह से उनकी मौत बताई गई है। गर्दन के अलावा तीनों लाशों के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए माना जा रहा है कि गर्दन पर वार होने के बाद सब ढेर हो गए। कोई उठ नहीं सका। मां-बाप को पीटता, भाई-बहन को गाली देता
मुकुंद ने बताया- मुकेश की शादी 2013 में हुई थी। 6 महीने बाद ही वह परिवार से अलग हो गया था। इसके बाद उसको जब भी मौका मिलता, मां-बाप से मारपीट करने लगता था। रोज खेत अपने नाम लिखने के लिए कहता। मुझसे और बहन साधना से भी मारपीट करता था। शादीशुदा बहनें कुछ कहती, तो उन्हें भी गालियां देता था। 2016 में मां की मौत के बाद भी उस पर कोई असर नहीं हुआ। वह पिता को परेशान करता था। अपनी कमाई का एक भी रुपया घर में नहीं देता था। बहन की शादी की बात पर पिता से कहता, खुद से व्यवस्था करो। पिता इसी बात से नाराज रहने लगे थे। 21 अप्रैल को होनी थी बहन की शादी
मुकुंद ने कहा- बहन साधना की शादी 21 अप्रैल को होनी थी। मुकेश को डर था कि कहीं पिता खेत बेचकर रुपए का इंतजाम न करें। उसकी हरकतों को देखकर ही पिता ने 4.5 बीघा जमीन मेरे नाम लिख दी थी। मुकेश अकेले इतनी बड़ी वारदात अंजाम नहीं दे सकता। एक अकेला इंसान 3 लोगों की हत्या कर ले, फिर लाशों को दूर ले जाकर कुएं में फेंक आए, वो भी रात और कोहरे के बीच, ऐसा संभव नहीं लगता। कत्ल से पहले नॉनवेज बनवाया, 3-4 मेहमान मौजूद रहे
मुकुंद की आशंका के बाद पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की। इसमें सामने आया कि 2 जनवरी की शाम को मुकेश के घर पर नॉनवेज बना था। बतौर मेहमान 3-4 लोग आए थे। वो लोग काफी देर तक उसके घर में ही थे। ये लोग कौन थे, यह किसी को नहीं पता। अब पुलिस संदिग्ध लोगों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। इस पूरे मामले में DCP कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा- अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक आरोपी ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया। उसकी पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है। जो भी फैक्ट सामने आते जा रहे हैं, उन्हें जांच में शामिल कर रहे। —————————- ये खबर भी पढ़ें – ‘पापा का मर्डर करना था, बहन-भांजी का नहीं’, दोनों ने देख लिया, इसलिए मारना पड़ा बेटे ने सिर्फ आधे बीघा खेत के लिए परिवार के 3 लोगों को कुल्हाड़ी से काट डाला। पिता राम वीर ने मौत से पहले बेटे से हाथापाई की। मगर 55 साल के रामवीर ज्यादा देर टिके नहीं, बेटे मुकेश ने उनका गला घोंट दिया। पढ़िए पूरी खबर….