कन्नौज में ट्रेनी महिला कॉन्स्टेबल रानू जादौन ने बैरक के बाथरूम में दुपट्टे के फंदे से लटककर जान दे दी। उसकी साथी ट्रेनी महिला कॉन्स्टेबल ने देखा तो अफसर को बताया। पुलिस अफसर आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही महिला कॉन्स्टेबल के घरवाले एटा से कन्नौज पहुंचे। साथ ही कानपुर जोन के डीआईजी हरीश चंदर भी कन्नौज पुलिस लाइन पहुंचे। पुलिस ने महिला कॉन्स्टेबल का मोबाइल कब्जे में लिया है। इसमें कुछ चैट मिली हैं। पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर देवेश नाम के युवक के खिलाफ केस दर्ज किया है। महिला सिपाही की पहचान रानू जादौन (23) पुत्री श्यामवीर सिंह निवासी एटा के रूप में हुई है। रानू इसी साल हुई पुलिस में भर्ती हुई थी। कन्नौज की पुलिस लाइन में उसकी ट्रेनिंग चल रही थी। वह 17 जून को ट्रेनिंग के लिए एटा से कन्नौज आई थी। दरअसल, यूपी में 60,244 सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है। पिता ने बॉयफ्रेंड के खिलाफ दर्ज कराया केस
रानू जादौन के पिता श्यामवीर सिंह ने बेटी की मौत मामले में पुलिस को शिकायत दी है। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी बेटी रानू को माधवनगर में रहने वाला देवेश उर्फ देबू पुत्र पदम सिंह परेशान करता था। वह बेटी से नौकरी छोड़ने के लिए कहता था। इसके चलते बेटी परेशान रहती थी। मृतका के पिता की शिकायत पर कन्नौज थाना कोतवाली में देवेश उर्फ देबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। देवेश की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर रवाना किया गया है। मृतका का शव पोस्टमॉर्टम कराकर उसके घरवालों को सौंप दिया गया। सुबह की परेड में शामिल हुई थी
मृतका रानू जादौन के साथ ही उसके पड़ोस में रहने वाली उसकी बचपन की सहेली शिवानी भी कन्नौज पुलिस लाइन में रहकर ट्रेनिंग कर रही थी। शिवानी ने बताया कि रानू सुबह परेड में शामिल हुई थी, लेकिन दोपहर के समय क्लास में नहीं गई। रानू ने बताया था कि उसके कंधे में दर्द हो रहा है, जिसकी वजह से वह क्लास में नहीं जाएगी। 11 बजकर 44 मिनट पर रानू ने शिवानी को कॉल की, लेकिन नेटवर्क इश्यू के कारण कॉल नहीं लगी। सहेली के भाई को कॉल किया
इसके बाद रानू ने शिवानी के भाई शिवेंद्र को इंस्टाग्राम पर कॉल की। बोली- शिवानी से कहो, रानू दीदी से बात कर ले। शिवेंद्र ने शिवानी को कॉल कर बताया कि रानू दीदी से बात कर लो। ऐसे में शिवानी बैरक पहुंच गई, लेकिन वहां उसे रानू नहीं मिली। इसके बाद वह बैरक के बाथरूम की तरफ गई, जहां अंदर से गेट बंद था। शिवानी ने तत्काल अपने भाई शिवेंद्र को फोन कर पूरी बात बताई। साथ ही बैरक के अन्य सदस्यों को इस बारे में बताया। हालांकि, रानू के आत्महत्या करने का कारण शिवानी भी नहीं बता सकी। उसने बताया- कल (शनिवार को) रानू और मैं छुट्टी पर अपने घर जाने वाली थीं। परिवार में किसी की शादी है। हम लोग उसमें शामिल होने के लिए जाने वाले थे। पीसीएस की भी तैयारी की थी, पुलिस में हुआ सिलेक्शन
रानू जादौन रानू जादौन एटा के जलेसर के मोहल्ला हथौड़ा की रहने वाली थी। घर में एक छोटा भाई लक्की और माता-पिता हैं। रानू दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन राधा की 3 साल पहले शादी हो चुकी है। मामले की जानकारी मिलते ही घर के सभी लोग कन्नौज पहुंचे। रानू के पिता श्यामवीर सिंह की 15 बीघा खेती है और वह जलेसर के इसौली चौराहा पर तेल का स्पेलर चलाते हैं। रानू पुलिस से पहले आगरा में पीसीएस की कोचिंग कर रही थी। घरवालों ने बताया कि 24 दिन पहले रानू सिपाही भर्ती की ट्रेनिंग करने के लिए कन्नौज गई थी। उसको पिता श्यामवीर खुद ट्रेनिंग सेंटर छोड़कर आए थे। इसके महज 24 दिन बाद शुक्रवार को परिजनों को ट्रेनिंग सेंटर से रानू की मौत की खबर मिली। बच्चों को फ्री ट्यूशन पढ़ाती थी
रानू के चचेरे भाई आदित्य जादौन ने बताया- बहन पढ़ने में बहुत तेज थी। वह कक्षा-7 से लेकर 12 तक के बच्चों को फ्री ट्यूशन देती थी। इसके साथ ही सरकारी नौकरी की भी काफी समय से तैयारी कर रही थी। आदित्य ने बताया कि रानू ने 3 साल पहले आगरा में रहकर यूपीएससी की भी तैयारी की थी, जिसमें उनका नंबर नहीं आया था। इसके बाद रेनू ने उपनिरीक्षक भर्ती, टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती समेत कई सरकारी नौकरियों के लिए प्रयास किया था, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। फिर सिपाही भर्ती में उनका नंबर आया था, जिससे परिवार सभी खुश थे। इस मामले में एसपी विनोद कुमार का कहना है कि जेटीसी की ट्रेनिंग कर रही महिला आरक्षी ने व्यक्तिगत कारणों से सुसाइड किया है। उसने हॉस्टल के बाथरूम में टॉवल टांगने वाली रॉड में फांसी लगाई है। ————————— यह खबर भी पढ़ें… जिंदा करने के लिए महिला को गोबर के नीचे दबाया, सीतापुर में महिला को सांप ने डसा था, बाबा के कहने पर अभी भी नहीं निकाल रहे सीतापुर में एक महिला को सांप ने डस लिया। घर वालों ने एक तांत्रिक के कहने पर महिला को जिंदा कराने की आस में उसे रात को गोबर के नीचे दबा दिया और अभी तक नहीं निकाला गया है। तांत्रिक ने कहा है कि मेरी बात मानोगे तो महिला में जान वापस आ सकती है। परिवार वाले उस पर भरोसा करके अभी भी महिला को निकाल नहीं रहे हैं। पुलिस मामले की जानकारी पर पहुंची तो परिजनों ने वापस कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
रानू जादौन के पिता श्यामवीर सिंह ने बेटी की मौत मामले में पुलिस को शिकायत दी है। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी बेटी रानू को माधवनगर में रहने वाला देवेश उर्फ देबू पुत्र पदम सिंह परेशान करता था। वह बेटी से नौकरी छोड़ने के लिए कहता था। इसके चलते बेटी परेशान रहती थी। मृतका के पिता की शिकायत पर कन्नौज थाना कोतवाली में देवेश उर्फ देबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। देवेश की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर रवाना किया गया है। मृतका का शव पोस्टमॉर्टम कराकर उसके घरवालों को सौंप दिया गया। सुबह की परेड में शामिल हुई थी
मृतका रानू जादौन के साथ ही उसके पड़ोस में रहने वाली उसकी बचपन की सहेली शिवानी भी कन्नौज पुलिस लाइन में रहकर ट्रेनिंग कर रही थी। शिवानी ने बताया कि रानू सुबह परेड में शामिल हुई थी, लेकिन दोपहर के समय क्लास में नहीं गई। रानू ने बताया था कि उसके कंधे में दर्द हो रहा है, जिसकी वजह से वह क्लास में नहीं जाएगी। 11 बजकर 44 मिनट पर रानू ने शिवानी को कॉल की, लेकिन नेटवर्क इश्यू के कारण कॉल नहीं लगी। सहेली के भाई को कॉल किया
इसके बाद रानू ने शिवानी के भाई शिवेंद्र को इंस्टाग्राम पर कॉल की। बोली- शिवानी से कहो, रानू दीदी से बात कर ले। शिवेंद्र ने शिवानी को कॉल कर बताया कि रानू दीदी से बात कर लो। ऐसे में शिवानी बैरक पहुंच गई, लेकिन वहां उसे रानू नहीं मिली। इसके बाद वह बैरक के बाथरूम की तरफ गई, जहां अंदर से गेट बंद था। शिवानी ने तत्काल अपने भाई शिवेंद्र को फोन कर पूरी बात बताई। साथ ही बैरक के अन्य सदस्यों को इस बारे में बताया। हालांकि, रानू के आत्महत्या करने का कारण शिवानी भी नहीं बता सकी। उसने बताया- कल (शनिवार को) रानू और मैं छुट्टी पर अपने घर जाने वाली थीं। परिवार में किसी की शादी है। हम लोग उसमें शामिल होने के लिए जाने वाले थे। पीसीएस की भी तैयारी की थी, पुलिस में हुआ सिलेक्शन
रानू जादौन रानू जादौन एटा के जलेसर के मोहल्ला हथौड़ा की रहने वाली थी। घर में एक छोटा भाई लक्की और माता-पिता हैं। रानू दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन राधा की 3 साल पहले शादी हो चुकी है। मामले की जानकारी मिलते ही घर के सभी लोग कन्नौज पहुंचे। रानू के पिता श्यामवीर सिंह की 15 बीघा खेती है और वह जलेसर के इसौली चौराहा पर तेल का स्पेलर चलाते हैं। रानू पुलिस से पहले आगरा में पीसीएस की कोचिंग कर रही थी। घरवालों ने बताया कि 24 दिन पहले रानू सिपाही भर्ती की ट्रेनिंग करने के लिए कन्नौज गई थी। उसको पिता श्यामवीर खुद ट्रेनिंग सेंटर छोड़कर आए थे। इसके महज 24 दिन बाद शुक्रवार को परिजनों को ट्रेनिंग सेंटर से रानू की मौत की खबर मिली। बच्चों को फ्री ट्यूशन पढ़ाती थी
रानू के चचेरे भाई आदित्य जादौन ने बताया- बहन पढ़ने में बहुत तेज थी। वह कक्षा-7 से लेकर 12 तक के बच्चों को फ्री ट्यूशन देती थी। इसके साथ ही सरकारी नौकरी की भी काफी समय से तैयारी कर रही थी। आदित्य ने बताया कि रानू ने 3 साल पहले आगरा में रहकर यूपीएससी की भी तैयारी की थी, जिसमें उनका नंबर नहीं आया था। इसके बाद रेनू ने उपनिरीक्षक भर्ती, टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती समेत कई सरकारी नौकरियों के लिए प्रयास किया था, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। फिर सिपाही भर्ती में उनका नंबर आया था, जिससे परिवार सभी खुश थे। इस मामले में एसपी विनोद कुमार का कहना है कि जेटीसी की ट्रेनिंग कर रही महिला आरक्षी ने व्यक्तिगत कारणों से सुसाइड किया है। उसने हॉस्टल के बाथरूम में टॉवल टांगने वाली रॉड में फांसी लगाई है। ————————— यह खबर भी पढ़ें… जिंदा करने के लिए महिला को गोबर के नीचे दबाया, सीतापुर में महिला को सांप ने डसा था, बाबा के कहने पर अभी भी नहीं निकाल रहे सीतापुर में एक महिला को सांप ने डस लिया। घर वालों ने एक तांत्रिक के कहने पर महिला को जिंदा कराने की आस में उसे रात को गोबर के नीचे दबा दिया और अभी तक नहीं निकाला गया है। तांत्रिक ने कहा है कि मेरी बात मानोगे तो महिला में जान वापस आ सकती है। परिवार वाले उस पर भरोसा करके अभी भी महिला को निकाल नहीं रहे हैं। पुलिस मामले की जानकारी पर पहुंची तो परिजनों ने वापस कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…