मुरादनगर थाने के सामने बुधवार रात बारह बजे एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटनाक्रम की शुरुआत रात 10 बजे हुई। जब युवक का आरोपियों से कार निकालने को लेकर विवाद हुआ। विवाद के बाद आरोपी उसके घर पहुंचे और मारपीट की। युवक के घर के बाहर भी दो राउंड फायरिंग की। पीड़ित पक्ष ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस की सलाह पर युवक भाई के साथ थाने शिकायत करने पहुंचा। वहीं पर पीछे से पहुंचे आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। चार गोलियां लगने से युवक जमीन पर गिर पड़ा। जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल मोदीनगर के निवोक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर डीसीपी ग्रामीण और एसीपी मसूरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पूरी घटना दिल्ली- मेरठ मार्ग पर मुरादनगर थाने की है। पहले जानिए क्या था पूरा मामला कार हटाने को लेकर हुआ विवाद मुरादनगर थाना क्षेत्र के गांव मिल्क रावली निवासी रवि शर्मा बुधवार रात 10 बजे रास्ते से कार निकाल रहा था। तभी रवि शर्मा का मोहल्ले के ही अजय, मोंटी के बीच कार निकालने को लेकर विवाद हुआ। दोनों में गाली गलौज हुई। इसके बाद आरोपी रवि शर्मा के घर पहुंचे और मारपीट की। उसके घर के सामने दहशत फैलाने के लिए आरोपियों ने पिस्तौल से फायरिंग की। 15 दिन पहले ही जेल से छूटा था अजय रवि शर्मा की थाने के बाहर आधी रात को गोली मारकर हत्या करने वाला अजय चौधरी और रवि एक ही गांव के हैं। पुलिस की जांच पड़ताल में आया है कि गांव की एक लड़की से रेप के मामले में अजय को 6 माह पहले मुरादनगर पुलिस ने जेल भेजा था। 15 दिन पहले ही वह जेल से बाहर आया था। जहां बुधवार रात बीच गांव में कार हटाने को लेकर दोनों पक्ष में विवाद हुआ। अजय अपने दोस्तों को लेकर पिस्टल निकाल लाया। आया पहले गांव में मारपीट की, और फायरिंग की। उसके बाद विवाद थाने तक पहुंचा। बताया गया है कि अजय अपने साथियों के साथ पहले से ही थाने के गेट पर खड़ा था। रवि को देखते ही ताबड़तोड़ गोली बरसा दी। खबर लगातार अपडेट हो रही है —————- ये खबर भी पढ़िए भास्कर गंगा यात्रा-गाजीपुर में सीधे नदी में बहा रहे लाशें:गंगा और शिव की नगरी में नहाने लायक नहीं पानी, ओझला, अस्सी और वरुणा बनीं नाला गंगा गंगोत्री से निकल कर बंगाल की खाड़ी में समुद्र में समाती है। ऐसे में सवाल है कि उनका निवास स्थान कहां है? पुराण में खुद मां गंगा इस प्रश्न का जवाब देते हुए कहती हैं- जहां विंध्य पर्वत से गंगा का मिलन होता है, वहीं पर मैं निवास करती हूं। यूपी में मिर्जापुर जिले की यही पहचान है। लेकिन, हम लोग उनके निवास स्थल को भी कचरे से पाट रहे हैं। वाराणसी में तो गंगा इतनी प्रदूषित हो चुकी हैं कि उनका जल नहाने लायक भी नहीं बचा है। मणिकर्णिका घाट पर दिन-रात जलते शवों का अधजला हिस्सा इसी गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है। पूरी खबर पढ़िए