दरोगा बोले- पिस्टल नहीं है, पीछा नहीं कर सकता:प्रयागराज में गोवंश को काट डाला; विहिप कार्यकर्ताओं को चापड़ लेकर दौड़ाया

प्रयागराज में 3 युवकों ने गोवंश को काट डाला। विश्व हिंदू परिषद के लोग जब मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें चापड़ लेकर दौड़ा लिया। लोग पुलिस चौकी पहुंचे तो दरोगा ने कहा- मेरे पास पिस्टल नहीं है, इसलिए पीछा नहीं कर सकता। विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा विभाग ने लिखित शिकायत दी, इसके बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। बुधवार को विहिप के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने शिकायत की, इसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामला सोमवार का पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के बमरौली कछार क्षेत्र का है। विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा विभाग का कहना है कि एक पेड़ में बांधकर गोवंश को मारा गया है। अगर पुलिस समय रहते मौके पर पहुंच जाती, तो ऐसा नहीं होता। हम लोगों ने पीछा किया, तो चापड़ लेकर दौड़ा लिया। वहीं चौकी प्रभारी ने आरोपियों का पीछा नहीं किया। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला विहिप गोरक्षा के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने बताया- बमरौली कछार क्षेत्र में काफी समय से गोहत्या की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी को देखते हुए गोरक्षा कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। 4 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली कि कसाइयों ने एक गोवंश को सरसों के खेत में पेड़ के नीचे बांध रखा है। इस पर कार्यकर्ता अमित मिश्रा, मनीष कुशवाहा, मक्खन पाल और सुमित वर्मा ने बमरौली चौकी प्रभारी संजीव चौधरी को फोन कर तत्काल मौके पर पहुंचने का आग्रह किया। आरोप है कि चौकी प्रभारी करीब डेढ़ घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे। हथियार लहराते हुए फरार हुए आरोपी
कार्यकर्ताओं और पुलिस को आता देख आरोपी हाथों में चापड़ लहराते हुए फरार हो गए। कार्यकर्ताओं ने उनका काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके। विहिप का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने यह कहकर पीछा करने से मना कर दिया कि पिस्टल चौकी में है। पीछा करने से जान को खतरा हो सकता है। इसी कारण आरोपी फरार हो गए। FIR की बजाय शव दफनाने का आरोप
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लिखित सूचना देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बजाय जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाया गया और गोवंश के शव को वहीं दफना दिया गया। घटना की जानकारी 6 जनवरी को प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी को हुई। उन्होंने पुलिस उपायुक्त नगर और एडिशनल सीपी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। शव गड्ढे से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराया गया
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गोवंश के शव को गड्ढे से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद कार्यकर्ता अमित मिश्रा की शिकायत पर तीन अभियुक्तों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। लाल मणि तिवारी ने कहा कि अगर चौकी प्रभारी समय से मौके पर पहुंच जाते तो गोवंश की जान बच सकती थी। उन्होंने चौकी प्रभारी संजीव चौधरी को निलंबित करने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामले में एसीपी अजयेंद्र यादव ने बताया- पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के देर से पहुंचने के आरोप निराधार हैं। सूचना मिलते ही टीम गठित कर कार्रवाई की गई। ——————— ये खबर भी पढ़ें… BJP विधायक डॉक्टरों पर भड़के, बोले-मुझे शर्म आती है:लखीमपुर में हार्ट का डॉक्टर नहीं; गर्भवती महिला की जिंदगी लौटा पाओगे क्या? ‘मुझे शर्म आती है कि मेरे जिले में हार्ट का एक भी डॉक्टर नहीं है। जिले के जनप्रतिनिधि विधानसभा में कई बार ये मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत ये है कि एक MLA अस्पताल आया है और डॉक्टर बाहर तक नहीं आए हैं। ‘ पढ़ें पूरी खबर…