ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने मानसून सत्र से पहले विधान भवन और सचिवालय भवन से बरसाती पानी की निकासी का जायजा लिया। शर्मा ने नगर विकास विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ सचिवालय का निरीक्षण कर बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था को दुरुस्त कराया। बीते वर्ष पहली ही बरसात में मानसून सत्र के दौरान विधान भवन और सचिवालय में पानी भर गया था। बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था सही नहीं होने के कारण मंडप तक में पानी टपकने लगा था। विधान भवन और सचिवालय के कक्षों में दो-दो फीट तक पानी भरा था। विधानमंडल का मानसून सत्र 11 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने पिछले वर्ष हुई गलती से सबक लेकर इस वर्ष नगर विकास विभाग को सचिवालय से पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। नगर विकास मंत्री ने बताया कि विधानसभा भवन और सड़क के बीच कोई ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग के संयुक्त प्रयास से सचिवालय और विधान भवन परिसर के सब तरफ नालों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने दावा किया कि इस वर्ष की बरसात में अब तक विधानसभा और सचिवालय परिषद में बाहर से पानी नहीं गया है और इसके कारण परिसर के अंदर जलभराव नहीं हुआ है। नगर विकास मंत्री ने कहा कि विधान सभा सत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर राजधानी की छवि स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं सम्मानजनक दिखनी चाहिए।