नेपाल हिंसा में गाजियाबाद के ट्रांसपोर्टर की पत्नी की मौत हो गई। दोनों काठमांडू घूमने गए थे। जिस होटल में पति-पत्नी रुके थे, उपद्रवियों ने उसे आग के हवाले कर दिया। राहत-बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों का रेस्क्यू शुरू किया। होटल के नीचे गद्दे बिछाए गए। आग से बचने के लिए पति-पत्नी ने होटल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। इससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। दो दिन इलाज के बाद गुरुवार को महिला की मौत हो गई। पति काठमांडू से पत्नी का शव लेकर गाजियाबाद आ रहा है। शुक्रवार को अंतिम संस्कार होगा। महराजगंज में सोनौली-नेपाल बॉर्डर पर ट्रांसपोर्टर पति ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत की। कहा- इस समय नेपाल के बहुत बुरे हालात हैं। इंडिया के हजारों पर्यटक वहां परेशान हैं। उत्तराखंड, एमपी, राजस्थान और दिल्ली के लोग फंसे हैं। रो-बिलख रहे हैं। 3 फुटेज देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… 6 सितंबर को नेपाल गए थे पति-पत्नी
गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके की मास्टर कॉलोनी में रहने रामवीर सिंह गोला (58) ट्रांसपोर्टर हैं। वे अपनी पत्नी राजेश देवी गोला (55) अपने दो बेटों के साथ रहते थे। बड़ा बेटा विशाल अपने पिता के साथ बिजनेस में हाथ बंटाता है, जबकि छोटे बेटे राजकमल का इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम है। रामवीर और राजेश 6 सितंबर को घर से नेपाल के लिए निकले। 8 सितंबर को दोनों ने सबसे पहले काठमांडू में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन किए। वहां पूजन-अर्चना की। पूरा दिन घूमे-फिरे। घर पर वीडियो कॉल करके सभी काठमांडू के खूबसूरत नजारे दिखाए। इसके बाद रात में दोनों फिर हयात रेजिडेंसी होटल में ठहरे। अगले दिन फिर काठमांडू में नजदीकी जगहों पर घूमे-फिरे। उसी दिन सोमवार देर रात को होटल में अचानक अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों ने होटल में आग लगा दी थी। चारों तरफ शोर-शराबा, धुआं और आग की लपटें फैल गईं। जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से कूदे
चौथी मंजिल पर मौजूद रामवीर और राजेश घबराकर बाहर निकलने का रास्ता खोजने लगे। जान बचाने के लिए दोनों ने नीचे छलांग लगा दी। बिल्डिंग के ग्राउंड पर बचाव दल ने गद्दे बिछाए थे। जिस पर गिरकर दोनों की जान तो बच गई। लेकिन पत्नी राजेश गंभीर घायल हो गईं। आगे चलने पर माहौल और बिगड़ता चला गया। उपद्रवियों ने फिर हमला कर दिया। इसी दौरान रामवीर और राजेश बिछड़ गए। कई घंटे तक परिवार को उनकी कोई खबर नहीं मिली। इधर, परिवार को जब नेपाल हिंसा की जानकारी मिली, तो वो सभी परेशान हो गए। नेपाल में संपर्क की सारी सेवाएं बंद कर दी गईं थी। जिसकी वजह से परिवार के लोग किसी तरह से उनसे कॉन्टैक्ट नहीं कर पा रहे थे। पिता राहत शिविर में मिले
हिंसा के दो दिन बाद रामवीर सिंह के बेटे विशाल को नेपाल से फोन आया। बताया गया कि उनकी मां राजेश का इलाज के दौरान निधन हो गया है। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दूसरी ओर, रामवीर सिंह घायल अवस्था में एक राहत शिविर में मिले। पति का आरोप- नेपाल की पुलिस-आर्मी ने दिया साथ
पति रामवीर सिंह ने बताया, हम गाजियाबाद से पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन करने गए थे। वहां होटल हयात में रुके थे। वहां से जब हम निकलने लगे तो कर्फ्यू लग गया। एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। फिर दोबारा हमने दोबारा एक दिन के लिए स्टे होटल में और बढ़ाया। वहां दंगाई आ गए बजे। पूरे होटल में आग लगा दी। हमने कूद कर अपनी जान बचाई। इस दौरान मेरी पत्नी घायल हो गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहां ने एंबेसी ने कोई साथ दिया, न पुलिस और न ही आर्मी ने। अब मैं कभी जीवन में नेपाल नहीं आऊंगा। अपने साथियों को भी कह दूंगा कि वे नेपाल न आएं। वहां के बहुत बुरे हालात हैं। इंडिया के हजारों पर्यटक वहां परेशान हैं। उत्तराखंड, एमपी, राजस्थान और दिल्ली के लोग फंसे हैं। रो-बिलख रहे हैं। रिश्तेदार महराजगंज में नेपाल बॉर्डर पर पहुंचे
राजेश का शव नेपाल एम्बुलेंस से यूपी बॉर्डर तक लाया गया। यहां परिजन-रिश्तेदार इकट्ठा थे। रिश्तेदार तिलकराम ने बताया- नेपाल हिंसा में मेरी कजिन की मौत हो गई है। जब आगजनी और पथराव हो रहा था। वे लोग ऊपर कमरे में फंसे थे। आर्मी वाले उन्हें रस्सी के सहारे नीचे उतार रहे थे। इसी दौरान वह गिर गईं और घायल हो गईं। आर्मी उन्हें उठाकर ले गई। हमें एक दिन बाद पता चला। हम भटकते रहे। पता नहीं उन्हें कहां भर्ती कराया गया था। एम्बुलेंस शव नेपाल से लाया जा रहा है। यहां से हम लेकर बॉडी को जाएंगे। ………………… गाजियाबाद के दो और परिवार भी नेपाल घूमने गए थे। जोकि हिंसा में फंस गए थे। राहत की बात ये है कि ये दोनों परिवार किसी तरह बचते हुए निकल आए। काठमांडू हिंसा में फंसा गाजियाबाद का परिवार:दो दिन होटल में रहने के बाद आज शाम दिल्ली लौटेगा ये खबर भी पढ़िए- यूपी में कैमरे पर लाशों का सौदा, पोस्टमॉर्टम कर्मचारी-पुलिस की डील, बोले- एक लाश डेढ़ लाख में ‘महीने में 30 से 40 लाशें निकल जाती हैं। आप बहुत कम दे रहे हैं। अभी पुराना रिकॉर्ड देखा जाए… उस समय डेढ़ लाख का रेट चल रहा था। राममूर्ति वाले डेढ़ लाख रुपए देकर जाते थे।’ यह दावा है बरेली के पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारी सुनील का। यूपी के बरेली में लाशों का सौदा हो रहा है। दैनिक भास्कर के हिडन कैमरे पर सुनील कह रहा है- जो पैसे आप हमें दोगे, हम तो नमक के बराबर रखते हैं। बाकी पैसे ऊपर अधिकारी को देने पड़ते हैं। लाशों के इस सौदे में पुलिस भी शामिल है। पढ़ें पूरी खबर…
गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके की मास्टर कॉलोनी में रहने रामवीर सिंह गोला (58) ट्रांसपोर्टर हैं। वे अपनी पत्नी राजेश देवी गोला (55) अपने दो बेटों के साथ रहते थे। बड़ा बेटा विशाल अपने पिता के साथ बिजनेस में हाथ बंटाता है, जबकि छोटे बेटे राजकमल का इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम है। रामवीर और राजेश 6 सितंबर को घर से नेपाल के लिए निकले। 8 सितंबर को दोनों ने सबसे पहले काठमांडू में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन किए। वहां पूजन-अर्चना की। पूरा दिन घूमे-फिरे। घर पर वीडियो कॉल करके सभी काठमांडू के खूबसूरत नजारे दिखाए। इसके बाद रात में दोनों फिर हयात रेजिडेंसी होटल में ठहरे। अगले दिन फिर काठमांडू में नजदीकी जगहों पर घूमे-फिरे। उसी दिन सोमवार देर रात को होटल में अचानक अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों ने होटल में आग लगा दी थी। चारों तरफ शोर-शराबा, धुआं और आग की लपटें फैल गईं। जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से कूदे
चौथी मंजिल पर मौजूद रामवीर और राजेश घबराकर बाहर निकलने का रास्ता खोजने लगे। जान बचाने के लिए दोनों ने नीचे छलांग लगा दी। बिल्डिंग के ग्राउंड पर बचाव दल ने गद्दे बिछाए थे। जिस पर गिरकर दोनों की जान तो बच गई। लेकिन पत्नी राजेश गंभीर घायल हो गईं। आगे चलने पर माहौल और बिगड़ता चला गया। उपद्रवियों ने फिर हमला कर दिया। इसी दौरान रामवीर और राजेश बिछड़ गए। कई घंटे तक परिवार को उनकी कोई खबर नहीं मिली। इधर, परिवार को जब नेपाल हिंसा की जानकारी मिली, तो वो सभी परेशान हो गए। नेपाल में संपर्क की सारी सेवाएं बंद कर दी गईं थी। जिसकी वजह से परिवार के लोग किसी तरह से उनसे कॉन्टैक्ट नहीं कर पा रहे थे। पिता राहत शिविर में मिले
हिंसा के दो दिन बाद रामवीर सिंह के बेटे विशाल को नेपाल से फोन आया। बताया गया कि उनकी मां राजेश का इलाज के दौरान निधन हो गया है। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दूसरी ओर, रामवीर सिंह घायल अवस्था में एक राहत शिविर में मिले। पति का आरोप- नेपाल की पुलिस-आर्मी ने दिया साथ
पति रामवीर सिंह ने बताया, हम गाजियाबाद से पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन करने गए थे। वहां होटल हयात में रुके थे। वहां से जब हम निकलने लगे तो कर्फ्यू लग गया। एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। फिर दोबारा हमने दोबारा एक दिन के लिए स्टे होटल में और बढ़ाया। वहां दंगाई आ गए बजे। पूरे होटल में आग लगा दी। हमने कूद कर अपनी जान बचाई। इस दौरान मेरी पत्नी घायल हो गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहां ने एंबेसी ने कोई साथ दिया, न पुलिस और न ही आर्मी ने। अब मैं कभी जीवन में नेपाल नहीं आऊंगा। अपने साथियों को भी कह दूंगा कि वे नेपाल न आएं। वहां के बहुत बुरे हालात हैं। इंडिया के हजारों पर्यटक वहां परेशान हैं। उत्तराखंड, एमपी, राजस्थान और दिल्ली के लोग फंसे हैं। रो-बिलख रहे हैं। रिश्तेदार महराजगंज में नेपाल बॉर्डर पर पहुंचे
राजेश का शव नेपाल एम्बुलेंस से यूपी बॉर्डर तक लाया गया। यहां परिजन-रिश्तेदार इकट्ठा थे। रिश्तेदार तिलकराम ने बताया- नेपाल हिंसा में मेरी कजिन की मौत हो गई है। जब आगजनी और पथराव हो रहा था। वे लोग ऊपर कमरे में फंसे थे। आर्मी वाले उन्हें रस्सी के सहारे नीचे उतार रहे थे। इसी दौरान वह गिर गईं और घायल हो गईं। आर्मी उन्हें उठाकर ले गई। हमें एक दिन बाद पता चला। हम भटकते रहे। पता नहीं उन्हें कहां भर्ती कराया गया था। एम्बुलेंस शव नेपाल से लाया जा रहा है। यहां से हम लेकर बॉडी को जाएंगे। ………………… गाजियाबाद के दो और परिवार भी नेपाल घूमने गए थे। जोकि हिंसा में फंस गए थे। राहत की बात ये है कि ये दोनों परिवार किसी तरह बचते हुए निकल आए। काठमांडू हिंसा में फंसा गाजियाबाद का परिवार:दो दिन होटल में रहने के बाद आज शाम दिल्ली लौटेगा ये खबर भी पढ़िए- यूपी में कैमरे पर लाशों का सौदा, पोस्टमॉर्टम कर्मचारी-पुलिस की डील, बोले- एक लाश डेढ़ लाख में ‘महीने में 30 से 40 लाशें निकल जाती हैं। आप बहुत कम दे रहे हैं। अभी पुराना रिकॉर्ड देखा जाए… उस समय डेढ़ लाख का रेट चल रहा था। राममूर्ति वाले डेढ़ लाख रुपए देकर जाते थे।’ यह दावा है बरेली के पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारी सुनील का। यूपी के बरेली में लाशों का सौदा हो रहा है। दैनिक भास्कर के हिडन कैमरे पर सुनील कह रहा है- जो पैसे आप हमें दोगे, हम तो नमक के बराबर रखते हैं। बाकी पैसे ऊपर अधिकारी को देने पड़ते हैं। लाशों के इस सौदे में पुलिस भी शामिल है। पढ़ें पूरी खबर…