नेपाल से सटे जिलों में मदरसों पर क्यों चला बुलडोजर:यहां 50% तक बढ़ी मुस्लिम आबादी; यूपी पुलिस की रिपोर्ट में घुसपैठ की बात

नेपाल सीमा से सटे यूपी के जिलों में 25 से 27 अप्रैल के बीच बिना मान्यता वाले मदरसों और अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया गया। बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी और महराजगंज में चले अभियान में सैकड़ों अवैध कब्जे हटवाए गए। बिना मान्यता के मदरसों पर ताला लगवाया गया। सीएम योगी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर दायरे में किसी भी तरह के अवैध कब्जे, धार्मिक या शैक्षणिक संस्थान के अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी सरकार नेपाल से सटे यूपी के जिलों में मदरसों को लेकर क्यों सख्त है? इन जिलों में मुस्लिम आबादी कितनी है? क्यों कार्रवाई की जा रही? इसके राजनीतिक मायने क्या हैं? भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए- सवाल 1- नेपाल में चिह्नित मदरसों को ध्वस्त करने का मामला क्या है? जवाब- वक्फ कानून लागू होने के बाद सरकार सरकारी जमीन पर बने मदरसों, मस्जिदों और ईदगाहों की जांच कर रही है। सरकार ने इसे अवैध कब्जों के खिलाफ जांच बताया है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक सिर्फ बहराइच जिले में अतिक्रमण वाले 227 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें से पहले ही 63 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। 25 से 27 अप्रैल के बीच प्रशासन ने 26 अतिक्रमण और हटाए हैं। इसी तरह श्रावस्ती में ऐसे 119 अवैध कब्जों पर कार्रवाई चल रही है। सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में भी जांच में ऐसे अवैध कब्जे मिले। प्रशासन कोर्ट में पेंडिंग मामलों को छोड़कर ज्यादातर अवैध कब्जों पर बेदखली और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है। इसमें भी खासकर नेपाल सीमा से सटे 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में कड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी की जद में आने वाले अवैध मदरसों पर भी कार्रवाई की जा रही है। सवाल 2- मदरसों पर कार्रवाई को लेकर सरकार क्या कहती है? जवाब- यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी का कहना है कि सरकार मुस्लिम बच्चों के भविष्य को लेकर संजीदा है। सिर्फ अवैध बने मदरसों पर कार्रवाई कर रही है। सरकार दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा पर जोर दे रही है। जो भी संस्थान अवैध तरीके से बनाए गए हैं, उनको ध्वस्त किया जा रहा है। यूपी में साढ़े 16 हजार मदरसे ऐसे हैं, जो मान्यता प्राप्त हैं। इनके अलावा जो मदरसे हैं, वो सभी अवैध की श्रेणी में आते हैं। इसीलिए कार्रवाई की जा रही है। सवाल 3- नेपाल से सटे यूपी के जिलों में क्या यह पहली कार्रवाई है? जवाब- नेपाल सीमा से सटे यूपी के जिलों के डेमोग्राफी में बदलाव को लेकर सरकारें समय-समय पर समीक्षा करती रही हैं। सवाल 4- नेपाल से सटे यूपी के जिलों में मुस्लिम आबादी में क्या बदलाव आया? जवाब- साल 2022 में गृह मंत्रालय को यूपी पुलिस ने एक रिपोर्ट भेजी थी। इसमें पुलिस ने नेपाल से सटे प्रदेश के जिलों में बढ़ती मुस्लिम आबादी को लेकर चिंता जाहिर की थी। रिपोर्ट में राज्य की पुलिस ने बताया था कि नेपाल बॉर्डर से लगे 7 जिलों में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी है। ये 7 जिले- पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती और बहराइच हैं। यहां 10 साल में बॉर्डर से सटे 1047 गांव में मुस्लिम आबादी 50% से 32% तक बढ़ गई है। पिछले 4 साल में इन गांवों में मस्जिदों और मदरसों की संख्या 25% तक बढ़ गई है। जहां पहले इनकी संख्या 1349 थी, वहीं अब यह 1688 हो चुकी है। पुलिस ने रिपोर्ट में इस बढ़ते ग्राफ के पीछे घुसपैठ को वजह बताया था। सवाल 5- मुस्लिम आबादी बढ़ने को लेकर सरकार की चिंता क्या है? जवाब- यूपी पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल से सटे सिर्फ 5 जिलों में 1000 से ज्यादा गांव बसे हैं। इनमें से 116 गांवों में मुस्लिमों आबादी अब 50% से ज्यादा हो चुकी है। कुल 303 गांवों ऐसे हैं, जहां मुस्लिमों की आबादी 30% से 50% के बीच है। ऐसे में, राज्यों की पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना बन जाता है कि जो नए लोग पंचायतों के रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं, उनमें कितने वैध और कितने अवैध हैं। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह रहता है कि बाहर से आकर लोग बस गए हैं। इनके कागजात की जांच बेहद जटिल है। पुलिस रिपोर्ट में इस बात की ओर भी इशारा किया गया है कि सीमाई इलाकों में काफी समय से घुसपैठ जारी है। बाहर से आने वाले लोग ज्यादातर मुस्लिम हैं। सवाल 6- यूपी में मुस्लिम आबादी को लेकर जनगणना के आंकड़े क्या कहते हैं? जवाब- 2001 की जनगणना के मुताबिक, यूपी में 80.61% हिंदू आबादी और 18.50% मुस्लिम आबादी थी। 10 साल बाद 2011 में जनगणना हुई। इसके मुताबिक, प्रदेश में हिंदू आबादी 79.73% हो गई, जबकि मुस्लिम 19.26% हो गई। मतलब, 2001 से 2011 के 10 सालों में प्रदेश में हिंदुओं की आबादी 1.4% घट गई। इस बीच मुस्लिम आबादी 4.1% बढ़ गई। संख्या में बात करें तो 2011 की जनगणना के मुताबिक, राज्य की कुल आबादी 19.98 करोड़ है। इनमें करीब 15.9 करोड़ हिंदू और 3.84 करोड़ मुस्लिम हैं। जनगणना विभाग की मानें, तो यूपी के 57 जिलों में हिंदुओं की आबादी मुस्लिमों के मुकाबले धीमी गति से बढ़ रही है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, मुजफ्फरनगर में हिंदू आबादी 3.20% घट गई, जबकि मुस्लिम आबादी 3.22 फीसदी बढ़ गई। बिजनौर, कैराना, रामपुर और मुरादाबाद जैसे जिलों में यही ट्रेंड देखने को मिला। ———————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी के टॉपर्स की दिल को छूने वाली कहानी, किसी के पिता मजदूर तो किसी के पेंटर; गरीबी से लड़कर पाया मुकाम मेहनत-लगन से हर मंजिल आसान होती है। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट में भी यही देखने को मिला। कठिन परिस्थितियां भी टॉपर्स को रोक नहीं पाईं। 12वीं में प्रयागराज की जिस महक जायसवाल ने प्रदेशभर में टॉप किया है, उनके पिता परचून की दुकान चलाते हैं। इसी तरह बुलंदशहर में पेंटर-गार्ड का काम करने वाले के बेटे ने हाईस्कूल में जिला टॉप किया है। पढ़ें पूरी खबर