यूपी में कोरोना वायरस फिर से डरा रहा है। नोएडा में 24 घंटे के भीतर 19 लोगों की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यहां पहले कोरोना संक्रमितों की संख्या 24 थी। नए केस आने के बाद नोएडा में कोरोना संक्रमितों की संख्या 43 हो गई है। इसमें 21 पुरुष और 22 महिलाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सभी संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं। यूपी में शुक्रवार को एक्टिव केसेज की संख्या 59 पहुंच गई। कोरोना से आगरा में अब तक 2 की मौत हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए प्रयागराज भी अलर्ट मोड पर है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में ढाई साल बाद फिर से कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच शुरू होगी। यहां माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट ने शासन से RT-PCR जांच किट मांगी है। अब विस्तार से पढ़िए… नोएडा के जिला निगरानी अधिकारी डॉ. टीकम सिंह ने बताया, सभी मरीजों का इलाज घर में चल रहा है। जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए निजी अस्पतालों से संक्रमित मरीजों के एक- एक नमूने मांगे गए हैं। इन मरीजों के नमूने दिल्ली या लखनऊ भेजे जाएंगे, ताकि कोरोना वायरस के वेरिएंट के बारे में जानकारी मिल सके। सात दिनों के बाद मरीजों की दोबारा जांच की जाएगी। प्रयागराज सीएमओ बोले- कोविड को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं
प्रयागराज के CMO डॉ. एके तिवारी बताते हैं, कोविड को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई है। हम लोगों ने विभागीय अधिकारियों व डॉक्टरों के साथ बैठक कर तैयारी कर ली। सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड के लिए वार्ड रिजर्व किए जाएंगे। योगी ने कहा- चिंता की कोई बात नहीं
सीएम योगी ने 22 मई को कोविड-19 के नए सब वेरिएंट JN.1 के बढ़ते मामलों के बीच हाईलेवल बैठक की थी। उन्होंने यूपी में कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की थी। सीएम ने कहा था कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण को लेकर चिंता जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। एक्सपर्ट बोले- कोविड नियंत्रण में, सावधानी रखें
फरीदाबाद की मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अलका सिंह ने बताया- भारत में स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। संक्रमण की रफ्तार बहुत धीमी है जबकि थाईलैंड, सिंगापुर, हांगकांग व चीन में भी पिछले कुछ महीनों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दो मरीजों में कोविड-19 की पहचान की गई है। दोनों मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्कों की जांच की जा रही है। संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करके एहतियातन स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। अभी दोनों संक्रमित खतरे से बाहर हैं। स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सीय टीमें दोनों की निगरानी कर रही हैं। लोगों से अपील है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी में बुखार, सर्दी, जुकाम व खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सक से संपर्क करके जांच कराएं। इम्यूनिटी को कमजोर करता है JN.1 वैरिएंट
JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। यह अगस्त 2023 में पहली बार पाया गया था। दिसंबर 2023 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 पहले के वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। यह दुनिया के कई हिस्सों में सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक कहीं भी रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं। ——————– यह खबर भी पढ़ें… देश में कोरोना के 1828 एक्टिव केस, 15 मौतें:गुजरात में 1 दिन के नवजात की रिपोर्ट पॉजिटिव, 8 महीने की बच्ची ऑक्सीजन सपोर्ट पर देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्टिव केसेज की संख्या शुक्रवार को 1828 पहुंच गई। गुजराज के अहमदाबाद में एक दिन के नवजात की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्चे को ICU में रखा गया है। पिछले सप्ताह बच्चे की मां भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी, हालांकि अब उनकी रिपोर्ट निगेटिव है। इसके अलावा 8 महीने की एक बच्ची गुरुवार से ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। पढ़िए पूरी खबर
प्रयागराज के CMO डॉ. एके तिवारी बताते हैं, कोविड को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई है। हम लोगों ने विभागीय अधिकारियों व डॉक्टरों के साथ बैठक कर तैयारी कर ली। सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड के लिए वार्ड रिजर्व किए जाएंगे। योगी ने कहा- चिंता की कोई बात नहीं
सीएम योगी ने 22 मई को कोविड-19 के नए सब वेरिएंट JN.1 के बढ़ते मामलों के बीच हाईलेवल बैठक की थी। उन्होंने यूपी में कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की थी। सीएम ने कहा था कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण को लेकर चिंता जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। एक्सपर्ट बोले- कोविड नियंत्रण में, सावधानी रखें
फरीदाबाद की मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अलका सिंह ने बताया- भारत में स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। संक्रमण की रफ्तार बहुत धीमी है जबकि थाईलैंड, सिंगापुर, हांगकांग व चीन में भी पिछले कुछ महीनों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दो मरीजों में कोविड-19 की पहचान की गई है। दोनों मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्कों की जांच की जा रही है। संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करके एहतियातन स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। अभी दोनों संक्रमित खतरे से बाहर हैं। स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सीय टीमें दोनों की निगरानी कर रही हैं। लोगों से अपील है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी में बुखार, सर्दी, जुकाम व खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सक से संपर्क करके जांच कराएं। इम्यूनिटी को कमजोर करता है JN.1 वैरिएंट
JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। यह अगस्त 2023 में पहली बार पाया गया था। दिसंबर 2023 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 पहले के वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। यह दुनिया के कई हिस्सों में सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक कहीं भी रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं। ——————– यह खबर भी पढ़ें… देश में कोरोना के 1828 एक्टिव केस, 15 मौतें:गुजरात में 1 दिन के नवजात की रिपोर्ट पॉजिटिव, 8 महीने की बच्ची ऑक्सीजन सपोर्ट पर देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्टिव केसेज की संख्या शुक्रवार को 1828 पहुंच गई। गुजराज के अहमदाबाद में एक दिन के नवजात की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्चे को ICU में रखा गया है। पिछले सप्ताह बच्चे की मां भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी, हालांकि अब उनकी रिपोर्ट निगेटिव है। इसके अलावा 8 महीने की एक बच्ची गुरुवार से ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। पढ़िए पूरी खबर