नोएडा में 7 जगह किसानों की महापंचायत:प्राधिकरण को घेरा, 100 ट्रैक्टर से गलगोटिया अंडरपास पहुंचे; बढ़ी दर से मुआवजे की मांग

अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को नोएडा में किसान 7 जगहों पर महापंचायत कर रहे हैं। करीब 250 किसानों ने नोएडा प्राधिकरण को घेर लिया। जबकि गलगोटिया अंडरपास पर 100 से ज्यादा ट्रैक्टर से 1000 से ज्यादा किसान पहुंचे हैं। अभी भी किसानों के आने का क्रम जारी है। नोएडा प्राधिकरण का घेराव भारतीय किसान यूनियन (मंच) के बैनर तले किया जा रहा है। जबकि गलगोटिया अंडरपास पर किसान एकता संघ और भारतीय किसान यूनियन के लोग शामिल हो रहे हैं। वहीं भारतीय किसान परिषद ने अपने आपको इस आंदोलन से अलग रखा है। किसानों का कहना है कि मांगे पूरी होने तक डटे रहेंगे किसानों का कहना है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं। तो वह लोग यहां पर अनिश्चितकालीन धरने के लिए आए हैं। इसी लिए राशन से लेकर खाना-पानी सभी की व्यवस्था हमने पहले ही कर ली है। महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची हैं। जिससे हम आंदोलन को और अधिक धार दे सकें। इन 7 स्थानों पर एकत्र हो रहे किसान
नोएडा विकास प्राधिकरण
यमुना विकास प्राधिकरण
गलगोटिया यूनिवर्सिटी का कट
स्पोर्ट्स सिटी का वीआईपी गेट
सलारपुर अंडरपास
साबोता कट
रौनिजा अंडरपास देखिए तीन तस्वीरें
भारतीय किसान परिषद के साथ बैठक
मंगलवार को भारतीय किसान परिषद के प्रतिनिधिमंडल की बैठक नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम के साथ हुई थी। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा ने बताया कि बैठक में किसानों की समस्याएं रखी गई थी। जिसमें 5क के बाद 5ख व 5ग कर किसानों के नाम खतौनी में दाखिल करने का मुद्दा उठाया गया। जिसपर सीईओ नए जिला अधिकारी के स्तर से हस्ताक्षर कराकर प्रकरण को एक माह के भीतर निस्तारित करने का वादा किया। एक महीने में पांच प्रतिशत प्लाट लगाने का आश्वासन दिया गया। इस मामले में सीईओ ने कहा कि जल्द ही प्रमुख सचिव औद्योगिक से बातचीत कर कर गवर्नमेंट ऑर्डर जारी करवाया जाएगा। खलीफा ने कहा कि यदि इसी तरह किसानों के हितों के लिए काम होते रहेंगे तो वह प्राधिकरण के साथ सहयोग करेगा। भारतीय किसान यूनियन (मंच) की मांग
उन्होंने कहा कि किसानों की आबादी का निपटारा, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटित किए जाए। साथ ही अब करीब 2950 किसानों को किसान कोटा स्कीम का लाभ नहीं दिया गया। 5 प्रतिशत भूखंड पर कामर्शियल एक्टिविटी। ये सभी प्रस्ताव नोएडा की बोर्ड बैठक से पास होकर के लखनऊ गए। वह आज तक कैबिनेट में पास होकर वापस नहीं आए हैं। इस बार किसानों में भारी रोष है। पंचायत में शामिल होने आ रहे किसानों के लिए जीरो प्वाइंट पर स्थानीय किसानों ने दोपहर के खाने की व्यवस्था की। गर्मी और बारिश के बीच भी सेवा में जुटे किसानों ने सबके लिए भोजन, पानी और छांव का इंतजाम किया, ताकि दूर-दराज़ से आए लोगों को कोई परेशानी न हो। किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए