नोटों की मंडी, एक रुपए के 100 नोट 2700 में:यूपी में फ्रेश नोटों का भौकाल, दुकानदार बोला- बैंक से ब्लैक में खरीदकर बेच रहे

’10 रुपए के 100 फ्रेश (नए) नोट की गड्डी 1370 रुपए की पड़ेगी… 20 रुपए की गड्‌डी महंगी है… वो 2480 रुपए की पड़ेगी… 1 रुपए के 100 नोटों की गड्डी 2700 रुपए की… 10 लाख चाहिए… 5 लाख चाहिए… आप बस पेमेंट दीजिए… अभी दे देंगे… बैंक में आपको नए नोट की गड्डी नहीं मिलेगी… बैंक अफसर यहीं दे जाते हैं… हम ज्यादा पैसा देकर उनसे खरीद रहे हैं…।’ जो फ्रेश नोट आपको बैंकों से मिलने चाहिए, वे बैंक से ब्लैक होने के बाद यूपी की सड़कों पर बिक रहे हैं। इसका सेंटर पॉइंट है कानपुर का घंटाघर एरिया। यहां 1 रुपए के 100 फ्रेश नोट की गड्‌डी 2700 रुपए में बेची जा रही है। यानी 1 अमेरिकी डॉलर में 1 रुपए के केवल 3 फ्रेश नोट और 35 पैसे हाथ लगेंगे, जबकि डॉलर की कीमत 90 रुपए है। ऐसे ही 5, 10, 20 रुपए के फ्रेश नोटों पर एक्स्ट्रा चार्ज लगाकर बेचा जा रहा है। दरअसल, शादी का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में दूल्हे का हार और अन्य तरह की रस्म के लिए कड़क नोटों की डिमांड बढ़ गई हैं। जब आम लोग फ्रेश नोट लेने के लिए बैंकों में जाते हैं तो उन्हें नहीं मिलते। बैंक वाले यह कहकर लौटा देते हैं कि नए नोट नहीं हैं। जबकि RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के सख्त आदेश हैं कि फ्रेश नोट होने पर बैंक इनकार नहीं कर सकते। RBI से बैंकों में पहुंचे फ्रेश नोट मार्केट में बिकने के लिए कैसे आ गए? इस सवाल के जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने कानपुर में इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए, पूरा खुलासा… क्या बाजार में फ्रेश नोट हैं? हमारे इन्वेस्टिगेशन की शुरुआत इस सवाल से हुई। हम कानपुर के शास्त्रीनगर पहुंचे। यहां फ्रेश नोटों की माला बनाकर बेची जाती है। हमारी मुलाकात रूबी से हुई। उसने हमें बताया कि फ्रेश नोटों की गड्‌डी अगर हमसे लेंगे तो 500 रुपए एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाएगा, क्योंकि वह भी फ्रेश नोट घंटाघर एरिया की दुकानों से महंगे दामों पर खरीदकर लाती हैं। रिपोर्टर: नोटों की माला बनवानी है…?
रुबी: कौन सी… 10 वाली या 20 वाली…? रिपोर्टर: 10 वाले नोट की कितने की पड़ेगी…?
रुबी: नोटों की गड्डी आप देंगे… या हमें अपने पास से लगाना होगा…? रिपोर्टर: दोनों का बता दो…।
रुबी: एक माला में 500 रुपए के 10 वाले नोट लगते हैं…आप कितने नोट लगवाएंगे…? रिपोर्टर: मान लो… 10 के नोट की 1000 रुपए की गड्डी (100 नए नोट) लगवाएं तो…?
रुबी: गड्डी आप देंगे तो हम 300 रुपए लगवाई लेंगे…। रिपोर्टर: गड्डी आप दो तो कितना लगेगा ​फिर…?
रुबी: फिर टोटल 1800 रुपए पड़ेगा…। रिपोर्टर: मतलब… इतना ज्यादा क्यों लगेगा… 1000 रुपए की गड्डी… और 300 रुपए लगवाई… 1300 रुपए हुए… फिर 1800 रुपए क्यों…?
रुबी: 500 रुपए कड़े (फ्रेश) नोट का चार्ज लगेगा…। रुबी की बात से साफ हो गया कि फ्रेश नोटों के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाता है। अब हमें यह पता करना था कि नए नोट कहां बिक रहे हैं? इसके जवाब के लिए हमने बातचीत आगे बढ़ाई। ब्लैक में खरीदकर लाते हैं फ्रेश नोटों की गड्डियां रिपोर्टर: आप लोग नए नोटों की गड्डी कहां से लाते हैं…?
रुबी: ब्लैक में खरीदकर लाते हैं…। रिपोर्टर: कहां से लाते हैं नए नोटों की गड्डी…?
रुबी: घंटाघर में बिकती है… वहीं से खरीदकर लाते हैं…। रिपोर्टर: अगर हम लोग वहीं से खरीदकर लाएं तो कितने की मिल जाएगी…?
रुबी: आप वहां जाकर पता कर लीजिए… कितने की है…? रिपोर्टर: फिर भी कितने की मिलेगी…?
रुबी: वहां रोज का अलग-अलग रेट होता है… तुरंत रेट बदल जाता है…। रिपोर्टर: अच्छा… कोई फिक्स रेट नहीं होता वहां…?
रुबी: नहीं… कोई फिक्स रेट नहीं है…। यहां से हमें पता चल गया कि कानपुर के घंटाघर एरिया में फ्रेश नोटों की गड्डियां ब्लैक में बिक रही हैं। यहां रोज रेट बदलते रहते हैं। अब चलिए फ्रेश नोटों की मंडी, यहां ब्लैक मार्केटिंग समझते हैं… इसके बाद हम घंटाघर पहुंचे। यहां सड़क किनारे दुकानें लगी थीं। ज्यादातर दुकानों के नाम नहीं थे। दुकानों पर बस यही लिखा था- यहां कटे-फटे, पुराने नोट बदले जाते हैं। हम अनिल ब्रदर्स पर पहुंचे। यहां हमें दुकानदार विजय मिले। विजय ने बताया कि बैंक वाले आते हैं और फ्रेश नोटों की गड्डियां हमें बेचकर जाते हैं, हम अपना परसेंटेज जोड़कर आपको बेच रहे हैं। रिपोर्टर: चाचा… हम लोग वेडिंग प्लानर हैं… नए नोटों की गड्डियां चाहिए…।
विजय: हां तो आप लोगों को जरूरत पड़ती होगी… मिल जाएगा…। रिपोर्टर: 10 रुपए के नोटों की एक गड्‌डी (100 नोट) कितने की मिल जाएगी…?
विजय: 10 रुपए वाली… आपको 1370 रुपए की पड़ेगी…। रिपोर्टर: 20 रुपए वाली कितने की पड़ेगी…?
विजय: ​20 वाली उससे महंगी है… 2480 रुपए (20 रुपए के 100 नोट) की पड़ेगी। रिपोर्टर: 1 रुपए के नोट वाली गड्डी भी मिल जाएगी क्या…?
विजय: मिलेगी… यहां सबकुछ मिल जाएगा…। रिपोर्टर: 1 रुपए वाली पुरानी गड्‌डी (100 नोट) कितने की मिलेगी…?
विजय: 1 रुपए वाली… आपको 1400 रुपए (1 रुपए के 100 नोट) में मिलेगी… और 5 रुपए वाली गड्डी 1300 रुपए (5 रुपए के 100 नोट) की मिलेगी…। रिपोर्टर: 100 रुपए और 50 रुपए की गड्डी भी मिल जाएगी क्या…?
विजय: 100 रुपए वाली… आपको मिलेगी 120 रुपए एक्स्ट्रा देने पर… 50 रुपए वाली 5170 रुपए (50 रुपए के 100 नोट) की मिलेगी…। विजय की बातों से साफ हो गया कि इस बाजार में हर तरह के फ्रेश नोट हैं। बस, सबके लिए एक्स्ट्रा कीमत चुकानी होगी। अब हम जानना चाहते थे कि यहां कितने फ्रेश नोट हैं? ये यहां आते कैसे हैं? इसके जवाब के लिए जब हमने विजय से बात की तो उन्होंने बताया कि जितने चाहेंगे, मिल जाएंगे। बैंक वाले खुद आकर उन्हें देते हैं। 10 लाख… 5 लाख… जितने फ्रेश नोट चाहिए, सब मिलेंगे विजय: रेट रोज ऊपर-नीचे होते हैं… कम-ज्यादा…।
रिपोर्टर: लेकिन हम लोगों को बल्क में चाहिए… मतलब ज्यादा चाहिए…। विजय: कितना ज्यादा चाहिए… 10 लाख चाहिए… 5 लाख चाहिए… अभी मिलेगा… बस आप पेमेंट गिनिए…।
रिपोर्टर: दरअसल… हम लोग बैंक गए थे… अप्लीकेशन भी दिए… लेकिन उन लोगों ने कह दिया… अभी नहीं है…। विजय: बैंक में आपको नहीं मिलेगी गड्डी… बैंक में आपको 100 रुपए की गड्डी मिल सकती है…।
रिपोर्टर: बैंक जाकर हम लोग बहुत परेशान हुए… लेकिन नहीं मिली… वहां बोले- आएंगे तब देंगे…। विजय: आएगा तब देंगे न… यहां बट्टा (कमीशन) लगेगा… सब मिल जाएगा… सा$@ वही सब दे जाते हैं… बैंक के सारे अधिकारी यहीं दे जाते हैं… कोई बाहरी तो दे नहीं जाता… जब यहां हम लोग बैंक वालों को अधिक पैसा देकर खरीद रहे हैं तो वो तुम्हें क्यों देगा…? दुकानदार विजय की बातों से बैंक वालों से उनकी मिलीभगत उजागर हो गई। अब हम यह जानना चाहते थे कि इस ब्लैक मेलिंग में बैंक वाले कितना कमाते हैं? जब हमने विजय से बातचीत आगे बढ़ाई तो उसने कहा- बैंक वाले भी अच्छी कमाई कर लेते हैं। उसने यह भी बताया कि यहां ऑनलाइन नहीं चलता, सारा लेनदेन कैश में होता है। 1000 फ्रेश नोटों पर 3500 रुपए एक्स्ट्रा चार्ज करते हैं बैंक वाले रिपोर्टर: 1 गड्डी (100 नए नोट) पर बैंक वालों को कितना मिलेगा…?
विजय: बैंक वाला आपको कड़े (फ्रेश) नोटों का बंडल (10 गड्‌डी) देगा तो उसे कुछ नहीं मिलेगा… यहां 100 नोटों की 1 गड्डी पर उसको 350 रुपए मिलेंगे यानी कि 1 बंडल (10 गड्‌डी = 1000 नए नोट) पर 3500 रुपए बढ़कर मिल रहे हैं… तो आपको क्यों देगा…? रिपोर्टर: इसलिए हम लोगों को नहीं देते…?
विजय: ग्राहकों को नहीं देते बैंक वाले… सब यहीं लेकर आते हैं…। रिपोर्टर: अच्छा… आपको पहले से बताना पड़ेगा या तत्काल मिल जाएगा…?
विजय: तुरंत मिलेगा… अभी बताओ… क्या-क्या चाहिए… अभी दे देंगे… क्या करेंगे इतने नोट का…। रिपोर्टर: हम लोग शादी का ठेका लेते हैं… क्लाइंट मांगता है…।
विजय: फिर क्या दिक्कत… उनसे 50 हजार बढ़ाकर ले लो… सब हो जाएगा…। रिपोर्टर: अच्छा… ऑनलाइन पैसा ले लेंगे आप…?
विजय: कैश पेमेंट चलता है… यहां ऑनलाइन का कोई काम नहीं होता…। रिपोर्टर: माला में भी यूज होता है न…?​​​​​​​
विजय: माला… जयमाला… सब में यूज होता है नोट… रुपया दिखाओ… सब माल मिलेगा… जो चाहेंगे… वो मिलेगा…। विजय की बातों ने साफ कर दिया कि बाजार में फ्रेश नोटों की कमी नहीं है। अब हम यह जानना चाहते थे कि सबसे महंगा फ्रेश नोट कौन-सा है? इसके जवाब में विजय ने हमें 1 रुपए का नोट दिखाया। कहा- ये 100 नोट 2700 रुपए के आएंगे। 1 रुपए की पुरानी गड्‌डी 1500 रुपए, नई गड्‌डी 2700 रुपए की मिलेगी रिपोर्टर: 1 रुपए वाली… पुराने नोट की गड्डी मिलेगी… या नए नोट की…?​​​​​​​
विजय: दोनों मिलेगी… पुराने नोट की गड्डी 1500 रुपए की है… नए नोट की गड्डी 2700 रुपए की है…। रिपोर्टर: अरे… 2700 रुपए की… उसमें रहेंगे सिर्फ 100 नोट ही न…?
विजय: हां… सिर्फ 100 नोट ही रहेंगे…। रिपोर्टर: अच्छा… अब नया आता नहीं होगा न…?​​​​​​​
विजय: बैंक में माल है ही नहीं… बाबू और अधिकारी सब अपने घर में रखते हैं…। रिपोर्टर: अच्छा… बैंक के बाबू घर में रखते हैं…?
विजय: तमाम अधिकारी अपने घर में रखे हैं… जब उनको पैसा मिल रहा है तो किसी और को क्यों देंगे…? विजय का दावा है कि बैंक अफसर फ्रेश नोट बैंकों में न रखकर अपने घर में रखते हैं। वे मार्केट में लाकर इन्हें बेच रहे हैं। अब चलिए बैंक, यहां फ्रेश नोट मिलते हैं या नहीं?
फ्रेश नोटों की मंडी से निकलकर हम बैंक पहुंचे। हम यह जानना चाहते थे कि यहां फ्रेश नोट मिलते हैं या नहीं? हम कानपुर के कल्याणपुर HDFC बैंक पहुंचे। यहां बैंक कर्मचारी को बताया कि घर में शादी है, फ्रेश नोट चाहिए। इस पर कैशियर ने कहा- अभी तत्काल में फ्रेश नोट नहीं है। शादी का कार्ड और एप्लिकेशन लेकर 14 जनवरी के बाद आइए। अगर गडि्डयां होंगी तो दे देंगे। बहुत ज्यादा तो नहीं मिल पाएंगी। कोशिश करेंगे कि एक गड्‌डी आपको दे दें। वहीं, जब भास्कर टीम ने भारतीय स्टेट बैंक स्वरूप नगर ब्रांच में जाकर कड़े नोटों के गड्डियों की डिमांड की तो बैंक कर्मचारी ने कहा, आप अपने होम ब्रांच पर जाकर इसके लिए बात कीजिए, अगर ब्रांच पर गड्डियां उपलब्ध होंगी तो मिल जाएंगी। बैंक दे रहे फ्रेश नोट, बैंककर्मी मार्केट में नोट बेच रहे तो कार्रवाई करेंगे कानपुर लीड बैंक मैनेजर आदित्य चंद्रा ने बताया- अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, जिसमें बैंक कर्मियों द्वारा फ्रेश नोट मार्केट में बेचने की बात सामने आई हो। अगर मामला आएगा तो बैंककर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर ग्राहक शादी के लिए बड़ी रकम निकालते टाइम फ्रेश नोट की डिमांड करते हैं तो नए नोटों की गड्डियां दी जाती हैं। ग्राहक और बैंक के तालमेल पर डिपेंड है कि उसे कितने फ्रेश नोट मिलते हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी में पैसे लेकर कागजों में बढ़ा रहे दिव्यांगता:सरकारी नौकरी चाहिए या पेंशन… जैसा यूज, वैसा रेट; देखिए स्टिंग ‘देखिए… दिव्यांगता का परसेंटेज बढ़ाने के 20 हजार रुपए लगेंगे… इसी में डॉक्टर का हिस्सा रहेगा। उन्हें बता देते हैं- ये अपना जानने वाला है तो हो जाता है। वे 10 हजार लेते हैं… डिसेबिलिटी 5% बढ़ा देंगे…।’ ये सौदेबाजी स्वास्थ्य विभाग के सरकारी बाबू कर रहे हैं, ये रुपया लेकर कागजों पर दिव्यांगता (डिसेबिलिटी) का परसेंटेज बढ़ा देते हैं। दिव्यांगता बढ़ाकर लेने वाले सर्टिफिकेट का यूज क्या है? अगर दिव्यांग पेंशन के लिए चाहिए तो रेट कम लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर