मेरठ में एक युवक ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। पत्नी मायके में रहकर पति को इमोशनल तौर पर प्रताड़ित कर रही थी। ससुरालवालों ने उस पर झूठा केस करा दिया था। इसके बाद वो लगातार फंसाने की धमकी देकर परेशान कर रहे थे। ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने खुद की जान ले ली। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुसाइड से पहले युवक ने तीन वीडियो भी बनाएं हैं। जिसमें उसने कई लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। पहला वीडियो- 20 सालों में हम मियांबीबी में कभी लड़ाई नहीं हुई मरने से पहले 3 मिनट 40 सेकेंड के वीडियो में मृतक जान मोहम्मद ने कहा- मुझे 420 के मामले में फंसाया जा रहा है। मेरे 4 साले इसरार, शान मोहम्मद, कासिम और शारिफ हैं। मेरी सास भी इसमें शामिल है। मेरे साड़ू सलाउद्दीन और सलमान भी मुझे फंसाने में शामिल है। मेरा भाई शान मोहम्मद और उसकी पत्नी तब्स्सुम भी इसमें शामिल है। 20 साल से पत्नी मेरे साथ रह रही है। मैंने उसे कभी कुछ नहीं कहा। मेरे साले मुझसे कहते हैं कि मकान हमारे नाम कर दें, नहीं तो 307 में उम्रकैद करवा देंगे। मैंने कभी थाना-चौकी नहीं देखी। 20 सालों में हम मियांबीबी में कभी लड़ाई नहीं हुई। रोते हुए कहा- पता नहीं अब क्या हुआ कि पत्नी बदल गई। मैं ढाई महीने से उसका इलाज करा रहा हूं, मेरे पास सारे प्रूफ हैं। अगर मुझे कुछ हो गया तो इसके जिम्मेदार ये होंगे। मेरी 5 बेटियां हैं। मैं जेल चला गया तो उन्हें कौन देखेगा। मां उधर अपने मायके में हैं बाप जेल चला जाएगा तो मेरी बेटियों को कौन देखेगा। मैं तो मर ही गया साहब.. मेरे जाने के बाद ये मकान मेरी बेटियों का है। इस पर और किसी का अधिकार नहीं हैं। मेरी 4 बेटियां हैं। मकान पर बस उनका हक है और किसी का नहीं हैं। एक बेटी की शादी मैं कर चुका हूं। मैं एक इज्जतवाला आदमी हूं। पत्नी की देखभाल में पिछले ढाई महीने में अपना सबकुछ लगा दिया। अभी एक बेटी की शादी की है। पिछले महीने की 24 तारीख को ही बेटी का निकाह किया है। मेरे मोहल्ले वालों ने मेरा इस शादी में बहुत साथ दिया। बेटी की शादी तक में मैं अपनी पत्नी की देखभाल में अस्पताल में लगा रहा, उसे दिल्ली सफरदगंज में लेकर गया। दूसरा वीडियो- अब जीने को मन नहीं करता 4 मिनट 21 सेकेंड के दूसरे वीडियो में जान ने कहा- मेरा नाम जान मोहम्मद है, मैं बेगुनाह हूं, मैं आप सभी से माफी मांगता हूं लेकिन मैं मजबूर हूं। मेरी घरवाली और मेरे साले जो मेरे साथ कर रहे हैं, मैं मजबूर हूं। साहब मैं अपने पूरे होश में ये गवाही दे रहा हूं। वो लोग मकान मांग रहे हैं कि मकान मेरे बेटे के नाम कर दें। तो हम अपनी बहन को यहां भेज देंगे। अगर मैं ये मकान सालों को दे दूंगा, तो मेरी बेटी कहां जाएंगी। मैं तो पहले ही लुटकर बर्बाद हो गया। पत्नी का मैंने ढाई महीने इलाज करवाया है। उसके इलाज के लिए मैंने ये मकान गिरवी रखा है, मेरा टैम्पो भी बिक गया है। जो पैसे थे। वो सब खत्म हो गए। मेरी बेटी की शादी पड़ोसियों ने की है। मेरे साथ नाइंसाफी और गलत हो रहा है। अब जीने को मन नहीं करता। मैं ये दुनिया छोड़कर जा रहा हूं। मेरे बाद में जो मेरा मकान मेरी बेटियों का होना चाहिए, जो मेरी चार बेटियां हैं। और किसी का ये मकान नहीं होना चाहिए। ससुराल वालों ने थाने में रिपोर्ट की थी। मेरे पास थाने से मैडम का फोन आया था। मैडम बोली- आप जान मोहम्मद बोल रहे हो। मैं थाना-कचहरी नहीं जानता। मेरे साले ये काम करवा रहे हैं। आज से 14 साल पहले इन्होंने अपनी एक बहन को जहर देकर मार दिया था। उसका नाम रेशमा था। लेकिन मेरे साले मेरे साथ सही नहीं कर रहे। मेरी गुजारिश है ये मकान मेरी बेटियों का होना चाहिए। पत्नी भी मेरा साथ छोड़ चुकी है, मैं तो फिर भी झेल जाऊंगा। लेकिन मेरी बेटियों का क्या होगा। न उस मां ने सोचा न उनके मामाओं ने बेटियों के बारे में सोचा है। साहब ये मकान मेरी बेटियों को दिलवा देना। तीसरा वीडियो- मैं तो मर ही गया, शहनाज तूने सब खत्म कर दिया 3 मिनट 5 सेकेंड के आखिरी वीडियो में जान बोला- साहब मेरी बेटी की शादी में मेरे सालों ने कोई मदद नहीं की है। जब मेरी पत्नी ने पैसे मांगे तो मेरी पत्नी को भड़काया। मैक्स अस्पताल में बयान दे दिया कि मैंने तेजाब पिया है। पति से परेशान होकर ऐसा किया है। इस काम में मेरे साले शामिल हैं। अगर वो लोग मुझसे मदद मांगते मैं जान दे देता। मैं अपनी पत्नी से कहता कि शहनाज तुझे कुछ हो गया, तो मैं जी नहीं पाऊंगा। हम दोनों में इतनी मोहब्बत थी। अल्लाह के वास्ते जो मेरा मकान है वो मेरी बेटियां को दिया जाए। मैं तो मर ही गया, शहनाज तूने सब खत्म कर दिया। इस मकान पर शहनाज का भी हक नहीं है। जिसने अपने आदमी को नहीं समझा, वो बच्चों को क्या समझेगी। मैं चाहता हूं। ये प्रशासन सारी तहकीकात कर ले कि गलती किसकी है। मुझे दो बार थाने में बुलाया। मैं दोनों बार थाने में गया। तब मुझे बताया गया कि मैं बेकसूर हूं मेरे ससुराली मुझे फंसा रहे हैं। फिर ये लोग एसएसपी साहब के पास चले गए। मैं चाहता था कि हमारा फैसला हो जाए। तो ससुरालियों ने फैसले में मुझसे ये मकान मांग लिया। मैं मकान देकर कहां जाऊंगा, मेरे बच्चे कहां जाएंगे। इधर भी मरा उधर भी मरा। साहब मैं तो मरा हुआ ही हूं। इससे बढ़िया जिंदगी खत्म हो जाए। साहब इस महिला ने बच्चों के बारे में नहीं सोचा, अपने भाइयों के कहने में आ गई। मैं बेकसूर हूं, तहकीकात गांव तक होनी चाहिए। मैंने आज तक इनसे कुछ नहीं कहा, पड़ोसी भी ये सारी बात बता देंगे। साहब मैं तो जा रहा हूं… देखें घटनास्थल की तस्वीरें 20 साल पहले हुई शादी घर में 5 बेटियां मामला लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के सुहैल गार्डन का है। यहां रहने वाले जान मोहम्मद (40) अपनी मां, पत्नी, 5 बेटियों, चारों भाईयों और उनके परिवार के साथ रहते थे। जान के सबसे बड़े भाई का नाम आस मोहम्मद, दूसरे नंबर पर जान मोहम्मद था। तीसरे नंबर पर मानु और चौथा सबसे छोटा भाई रहीस है। जान मोहम्मद की शादी 20 साल पहले जलालाबाद मुरादनगर की रहने वाली शहनाज के साथ हुई थी। दोनों के 5 बेटियां हैं। जान मोहम्मद होटलों में खाना बनाने का काम करता था। पत्नी ने तीन महीने पहले खाया था जहर मृतक जान मोहम्मद के भाई मानु ने बताया- मेरी भाभी शहनाज ने 3 महीने पहले खुद ब खुद तेजाब पीकर सुसाइड करने की कोशिश की थी। लेकिन वो जिंदा बच गई थी। तबसे हमारा भइया ही उनका इलाज करा रहे थे। अभी 10 दिन पहले उनके मायके वाले भाभी को लेकर मुरादनगर चले गए। साथ ही तीन बेटियों को भी अपने साथ ले गई थी। वहीं 2 बेटियां यहां भईया के साथ के रह रही थीं। अब भईया के ससुरालवाले आए दिन उनको डरा रहे थे। उनसे कहते तुझे जेल में से नहीं निकलने देंगे। 25 साल के लिए जेल करा देंगे। तुम्हारा मकान बिकवा देंगे। भईया के मन में डर बैठ गया था उनके ससुरालियों ने पत्नी को डराने, धमकाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए भईया के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया था। आए दिन ससुराल पक्ष भईया को परेशान करता और डराता- धमकाता था। इस तरह से उन्होंने मेरे भाई के मन में डर बैठा दिया। हम लोगों ने भईया को बहुत समझाया, लेकिन उसके दिल का डर नहीं निकला। डर के कारण ही मेरे भाई ने आज जहर पी लिया। सुबह लगभग 6 बजे भाई ने जहर पी लिया। जैसे ही हम लोगों को पता चला, हम उन्हें सबसे पहले मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां डॉक्टरों ने बताया कि वो खत्म हो गए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। …………………. ये खबर भी पढ़िए- यूपी में कैमरे पर लाशों का सौदा: पोस्टमॉर्टम कर्मचारी-पुलिस की डील, बोले- एक लाश डेढ़ लाख में ‘महीने में 30 से 40 लाशें निकल जाती हैं। आप बहुत कम दे रहे हैं। अभी पुराना रिकॉर्ड देखा जाए… उस समय डेढ़ लाख का रेट चल रहा था। राममूर्ति वाले डेढ़ लाख रुपए देकर जाते थे।’ यह दावा है बरेली के पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारी सुनील का। यूपी के बरेली में लाशों का सौदा हो रहा है। दैनिक भास्कर के हिडन कैमरे पर सुनील कह रहा है- जो पैसे आप हमें दोगे, हम तो नमक के बराबर रखते हैं। बाकी पैसे ऊपर अधिकारी को देने पड़ते हैं। लाशों के इस सौदे में पुलिस भी शामिल है। पढ़ें पूरी खबर…