सहारनपुर में सरकारी अमीन ने पत्नी, दो बेटों और मां की गोली मारकर हत्या कर दी। चारों को उसने माथे पर गोली मारी थी। फिर खुद के सीने और माथे पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद अमीन ने अपनी बहन को एक मैसेज और ऑडियो क्लिप भेजी। जिसमें उसने कहा- मैंने मां, तेरी भाभी और दोनों बेटों की गोली मारकर हत्या कर दी। अब मैं भी सुसाइड कर रहा हूं। पति और पत्नी का शव चारपाई पर, जबकि मां और दोनों बच्चों के शव बेड पर पड़े थे। अमीन के पास तीन तमंचे पड़े मिले। वारदात का पता उस वक्त चला, जब बहनोई ने कई बार कॉल किया। फोन नहीं उठा तो उसने बेटे को घर भेजा। बेटे ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद खिड़की तोड़कर अंदर गया, जहां सभी के शव पड़े मिले। डीएम मनीष बंसल और SSP आशीष तिवारी मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि सिंचाई विभाग में तैनात अमीन अशोक डिप्रेशन में था। चंडीगढ़ में उसका इलाज चल रहा था। SSP का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमीन ने पहले परिवार के लोगों को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली। मृतकों में अमीन अशोक राठौर (40), पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) और देव (13) शामिल हैं। अमीन की पत्नी की बहन पहुंची और रो-रोकर बेसुध हो गई। पूरा मामला सरसावा थाना क्षेत्र की शाश्वत बिहार कॉलोनी का है। पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार देर रात सभी शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वारदात की जुड़ी तस्वीरें देखिए पिता की जगह नौकरी पाए थे अशोक
अशोक अपने पिता की मौत के बाद उनकी जगह मृतक आश्रित में नौकरी पाए थे। वह नकुड़ तहसील में अमीन थे। शाश्वत बिहार कॉलोनी में 5 महीने पहले अमीन ने दो मंजिला मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक देहरादून में रहते हैं। वह CRPF में सब-इंस्पेक्टर हैं। दूसरी मंजिल पर अमीन का परिवार रहता था। बेटा देव कस्बे के MTS पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ाई कर रहा था। क्राइम सीन समझिए दो बार परिवार की हत्या का प्रयास कर चुका था अमीन
पुलिस के मुताबिक, कमरे में नशे की गोलियां मिली हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी दो बार पूरे परिवार की हत्या की कोशिश कर चुका था। पहला प्रयास कोरोना काल के दौरान किया था, जबकि दूसरा प्रयास करीब 5 महीने पहले किया था, लेकिन दोनों बार परिवार के लोग बच गए थे। बहनोई का कॉल नहीं उठाया, तब वारदात का पता चला
अशोक के बहनोई ने बताया कि मेरा घर से 200 मीटर की दूरी पर अशोक रहते थे। उन्होंने बताया- मंगलवार सुबह मैंने अशोक को कई बार कॉल किया। जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो मैंने अपने बेटे को उनके घर भेजा। बेटे ने वहां पहुंचकर घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद अन्य लोग भी आ गए। किसी तरह दरवाजा खोलकर वे अंदर घुसे। घर में नीचे कोई नहीं था। ऊपर के पोर्शन में 5 गेट और खिड़कियां हैं। बेटा और अन्य लोग ऊपर गए। सभी दरवाजे लॉक थे। आवाज दी, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।इसके बाद बेटे ने किचन की खिड़की तोड़ी। अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में सभी की लाश मिली। बेटे ने इसकी सूचना सभी को दी। ———————- ये खबर भी पढ़ें एटा में दिनदहाड़े परिवार के 4 लोगों की कूचकर हत्या यूपी के एटा जिले में सोमवार को दिनदहाड़े दवा कारोबारी के बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी-बेटी की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। कारोबारी की मां चारपाई पर पड़ी तड़प रही थीं। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे में जहां लाशें पड़ी थीं, वहां खून से सनी इंटरलॉकिंग वाली ईंट पड़ी थी। आशंका है कि इसी ईंट से सभी के सिर कूचे गए। धारदार हथियार से हमला किया गया। पढ़ें पूरी खबर
अशोक अपने पिता की मौत के बाद उनकी जगह मृतक आश्रित में नौकरी पाए थे। वह नकुड़ तहसील में अमीन थे। शाश्वत बिहार कॉलोनी में 5 महीने पहले अमीन ने दो मंजिला मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक देहरादून में रहते हैं। वह CRPF में सब-इंस्पेक्टर हैं। दूसरी मंजिल पर अमीन का परिवार रहता था। बेटा देव कस्बे के MTS पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ाई कर रहा था। क्राइम सीन समझिए दो बार परिवार की हत्या का प्रयास कर चुका था अमीन
पुलिस के मुताबिक, कमरे में नशे की गोलियां मिली हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी दो बार पूरे परिवार की हत्या की कोशिश कर चुका था। पहला प्रयास कोरोना काल के दौरान किया था, जबकि दूसरा प्रयास करीब 5 महीने पहले किया था, लेकिन दोनों बार परिवार के लोग बच गए थे। बहनोई का कॉल नहीं उठाया, तब वारदात का पता चला
अशोक के बहनोई ने बताया कि मेरा घर से 200 मीटर की दूरी पर अशोक रहते थे। उन्होंने बताया- मंगलवार सुबह मैंने अशोक को कई बार कॉल किया। जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो मैंने अपने बेटे को उनके घर भेजा। बेटे ने वहां पहुंचकर घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद अन्य लोग भी आ गए। किसी तरह दरवाजा खोलकर वे अंदर घुसे। घर में नीचे कोई नहीं था। ऊपर के पोर्शन में 5 गेट और खिड़कियां हैं। बेटा और अन्य लोग ऊपर गए। सभी दरवाजे लॉक थे। आवाज दी, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।इसके बाद बेटे ने किचन की खिड़की तोड़ी। अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में सभी की लाश मिली। बेटे ने इसकी सूचना सभी को दी। ———————- ये खबर भी पढ़ें एटा में दिनदहाड़े परिवार के 4 लोगों की कूचकर हत्या यूपी के एटा जिले में सोमवार को दिनदहाड़े दवा कारोबारी के बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी-बेटी की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। कारोबारी की मां चारपाई पर पड़ी तड़प रही थीं। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे में जहां लाशें पड़ी थीं, वहां खून से सनी इंटरलॉकिंग वाली ईंट पड़ी थी। आशंका है कि इसी ईंट से सभी के सिर कूचे गए। धारदार हथियार से हमला किया गया। पढ़ें पूरी खबर