हमीरपुर में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने 13 स्कॉर्पियो का काफिला निकाला। हाईवे पर आगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं। पीछे बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे। घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। बच्ची का जन्म मंगलवार को हुआ। परिवार में एक पीढ़ी के बाद बेटी का जन्म हुआ है। पूरे सेलिब्रेशन का वीडियो भी सामने आया है। मामला मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर का है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला… मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर में अंजुम परवेज उर्फ राजू रहते हैं। उनके पिता रिटायर्ड फौजी हैं। राजू घर में स्पेलर चक्की (आटा चक्की) चलाते हैं। उनकी पत्नी का नाम निखत फातिमा है। राजू चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। कोई बहन नहीं है। उनके बाकी भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। राजू के परिवार में लंबे समय से बेटी का इंतजार था। 2 दिन पहले बच्ची का जन्म हुआ
राजू की पत्नी निखत फातिमा को 2 दिन पहले मंगलवार को घर से एक किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात निखत ने बेटी को जन्म दिया। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने राजू के परिवार काे दी, ताे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं, जब निखत को डिस्चार्ज किया गया, तो परिवार ने जश्न मनाने का प्लान किया। अस्पताल से घर तक 13 स्कॉर्पियो का काफिला निकाला गया। सभी गाड़ियों को नीले गुब्बारों से सजाया गया। डीजे की तेज धुन, ढोल-नगाड़ों की थाप, गाड़ियों की लंबी कतार और रास्ते भर नाचते-गाते लोग राजू के घर तक पहुंचे। एक गाड़ी में राजू और उनकी पत्नी निखत बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए। दादा ने दिया 5 हजार का नेग बेटी की नवासी (दादी) और परिवार के बड़े बाबा रुकनुद्दीन, जो BSF से रिटायर हैं। उन्होंने अपनी नवासी को 5000 रुपए नेग देकर घर में प्रवेश कराया। उन्होंने बेटी को गोद में लेकर आशीर्वाद दिया और कहा कि यह नन्ही परी घर में सुख-समृद्धि लेकर आई है। दादी बोलीं- बीमारी छूमंतर हो गई दादी रोशनी ने खुशी-खुशी कहा- बेटी आते ही मेरी सारी बीमारी छूमंतर हो गई। उन्होंने दुलारते हुए बच्ची को आशीर्वाद दिया और कहा कि बेटी के आने से घर में नई रौनक आ गई है। परिवार में यह खुशी दोगुनी हो गई, क्योंकि लंबे समय से बेटी का इंतजार था। डॉक्टर बोलीं- पहली बार ऐसा ग्रैंड वेलकम देखा जिस अस्पताल में निखत की डिलीवरी हुई। वहां की डॉक्टर अंशु मिश्रा ने कहा- पिछले 3 साल में हमीरपुर जिले में बेटी के जन्म पर इतना बड़ा, इतना खुला और जोश वाला जश्न पहली बार देखा। ऐसा जश्न समाज की सोच को बहुत तेजी से बदल सकता है। यह संदेश है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि खुशियों की सबसे बड़ी वजह हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें डिंपल के लिए आया हीरे का हार अखिलेश ने लौटाया:कहा- उन्हें गहनों का शौक नहीं; 48वें बर्थडे पर पूरी कहानी जब भारतीय राजनीति में दिखावा, लग्जरी और शानो-शौकत की होड़ मची है, तब एक ऐसी महिला जो इन सबसे कोसों दूर रहती हैं। विवादों से भी खुद को दूर रखती हैं। उनकी सादगी की मिसालें दी जाती हैं। यानी बिल्कुल सिंपल। पूरी खबर पढ़ें
राजू की पत्नी निखत फातिमा को 2 दिन पहले मंगलवार को घर से एक किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात निखत ने बेटी को जन्म दिया। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने राजू के परिवार काे दी, ताे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं, जब निखत को डिस्चार्ज किया गया, तो परिवार ने जश्न मनाने का प्लान किया। अस्पताल से घर तक 13 स्कॉर्पियो का काफिला निकाला गया। सभी गाड़ियों को नीले गुब्बारों से सजाया गया। डीजे की तेज धुन, ढोल-नगाड़ों की थाप, गाड़ियों की लंबी कतार और रास्ते भर नाचते-गाते लोग राजू के घर तक पहुंचे। एक गाड़ी में राजू और उनकी पत्नी निखत बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए। दादा ने दिया 5 हजार का नेग बेटी की नवासी (दादी) और परिवार के बड़े बाबा रुकनुद्दीन, जो BSF से रिटायर हैं। उन्होंने अपनी नवासी को 5000 रुपए नेग देकर घर में प्रवेश कराया। उन्होंने बेटी को गोद में लेकर आशीर्वाद दिया और कहा कि यह नन्ही परी घर में सुख-समृद्धि लेकर आई है। दादी बोलीं- बीमारी छूमंतर हो गई दादी रोशनी ने खुशी-खुशी कहा- बेटी आते ही मेरी सारी बीमारी छूमंतर हो गई। उन्होंने दुलारते हुए बच्ची को आशीर्वाद दिया और कहा कि बेटी के आने से घर में नई रौनक आ गई है। परिवार में यह खुशी दोगुनी हो गई, क्योंकि लंबे समय से बेटी का इंतजार था। डॉक्टर बोलीं- पहली बार ऐसा ग्रैंड वेलकम देखा जिस अस्पताल में निखत की डिलीवरी हुई। वहां की डॉक्टर अंशु मिश्रा ने कहा- पिछले 3 साल में हमीरपुर जिले में बेटी के जन्म पर इतना बड़ा, इतना खुला और जोश वाला जश्न पहली बार देखा। ऐसा जश्न समाज की सोच को बहुत तेजी से बदल सकता है। यह संदेश है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि खुशियों की सबसे बड़ी वजह हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें डिंपल के लिए आया हीरे का हार अखिलेश ने लौटाया:कहा- उन्हें गहनों का शौक नहीं; 48वें बर्थडे पर पूरी कहानी जब भारतीय राजनीति में दिखावा, लग्जरी और शानो-शौकत की होड़ मची है, तब एक ऐसी महिला जो इन सबसे कोसों दूर रहती हैं। विवादों से भी खुद को दूर रखती हैं। उनकी सादगी की मिसालें दी जाती हैं। यानी बिल्कुल सिंपल। पूरी खबर पढ़ें