बारिश हो रही थी तो गाड़ी के शीशे गंदे हो गए थे। मैं कैंटर को रोड साइड में लगाकर शीशे साफ कर रहा था। तभी रात 2:30 बजे जोरदार धमाका हुआ। मैं गाड़ी के अंदर ही गिर पड़ा। हाथ में चोट आ गई। नीचे उतरकर देखा तो मेरे कैंटर के पीछे उत्तराखंड नंबर की हैरियर कार घुसी हुई थी। झांककर देखा तो अंदर तीन लोग बुरी तरह लहूलुहान थे। सिंगर पवनदीप राजन को देखते ही पहचान गया, क्योंकि उनके कई वीडियोज देखे थे। मैं डर गया, कि इतने बड़े आदमी का एक्सीडेंट हुआ, मैं बुरी तरह फंस जाऊंगा, कोई नहीं मानेगा कि मेरी कोई गलती नहीं। ये बातें पवनदीप राजन का जिस कैंटर से एक्सीडेंट हुआ था, उसके ड्राइवर चंद्र मोहन ने बताईं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में चंद्रमोहन ने कहा- एक्सीडेंट के बाद मैंने ही सबसे पहले पवनदीप को देखा था। पहले देखें हादसे की 2 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला…
इंडियन आइडल- 12 के विनर पवनदीप राजन की कार का 5 मई की रात 2:30 बजे यूपी के अमरोहा में एक्सीडेंट हो गया था। वह MG- HECTOR से उत्तराखंड से दिल्ली जा रहे थे। गजरौला थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-9 पर सीओ ऑफिस के सामने उनकी कार रोड साइड खड़े कैंटर में घुस गई। हादसे में पवनदीप राजन के साथ उनके दोस्त अजय मेहरा और ड्राइवर राहुल सिंह बौहर भी घायल हो गए थे। तीनों उत्तराखंड के चंपावत के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर को झपकी के कारण यह हादसा हुआ था।
पवनदीप समेत तीनों घायलों को परिजनों ने नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पवनदीप के दोनों पैर, दाएं हाथ और दाएं कंधे में फ्रैक्चर हुआ है। मल्टीपल इंजरीज हैं। और दाहिने हाथ में चोटें आई हैं। 6 घंटे की सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है। अब पढ़िए कैंटर चालक चंद्र मोहन की कहानी… दैनिक भास्कर की टीम ने हादसे के तीसरे दिन उस कैंटर के चालक से भी बातचीत की, जिसकी गाड़ी से पवनदीप की कार का एक्सीडेंट हुआ। मैनपुरी के वर्णनान गांव निवासी ड्राइवर चंद्रमोहन ने बताया- मैं पैकर्स-मूवर्स का काम करता हूं।हूं। 5 मई को उत्तराखंड के निजर से घरेलू सामान फरीदाबाद पहुंचाने जा रहा था। बारिश हो थी, शीशे गंदे हो गए थे। इसीलिए गजरौला फ्लाईओवर से उतरते ही उसने सीओ ऑफिस के पास कैंटर रोक दिया था। रात 2:30 बले केबिन में बैठकर शीशा साफ कर रहा था, तभी ये हादसा हो गया। चंद्र मोहन ने कहा- मैं पवनदीप के परिवार को शुक्रगुजार चंद्रमोहन ने बताया- इस एक्सीडेंट में मेरे दाहिने हाथ में चोट आई है। कमर में भी चोट लगी है। पर डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज करके छुट्टी दे दी थी। इसलिए मैं घर आ गया। चंद्रमोहन ने कहा- मैं पवनदीप के परिवार का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने कोई केस नहीं किया। वे अच्छे लोग हैं। कैंटर और कार दोनों वापस घटना के तीसरे दिन अमरोहा के गजरौला थाने में रखे कैंटर और कार दोनों वापस चले गए हैं। गजरौला थाना प्रभारी ने बताया- पवनदीप की कार को इंश्योरेंस कंपनी के लोग दिन में वापस लेकर चले गए थे। वहीं कैंटर एक हाउस होल्ड शिफ्टिंग कंपनी का था। कंपनी वाले भी कैंटर लेकर चले गए। अब जानिए कौन हैं पवनदीप उत्तराखंड के चंपावत में 27 जुलाई, 1996 को जन्मे पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन भी मशहूर लोक गायक हैं। पवनदीप की प्राइमरी शिक्षा चंपावत के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई। पढ़ाई के साथ ही वह संगीत की शिक्षा भी लेते रहे। इसके बाद कुमाऊं यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। फिर पूरी तरह गायन के क्षेत्र में उतर आए। उनका अपना एक म्यूजिकल ग्रुप भी है। कॉलेज आते-आते उन्होंने अपना एक म्यूजिकल ग्रुप भी तैयार कर लिया था। कॉलेज फंक्शन से उनको इतनी पॉपुलैरिटी मिली कि जल्द ही दूसरे प्रोग्राम्स में भी बुलाए जाने लगे। इसी बीच साल 2015 में सिंगिंग रियलिटी शो ‘द वॉयस इंडिया’ के विनर बनने के बाद उनकी डिमांड देश-विदेश में होने लगी। इसी बीच साल-2016 में पवनदीप राजन को उत्तराखंड सरकार ने युवा ब्रांड एंबेसडर बना दिया। तब से लेकर अभी तक वह उत्तराखंड के युवा ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी बीच साल 2021 में सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल का 12वां सीजन शुरू हुआ। इसके पवनदीप विनर रहे। शो में उनकी परफॉर्मेंस काफी पसंद की गई थी। ‘इंडियन आइडल- 12’ विनर पवनदीप को ट्रॉफी के अलावा इनाम में एक लग्जरी कार और 25 लाख रुपए भी मिले थे। पवनदीप अभी तक 1200 से ज्यादा म्यूजिकल शो कर चुके हैं। उन्होंने अपने देश के 14 राज्यों और 13 अन्य देशों में म्यूजिक प्रोग्राम किया है। वह सबसे कम उम्र के यंगेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर भी हैं। मराठी के अलावा बॉलीवुड, मराठी, पहाड़ी, कुमाऊंनी और गढ़वाली गीत गा चुके हैं। देखिए सिंगर पवनदीप राजन की 4 खास तस्वीरें ————————– ये खबर भी पढ़ें… एक्सीडेंट के बाद पवनदीप की पहली तस्वीर:नोएडा के अस्पताल में 6 घंटे चला ऑपरेशन, अमरोहा में कैंटर से टकराई थी कार ‘इंडियन आइडल 12’ के विनर और मशहूर गायक पवनदीप राजन सड़क हादसे के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। 5 मई की सुबह मुरादाबाद के पास हुए एक्सीडेंट के बाद अब पहली बार उनकी तस्वीर सामने आई है। ऑपरेशन के बाद ICU में भर्ती पवनदीप के चेहरे पर गहरी चोटें साफ नजर आ रही हैं। चेहरा इतना बदल गया है कि फैंस उन्हें पहचान भी नहीं पा रहे। टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पवनदीप को कई गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं। मंगलवार शाम दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में उनका सर्जरी की गई, जो करीब 6 घंटे चली। डॉक्टरों ने कुछ अहम हड्डियों का ऑपरेशन किया है। अगले कुछ दिनों में बाकी चोटों का भी इलाज किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
इंडियन आइडल- 12 के विनर पवनदीप राजन की कार का 5 मई की रात 2:30 बजे यूपी के अमरोहा में एक्सीडेंट हो गया था। वह MG- HECTOR से उत्तराखंड से दिल्ली जा रहे थे। गजरौला थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-9 पर सीओ ऑफिस के सामने उनकी कार रोड साइड खड़े कैंटर में घुस गई। हादसे में पवनदीप राजन के साथ उनके दोस्त अजय मेहरा और ड्राइवर राहुल सिंह बौहर भी घायल हो गए थे। तीनों उत्तराखंड के चंपावत के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर को झपकी के कारण यह हादसा हुआ था।
पवनदीप समेत तीनों घायलों को परिजनों ने नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पवनदीप के दोनों पैर, दाएं हाथ और दाएं कंधे में फ्रैक्चर हुआ है। मल्टीपल इंजरीज हैं। और दाहिने हाथ में चोटें आई हैं। 6 घंटे की सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है। अब पढ़िए कैंटर चालक चंद्र मोहन की कहानी… दैनिक भास्कर की टीम ने हादसे के तीसरे दिन उस कैंटर के चालक से भी बातचीत की, जिसकी गाड़ी से पवनदीप की कार का एक्सीडेंट हुआ। मैनपुरी के वर्णनान गांव निवासी ड्राइवर चंद्रमोहन ने बताया- मैं पैकर्स-मूवर्स का काम करता हूं।हूं। 5 मई को उत्तराखंड के निजर से घरेलू सामान फरीदाबाद पहुंचाने जा रहा था। बारिश हो थी, शीशे गंदे हो गए थे। इसीलिए गजरौला फ्लाईओवर से उतरते ही उसने सीओ ऑफिस के पास कैंटर रोक दिया था। रात 2:30 बले केबिन में बैठकर शीशा साफ कर रहा था, तभी ये हादसा हो गया। चंद्र मोहन ने कहा- मैं पवनदीप के परिवार को शुक्रगुजार चंद्रमोहन ने बताया- इस एक्सीडेंट में मेरे दाहिने हाथ में चोट आई है। कमर में भी चोट लगी है। पर डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज करके छुट्टी दे दी थी। इसलिए मैं घर आ गया। चंद्रमोहन ने कहा- मैं पवनदीप के परिवार का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने कोई केस नहीं किया। वे अच्छे लोग हैं। कैंटर और कार दोनों वापस घटना के तीसरे दिन अमरोहा के गजरौला थाने में रखे कैंटर और कार दोनों वापस चले गए हैं। गजरौला थाना प्रभारी ने बताया- पवनदीप की कार को इंश्योरेंस कंपनी के लोग दिन में वापस लेकर चले गए थे। वहीं कैंटर एक हाउस होल्ड शिफ्टिंग कंपनी का था। कंपनी वाले भी कैंटर लेकर चले गए। अब जानिए कौन हैं पवनदीप उत्तराखंड के चंपावत में 27 जुलाई, 1996 को जन्मे पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन भी मशहूर लोक गायक हैं। पवनदीप की प्राइमरी शिक्षा चंपावत के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई। पढ़ाई के साथ ही वह संगीत की शिक्षा भी लेते रहे। इसके बाद कुमाऊं यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। फिर पूरी तरह गायन के क्षेत्र में उतर आए। उनका अपना एक म्यूजिकल ग्रुप भी है। कॉलेज आते-आते उन्होंने अपना एक म्यूजिकल ग्रुप भी तैयार कर लिया था। कॉलेज फंक्शन से उनको इतनी पॉपुलैरिटी मिली कि जल्द ही दूसरे प्रोग्राम्स में भी बुलाए जाने लगे। इसी बीच साल 2015 में सिंगिंग रियलिटी शो ‘द वॉयस इंडिया’ के विनर बनने के बाद उनकी डिमांड देश-विदेश में होने लगी। इसी बीच साल-2016 में पवनदीप राजन को उत्तराखंड सरकार ने युवा ब्रांड एंबेसडर बना दिया। तब से लेकर अभी तक वह उत्तराखंड के युवा ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी बीच साल 2021 में सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल का 12वां सीजन शुरू हुआ। इसके पवनदीप विनर रहे। शो में उनकी परफॉर्मेंस काफी पसंद की गई थी। ‘इंडियन आइडल- 12’ विनर पवनदीप को ट्रॉफी के अलावा इनाम में एक लग्जरी कार और 25 लाख रुपए भी मिले थे। पवनदीप अभी तक 1200 से ज्यादा म्यूजिकल शो कर चुके हैं। उन्होंने अपने देश के 14 राज्यों और 13 अन्य देशों में म्यूजिक प्रोग्राम किया है। वह सबसे कम उम्र के यंगेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर भी हैं। मराठी के अलावा बॉलीवुड, मराठी, पहाड़ी, कुमाऊंनी और गढ़वाली गीत गा चुके हैं। देखिए सिंगर पवनदीप राजन की 4 खास तस्वीरें ————————– ये खबर भी पढ़ें… एक्सीडेंट के बाद पवनदीप की पहली तस्वीर:नोएडा के अस्पताल में 6 घंटे चला ऑपरेशन, अमरोहा में कैंटर से टकराई थी कार ‘इंडियन आइडल 12’ के विनर और मशहूर गायक पवनदीप राजन सड़क हादसे के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। 5 मई की सुबह मुरादाबाद के पास हुए एक्सीडेंट के बाद अब पहली बार उनकी तस्वीर सामने आई है। ऑपरेशन के बाद ICU में भर्ती पवनदीप के चेहरे पर गहरी चोटें साफ नजर आ रही हैं। चेहरा इतना बदल गया है कि फैंस उन्हें पहचान भी नहीं पा रहे। टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पवनदीप को कई गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं। मंगलवार शाम दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में उनका सर्जरी की गई, जो करीब 6 घंटे चली। डॉक्टरों ने कुछ अहम हड्डियों का ऑपरेशन किया है। अगले कुछ दिनों में बाकी चोटों का भी इलाज किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…