वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को एक पायलट ने विमान उड़ाने से इनकार कर दिया। पायलट ने कान में दर्द और तबीयत खराब होने की बात कहते हुए विमान पर जाने से मना कर दिया। इस बीच, 178 यात्री विमान में बैठ चुके थे। पायलट के विमान नहीं उड़ाने की बात पता चलते ही यात्री गुस्सा गए और हंगामा शुरू कर दिया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों को काफी समझाया और उन्हें अगले विमान से भेजने की बात कही। इसके बाद वो शांत हुए। इसके बाद यात्रियों को करीब 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सुबह 11:55 बजे जाने वाला था विमान इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान संख्या 6E 6559 को सुबह 11:55 बजे वाराणसी से बेंगलुरु के लिए रवाना होना था। सुरक्षा जांच और बोर्डिंग पास की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सभी यात्री विमान में बैठ गए थे। इसी बीच पायलट ने कान में अचानक तेज दर्द होने की बात कहते हुए ड्यूटी पर जाने से साफ मना कर दिया। यह पता चलते ही यात्रियों ने एयरलाइंस प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख एयरपोर्ट सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ की क्यूआरटी टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रियों को समझा-बुझाकर विमान से उतारा और टर्मिनल भवन (डी-बोर्ड) में बैठाया। शाम 5:45 बजे उड़ पाई फ्लाइट इस दौरान यात्रियों की एयरलाइंस कर्मियों के साथ तीखी नोक-झोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख एयरलाइंस मैनेजमेंट ने वैकल्पिक व्यवस्था करना शुरू किया। दिल्ली से आ रही दूसरी फ्लाइट के जरिए पायलट को वाराणसी बुलाया गया। इसके बाद शाम 5:45 बजे फ्लाइट को बेंगलुरू के लिए रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को करीब 6 घंटे तक परेशान होना पड़ा। एक सप्ताह में दूसरी घटना बाबतपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस के साथ इस महीने यह दूसरी घटना है। इससे पहले बीते गुरुवार को भी मुंबई जाने वाले इंडिगो के विमान के पायलट ने अचानक तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर उड़ान भरने से मना कर दिया था। उस समय भी हैदराबाद से आए दूसरे पायलट के चार्ज संभालने के बाद करीब 4 घंटे की देरी से विमान मुंबई रवाना हो सका था। पायलट-क्रू के आराम के लिए नियम क्या है? जानिए- ———————- ये खबर भी पढ़िए… यूपी पुलिस विभाग सिपाहियों से 8 लाख जमा करवा रहा:परीक्षा देकर दरोगा बने; विभाग की शर्त- ट्रेनिंग-सैलरी का खर्च लौटाना होगा यूपी में पुलिस विभाग के करीब 1700 जवान सिपाही की नौकरी छोड़ना चाहते हैं। इनका सिलेक्शन दरोगा, कंप्यूटर ऑपरेटर के अलावा अन्य भर्तियों में हो चुका है। इनमें से 75% अभ्यर्थियों का सिलेक्शन तो दरोगा के पद पर ही हुआ है। अब पुलिस विभाग इन्हें रिलीविंग लेटर नहीं दे रहा। पूरी खबर पढ़िए…