‘रात 11 बजे तक भाई नहीं लौटा तो मां ने उसे फोन किया। उसने कहा- आप सो जाओ, मैं दोस्तों के साथ हूं। कुछ देर में घर आ रहा हूं। इसके बाद उसकी मौत की सूचना आई। अगर स्विमिंग पूल की लाइटें बंद नहीं होती तो मेरे भाई की जान नहीं जाती। वह आज जिंदा होता।’ यह कहना है कानपुर के चकेरी में पार्टी के दौरान स्विमिंग पूल में डूबने वाले शिखर सिंह की बहन अनामिका का। उसके दोस्तों का कहना है- स्विमिंग पूल में नहाने के दौरान संचालक ने पूल की लाइटें बंद कर दी थीं। दैनिक भास्कर टीम ने शिखर के परिजनों और दोस्तों से बात की। उनका दर्द जाना। सबसे पहले घटना की 3 तस्वीरें देखिए… पूरी घटना जानिए यशोदा नगर निवासी शिखर सिंह (23) नगर निगम में ठेकेदारी करता था। रविवार रात यानी 22 जून को रात 9 बजे वह दोस्त अंकित भट्ट, कृष्णा कौशिक, देवेंद्र, शिवम, भोलू, फतेहपुर निवासी निखिल और दो अन्य साथियों के साथ सनिगवां स्थित वॉटर वॉल स्विमिंग पूल में पार्टी करने गया था। सभी दोस्तों ने पहले वहां पार्टी की। इसके बाद स्विमिंग पूल में नहाने लगे। इस दौरान अचानक शिखर धीरे–धीरे पानी के अंदर जाने लगा। कुछ देर बाद पूल में डूबने से उसकी मौत हो गई। पिता बोले – मेरा तो सब कुछ चला गया दैनिक भास्कर टीम जब शिखर के घर पहुंची, तो इकलौते बेटे की मौत से घर में मातम पसरा हुआ था। रह-रह कर सिर्फ मां की चीखें और पिता की सिसकियां सुनाई पड़ रही थीं। पिता शैलेंद्र सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो वह फफक कर रो पड़े। इसके बाद उन्होंने कहा – मेरा तो सब कुछ चला गया। अब किससे शिकायत करूं? बहन बोली – स्विमिंग पूल में नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम कॉस्मोलॉजिस्ट बहन अनामिका सिंह ने कहा – भाई ने कुछ समय पहले ही काम शुरू किया था। कई दिनों बाद सभी दोस्त मिले तो पार्टी की तैयारी हुई थी। इसके बाद भाई उनके साथ चला गया था। वॉटर वॉल पूल के संचालकों ने अल्कोहल सर्व किया, जबकि उनके पास इसका कोई लाइसेंस नहीं था। स्विमिंग पूल में कोई सेफ्टी वॉल नहीं थी। कर्मचारियों ने हमारी कोई मदद नहीं की। उनके पास फर्स्ट एड तक नहीं था। फिर उनके पास अमित के पापा का फोन आया और उन्होंने कांशीराम अस्पताल आने की बात कही। हमें लगा कि शायद शिखर का एक्सीडेंट हुआ है। जब हम अस्पताल पहुंचे तो भाई का शव मिला। दोस्त बोले – साथी के पैरों में हुई हलचल, तब शिखर के डूबने का पता चला दोस्त अमित ने बताया – हम लोग रात 9 बजे पहुंचे थे। वहां कई फैमिलियां एंजॉय कर रही थीं। पूल वालों ने कहा कि अभी आपको पूल नहीं मिल सकता, आप थोड़ी देर अंदर बैठ जाइए। इसके बाद हम लोग अलग रूम में पार्टी करने चले गए। रात करीब 11 बजे सभी दोस्त पूल में नहाने पहुंचे। इस दौरान शिखर पूल में आगे की ओर चला गया। लाइटें बंद होने के कारण वहां कुछ दिख नहीं रहा था। कुछ देर बाद एक दोस्त के पैरों में कुछ हलचल हुई, तब शिखर के डूबने की जानकारी हुई। पहले लगा कि शिखर को चोट लगी है। फौरन पूल संचालकों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। इसके बाद हम लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। स्विमिंग संचालक बाप-बेटे के खिलाफ FIR चकेरी थाना प्रभारी संतोष शुक्ला ने बताया- पूल में डूबने से शिखर की मौत की सूचना मिली थी। स्विमिंग पूल के मालिक नरेंद्र सिंह और उनके बेटे पृथ्वी सिंह चौहान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। घटना वाले दिन स्विमिंग पूल में संचालक पृथ्वी सिंह चौहान मौजूद थे। तैराकी के लिए लाइफ जैकेट, नियुक्त प्रशिक्षक व लाइव सपोर्ट समेत तैराकी के अन्य उपकरण दिखाने के लिए कहा गया, लेकिन स्विमिंग पूल संचालक कुछ भी नहीं दिखा सके। वहीं आज पुलिस ने पूल को सील कर दिया। इस दौरान रेस्टोरेंट के बने गेट में ताला भी डाल दिया। चकेरी थाना प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला का कहना है कि कोर्ट के अगले आदेश तक सील की कार्रवाई रहेगी। —————————- ये खबर भी पढ़ें… सुहागरात पर दूल्हे को धमकी देने वाली दुल्हन का दर्द:पति पहले से शादीशुदा, उसकी पत्नी ने कहा- अगर टच किया तो मार दूंगी सुहागरात पर दूल्हे को 35 टुकड़ों में काट देने की धमकी देने वाली दुल्हन सितारा को दैनिक भास्कर ने खोज लिया। पति कप्तान निषाद के आरोपों को खारिज करते हुए सितारा ने अपना दर्द बयां किया। कहने लगी- 30 अप्रैल को विदा होकर ससुराल पहुंची। रात में मुझे कप्तान के कमरे में भेजा गया। वो शराब के नशे में था। उसने पहले अपने अफेयर के बारे में बताया। एक लड़की की तस्वीर दिखाकर कहा कि ये मेरी बीवी है। मेरी 7 साल की एक बेटी भी है। पढ़िए पूरी खबर