प्रयागराज के कोल्ड स्टोरेज हादसे में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कोल्ड स्टोरेज का मालिक अंसार अहमद, उसका बेटा मंजर और भतीजा अलाउद्दीन हैं। तीनों को फाफामऊ के मलाक हरहर स्थित भदरी रेलवे ओवर ब्रिज के पास से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक फॉर्च्यूनर और कोल्ड स्टोरेज से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। वहीं, 30 से ज्यादा घंटे बीत जाने के बाद दूसरे दिन मंगलवार को भी रेस्क्यू जारी है। मलबे को जेसीबी-बुलडोजर से हटाया जा रहा। अब तक 4 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। 17 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। फाफामऊ में आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम की बिल्डिंग सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे धमाके के बाद ढह गई थी। इसका मालिक सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान है। घटना को लेकर फाफामऊ थाने में मामला दर्ज किया गया था। मौके पर दैनिक भास्कर ने कई चश्मदीदों से बात की। लोगों का कहना है कि धमाका ऐसा था कि मानो बम फटा हो। सबकुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। हर तरफ धूल ही धूल छा गई। अगर लंच टाइम नहीं होता, तो मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती थी। पहले 2 तस्वीरें… लंच टाइम होने से बच गई कई की जान 23 मार्च को कोल्ड स्टोरेज में करीब 110 लोग काम पर रहे थे। हादसे के बाद चमश्दीद भी सदमे में हैं। लोगों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज में लंच टाइम था। यहां दो शिफ्ट में लंच होता है। पहला- दोपहर एक से दो बजे तक, दूसरा- दो से तीन बजे तक। काम करने वाले मजदूर लंच के दौरान खाना खाकर बाहर निकल जाते हैं। किसी को बीडी-सिगरेट पीनी होती है, तो कोई सुर्ती या फिर चाय के चक्कर में बाहर घूमता है। इनके अलावा खाना खाने के बाद कुछ लोग वहीं लेटकर कुछ देर आराम भी करते हैं। इन्हीं लेटे-बैठे लोगों पर मलबा गिरा। हादसे की 2 तस्वीरें देखिए… पढ़िए मौके पर मौजूद लोगों ने जो कुछ बताया- तेज धमाका और भरभराकर गिरने लगी छत खून से लथपथ अपने पिता को ले जाते देख बेटे दीपक के आंसू नहीं रुक रहे थे। हादसे की वजह से वह इतना डर गया था कि सही से बोल भी नहीं पा रहा था। दीपक लड़खड़ाते शब्दों में बताता है- मेरे पिता बेल्हड़ चौधरी यहां मजदूरी करते हैं। अमोनिया गैस का टैंकर फट गया। तेज धमाका हुआ, पूरी छत भरभराकर गिरने लगी। सब चीखते हुए बाहर भागे। हमारे पिताजी वहीं सो रहे थे। मलबा उनके ऊपर गिरा। हम दूसरी तरफ सो रहे थे, इसलिए बच गए। ज्यादातर लोग खाना खाकर कुछ देर आराम करने के लिए लेट गए थे। कुछ लोग लंच करके बाहर चले गए थे। इसी बीच विस्फोट हुआ। 25-30 आदमी लेटे थे…सब दब गए कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले नंदन कुमार कहते हैं- क्या बताएं। लंच का टाइम हुआ था। सब खाना-वाना खाकर आराम करने के लिए इधर-उधर लेटने लगे। कुछ लोग बाहर भी चले गए। अचानक पहले ‘झर-झर’ की आवाज आने लगी, यह अमोनिया गैस लीकेज जैसा था। फिर तेज आवाज आई, इसके बाद पक्का हिस्सा गिर गया। जो अंदर थे, वो भाग नहीं पाए, उनके ऊपर मलबा गिर गया। पता नहीं क्या हुआ, पूरा धुआं-धुआं होने लगा। फिर हम लोग भी भागने लगे। कुछ लोग जो होश में थे, बोले- शांत हो जाओ, शांत हो जाओ। उस समय तो उसमें बहुत लोग थे। अभी हम लोग गिनती नहीं कर पाए हैं। 25-30 आदमी, जो लेटे बैठे थे, वो दब गए। लंच टाइम न होता, तो बहुत लोग मरते कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले इंदल का कहना है कि वहां करीब 110 लोग काम कर रहे थे। लंच हुआ तो बहुत से मजदूर इधर-उधर हो गए। तेज आवाज आई और फिर जैसे ही छत गिरी, अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग तो जान बचाकर भागने में सफल रहे। लेकिन, कई बदनसीब मलबे के नीचे ही दब गए। लंच का टाइम न होता तो बहुत लोग मरते। जिंदगी के लिए जूझ रहा 3 साल का कार्तिक कोल्ड स्टोरेज में हादसे में 3 साल का कार्तिक उर्फ गुड्डू भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। शहर के स्वरूपरानी नेहरू अस्तपाल (SRN) में उसका इलाज चल रहा है। कार्तिक प्रतापगढ़ के बाबागंज के रहने वाले संजय कुमार का बेटा है। उसकी मां रंजना कोल्ड स्टोरेज में कपड़े धोने का काम करती है। इस दौरान कार्तिक कोल्ड स्टोरेज में खेल रहा था। सब कुछ अचानक हो गया। विस्फोट के बाद धुआं भरा और दीवार छत ढह गई। मां दौड़ी और बच्चे को मलबे के बीच से लेकर बाहर भागी। रंजना के पति की भी मौत हो चुकी है। सुल्तानपुर का ठेकेदार बिहार से लाता है मजदूर कोल्ड स्टोरेज में सुल्तानपुर का रहने वाला बलवंत सिंह उर्फ बलवीर ठेकेदार है। वही बिहार से मजदूर लाता है। पूर्व मंत्री अंसार पहलवान के कोल्ड स्टोरेज में भी ज्यादातर मजदूर बलवंत ही लाया था। पहलवान के दूसरे कोल्ड स्टोरेज में भी बलवंत ही मजदूरों की सप्लाई करता है। कोल्ड स्टोरेज में मैनेजर का काम राम मिलन देख रहा था। 27 साल पुराने कोल्ड स्टोरेज में 3 बिल्डिंग अंसार अहमद की आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग फाफामऊ इलाके में है। 27 साल पुराने इस कोल्ड स्टोरेज में 3 बिल्डिंग हैं। करीब 10 हजार स्क्वायर फीट की एक बिल्डिंग ढही है। पीएम मोदी और सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत, मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 से अधिक मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। पढ़ें पूरी खबर