प्रयागराज में यूपी एसटीएफ ने बुधवार रात झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर छोटू धनबादिया उर्फ आशीष रंजन को ढेर कर दिया। ये मुठभेड़ शंकरगढ़ क्षेत्र में हुई। इस दौरान छोटू धनबादिया ने पुलिस पर एके-47 से फायरिंग की। एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। वह मारा गया। धनबादिया प्रयागराज में किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में आया था। इसी बीच, एसटीएफ को इसकी खबर लग गई। इसके बाद एसटीएफ ने उसे शंकरगढ़ में घेर लिया। शिवराज चौराहे पर एसटीएफ ने छोटू धनबादिया को रोकने की कोशिश। एसटीएफ को देखते ही उसने भागने की कोशिश की। AK-47 और 9MM पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग की। एसटीएफ को मौके से AK-47, पिस्टल और भारी मात्रा में 9MM कारतूस मिले हैं। छोटू पर कई राज्यों में गंभीर मुकदमे दर्ज थे। यूपी एसटीएफ को पिछले काफी से समय से इसकी तलाश थी। छोटू धनबादिया झारखंड का कुख्यात अपराधी था। उस पर नीरज तिवारी हत्याकांड और लाला खान हत्याकांड समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज थे। वो झारखंड यूपी और बिहार में एक्टिव था। एनकाउंटर स्पॉट की तस्वीरें… 5 हत्याकांड में आशीष रंजन को पुलिस तलाश रही थी
झारखंड के धनबाद जिले में अमन सिंह सहित 5 हत्याकांडों में आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू को पुलिस की तलाश थी। उस पर कतरास में नीरज तिवारी, झरिया के रंजीत साव की हत्या में मुख्य शूटर होने का आरोप लगा था। इसके पहले कार्मिक नगर में जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या का भी उस पर आरोप है। समीर मंडल हत्याकांड में आशीष रंजन जेल भेजा गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद उस पर दो और हत्याकांडों में संलिप्तता के आरोप लगे। बता दें कि आशीष सिंह पहले अमन सिंह का शूटर था। अमन सिंह के इशारे पर उस पर रंगदारी मांगने से लेकर हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। अमन सिंह ही घटना के बाद आशीष को यूपी में शेल्टर देने का काम करता था। इस बीच अमन से भी उसकी अनबन हो गई। अमन सिंह की जेल में गोली मार कर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद ही आशीष का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें आशीष ने अमन सिंह पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस कारण अमन की हत्या कराने की बात स्वीकार की थी। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है….
झारखंड के धनबाद जिले में अमन सिंह सहित 5 हत्याकांडों में आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू को पुलिस की तलाश थी। उस पर कतरास में नीरज तिवारी, झरिया के रंजीत साव की हत्या में मुख्य शूटर होने का आरोप लगा था। इसके पहले कार्मिक नगर में जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या का भी उस पर आरोप है। समीर मंडल हत्याकांड में आशीष रंजन जेल भेजा गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद उस पर दो और हत्याकांडों में संलिप्तता के आरोप लगे। बता दें कि आशीष सिंह पहले अमन सिंह का शूटर था। अमन सिंह के इशारे पर उस पर रंगदारी मांगने से लेकर हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। अमन सिंह ही घटना के बाद आशीष को यूपी में शेल्टर देने का काम करता था। इस बीच अमन से भी उसकी अनबन हो गई। अमन सिंह की जेल में गोली मार कर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद ही आशीष का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें आशीष ने अमन सिंह पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस कारण अमन की हत्या कराने की बात स्वीकार की थी। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है….