प्रयागराज में दादा के सामने LKG के छात्र का अपहरण:कार में खींचकर 2 बदमाश भागे; पिता मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड

प्रयागराज में शनिवार को दिनदहाड़े LKG में पढ़ने वाले बच्चे का अपहरण हो गया। छात्र स्कूल से घर लौट रहा था। जैसे ही वह स्कूल वैन से नीचे उतरा, दो बदमाशों ने उसे कार के भीतर खींच लिया और भाग निकले। ये किडनैपिंग बच्चे के दादा के सामने हुई। वे उसे रिसीव करने पहुंचे थे। वह कुछ ही दूरी पर खड़े थे। परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। बच्चे के पिता मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। अभी तक फिरौती का फोन नहीं आया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. अजय पाल शर्मा और यमुनापार डीसीपी विवेक चंद्र यादव मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने मांडा थाने के एसएचओ अनिल कुमार वर्मा को फटकार लगाई। अजय पाल ने 24 घंटे में छात्र की बरामदगी का आश्वासन दिया है। पुलिस की टीमें किडनैपर्स की तलाश में जुटी हैं। 3 तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरी घटना… घर से स्कूल 15 किमी दूर
घटना शनिवार शाम चार बजे के करीब मांडा के सराय कला गांव में हुई। गांव के ओम प्रकाश शर्मा मुंबई में रहकर सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। गांव में उनकी पत्नी, दो बच्चों के अलावा उनके पिता नागेश्वर रहते हैं। ओम प्रकाश के दो बच्चों में 6 साल का प्रतीक बड़ा है। उससे छोटी एक बेटी है, जो तीन साल की है। प्रतीक मेजा के रामनगर में सोनार का तारा स्थित स्कूल में LKG में पढ़ता है। स्कूल घर से करीब 15 किमी दूर है और वह वैन से आता जाता है। वैन घर से करीब 150 मीटर दूर उतार देती है और वहां से उसे उसके दादा लाते और ले जाते हैं। सफेद रंग की ऑल्टो कार से आए बदमाश
दादा नागेश्वर ने बताया- रोज शाम चार बजे के करीब प्रतीक स्कूल से घर लौटता है। शनिवार शाम भी इसी वक्त मैं उसे लेने जा रहा था। जिस पॉइंट पर स्कूल वैन प्रतीक को उतारती है, उससे करीब 20 कदम की दूरी पर था। तभी सफेद रंग की ऑल्टो कार आकर रुकी। उसमें दो लोग बैठे थे। एक कार से बाहर आकर मुझसे रास्ता पूछने लगा। इतने में ही वैन आ गई। उन्होंने बताया, जैसे ही प्रतीक वैन से उतरा, मुझसे रास्ता पूछ रहा व्यक्ति तेजी से बच्चे की ओर दौड़ा। मैं कुछ समझ पाता, तब तक उसके साथी ने कार आगे बढ़ा दी और अगले ही पल प्रतीक को कार में खींचकर अपने साथी के साथ भाग निकला। मैं पीछे दौड़ा, लेकिन कार तक पहुंच नहीं पाया। दादा बोले- कार का नंबर नहीं देख पाया
दिनदहाड़े हुई इस वारदात की सूचना पर पुलिस पहुंची। दादा ने पूछताछ में बताया कि सबकुछ इतना तेजी से हुआ कि वह कार का नंबर नहीं देख पाए। दोनों बदमाशों को उन्होंने पहले कभी नहीं देखा है। पुलिस ने गांववालों से पूछताछ की तो पता चला कि कार औंता गांव की ओर गई है। पुलिस ने आसपास के सभी रास्तों पर नाकेबंदी कराई, लेकिन अभी तक किडनैपर्स और बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका है। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया, अब तक कि पूछताछ में परिवार ने किसी रंजिश की बात नहीं बताई है। परिवार की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। अब तक किसी तरह की कॉल भी घरवालों के पास नहीं आई है। हर बिंदु पर छानबीन की जा रही है।
अखिलेश यादव ने की बच्चे को सही सलामत घर पहुंचाने की मांग ———————- ये खबर भी पढ़ें… कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं, खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्‌टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…