प्रयागराज में महिला का शव कार में लेकर डॉक्टर 2 घंटे तक घूमते रहे। महिला की मौत की खबर उसके परिवार वालों से छिपा ली। वह 3 महीने की प्रेग्नेंट थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिसके थोड़ी देर बात महिला की मौत हो गई। डॉक्टर ने पहले बताया कि महिला बेहोश है। उसे इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में ले जा रहे हैं। इसके बाद शव को कार में रखकर क्लिनिक से निकल गए। करीब दो घंटे तक शहर में इधर-उधर घूमते रहे। महिला के घरवालों को जब संदेह हुआ तो उन्होंने लोकेशन मांगकर कार का पीछा किया। परिजन जब कार तक पहुंचे तो उसमें महिला की लाश पड़ी थी। फिर कार को सीधे पुलिस चौकी ले गए। तभी डॉक्टर कार में शव छोड़कर भाग गया। परिवार वालों ने 5 घंटे तक शव को उठाने नहीं दिया। घटना फूलपुर थाना क्षेत्र की है। पूरा मामला विस्तार से… फूलपुर थाना क्षेत्र के नरई गांव में डॉ. सुखदेव का क्लिनिक है। यहां डॉ. सुखदेख, उनकी पत्नी डॉ. मीरा और बेटी डॉ. दीप शिखा, दीप शिखा का पति डॉ. सुभाषचंद्र चारों ही मरीजों का इलाज करते हैं। पड़ोस के गांव आटा की रहने वाली अंगूरा देवी (25) पति राजाराम 3 माह की गर्भवती थी। पति राजाराम ने कहा- मेरी पत्नी अंगूरा देवी के पेट में बुधवार शाम को दर्द हो रहा था। घर में कोई था नहीं तो वह अकेले ही क्लिनिक पर दवा लेने चली गई। वहां डॉक्टरों ने उसका चेकअप किया। इसके बाद गलत इंजेक्शन लगा दिया। रात करीब 7.30 बजे इंजेक्शन लगाने से अंगूरा की मौत हो गई। फिर डॉ. मीरा ने मुझे फोन कर बताया कि इंजेक्शन लगाने से अंगूरा बेहोश हो गई है। हम उसे लेकर दूसरे अस्पताल जा रहे हैं। कार में शव छोड़कर भागे डॉक्टर पति-पत्नी राजाराम का कहना है कि सूचना मिलते ही मैं अस्पताल के लिए निकला। वहां पहुंचकर देखा तो अंगूरा क्लिनिक में नहीं थी। पूछने पर पता चला कि डॉ. मीरा और उनके पति डॉ. सुभाष अंगूरा को कार से लेकर गए हैं। फोन पर बात करने के बाद हम लोग भी अपनी कार से वहां तक पहुंचे। रात करीब 10 बजे हम लोग रहीमापुर तिराहे पर डॉक्टर की कार पकड़ लिया। कार में अंगूरा मृत मिली। इसके बाद परिवार वाले डॉक्टर को पकड़कर फूलपुर थाने की इफको पुलिस चौकी पहुंचे। यहां रात 11 बजे तक हंगामा चलता रहा। इसी बीच डॉक्टर दीप शिखा और उसका पति सुभाषचंद्र कार छोड़कर निकल गए। गुस्साए परिजन हंगामा करने के बाद शव को गांव ले जाते हैं। शव कार में ही रखा रहता है। सुबह परिवार और गांव वाले हंगामा करने लगते हैं। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं। काफी हंगामे के बाद पुलिस शव को कब्जे में लेती है। परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी है। सभी का बयान दर्ज किया गया है। महिला के पिता संजय कुमार ने कहा- हमें क्लिनिक से फोन आया कि आपकी बेटी की तबीयत अचानक खराब हो गई है, इसलिए उसे शहर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही हम उसकी तलाश में निकल पड़े। करीब दो से तीन घंटे बाद रहीमापुर तिराहे के पास एक कार में हमारी बेटी का शव मिला। —————– ये भी पढ़ें- पहले दामाद, अब बहनोई के साथ महिला फरार:अलीगढ़ में बेटी की शादी से 12 दिन पहले भागी थी; एक साल से दूसरे पति के साथ रह रही थी अलीगढ़ की इस महिला को पहचानते हैं आप? यह वही महिला है, जो अपनी बेटी की शादी से 12 दिन पहले पति को छोड़कर दामाद के साथ फरार हो गई थी। अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। महिला एक बार फिर लापता हो गई है। पढ़ें पूरी खबर….