प्रयागराज में मोबाइल के लिए चचेरे भाई का अपहरण:ईंट से सिर कूचा, हाथ-पैर बांधकर झाड़ी में फेंका; चेहरे की खाल खा गईं चींटियां

प्रयागराज में 16 साल के लड़के ने अपने 9 साल के चचेरे भाई का अपहरण कर लिया। पोल खुलने के डर से आरोपी ने भाई को मारना चाहा। इसलिए ईंट से उसका सिर कूच दिया। जब वह बेसुध हो गया तो हाथ-पैर बांधकर उसे घर से 500 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया। वारदात के करीब 14 घंटे बाद पुलिस ने शुक्रवार को बच्चे को घायल अवस्था में बरामद किया है। बच्चे के चेहरे, आंख-कान पर चींटियां रेंग रही थीं। चींटियां चेहरे के कुछ हिस्से की खाल खा गई थीं। पुलिस ने घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया है। सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई को अरेस्ट कर लिया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। बताया, उस पर 1800 रुपए का कर्ज हो गया था। जिसे वह फिरौती के रकम से चुकाना चाहता था। साथ ही महंगा मोबाइल खरीदना चाहता था। मामला कौंधियारा थाना क्षेत्र का है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला घर के बाहर खेलने गया, लापता हो गया
जारी गांव के रहने वाले राजेश केसरवानी चावल कारोबारी हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा श्लोक कुमार 7वीं में पढ़ता है। जबकि छोटा बेटा अंश (9) चौथी क्लास का छात्र है। राजेश ने बताया, छोटा बेटा अंश बुधवार सुबह करीब 8 बजे घर से बाहर खेलने के लिए निकला था। दोपहर करीब 12 बजे मैं बाजार से घर आया तो पत्नी ने कहा, अंश आज खाना खाने नहीं आया। पता नहीं, कहां चला गया है। मोहल्ले में भी कहीं नहीं है। इसके बाद हम लोगों ने उसकी खोजबीन की। मगर, वह नहीं मिला। शाम करीब 5 बजे थाने पर बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। झाड़ियों में बेसुध मिला बच्चा, हाथ-पैर बंधे थे राजेश कहते हैं- पुलिस और हम लोग लगातार उसे खोज रहे थे। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी कि एक लड़का झाड़ियों में पड़ा हुआ है। गुरुवार रात करीब 10 बजे हम लोग मौके पर पहुंचे। यहां झाड़ियों में देखा कि मेरा बेटा पड़ा हुआ था। उसके हाथ-पैर बंधे थे। सिर से खून निकल रहा था। चेहरे पर चींटियां लगी हुईं थीं। हम लोगों ने तत्काल बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और घर के आसपास लगे हुए सीसीटीवी देखे। इसमें आरोपी अपने भाई अंश को ले जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। सीसीटीवी से पकड़ा गया आरोपी, रिश्तेदार निकला
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया- मैं अंश को घर से कंचा (कांच की गोलियां) देने के बहाने अपने साथ लेकर गया था। उसे झाड़ियों के पास ले गया। जहां मैंने उसके सिर पर पत्थर मार दिया। इस पर वह बेहोश होकर नीचे गिर गया। फिर मैंने रस्सी से उसके हाथ-पैर बांधे। फिर उसे झाड़ियों में फेंक दिया और वापस आ गया। बताया- मैं कपड़े की दुकान पर काम करता हूं। मैंने कई लोगों से रुपए उधार लिए थे। जिससे मेरे ऊपर 1800 रुपए कर्ज हो गया था। उधारी वाले मुझे लगातार फोन कर रहे थे। मैंने कर्ज उतारने के लिए अपने चचेरे भाई के किडनैपिंग की प्लानिंग की। कर्ज चुकाने के लिए किया चचेरे भाई का अपहरण
आरोपी ने बताया- झाड़ियों में फेंकने के बाद मैं ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहा था, जिसके फोन से मुझे फिरौती मांगनी थी। बताया- अंश के घर वालों से मुझे डेढ़ लाख रुपए मांगने थे। इससे पहले मैं फोन करता, उससे पहले मुझे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया- पीड़ित बच्चा और आरोपी दोनों ही नाबालिग हैं। दोनों आपस में रिश्तेदार हैं और पड़ोस में रहते हैं। बच्चे और आरोपी की दादी आपस में सगी बहनें थीं। आरोपी परिवार वालों से फिरौती मांगने की फिराक में था। उससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। बच्चे का इलाज हो रहा है। मेरे बेटे के चेहरे की खाल चींटियां खा गईं
मां अंजना ने बताया, आरोपी कब मेरे बेटे को ले गया, पता ही नहीं चला। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में वह दिख रहा है। मेरा बेटे के चेहरे को चींटियां खा रहीं थीं। चेहरे की कई जगह खाल गायब हो गई। उसके सिर पर गहरी चोट है। इसके अलावा उसके हाथ-पैर और पीठ पर भी निशान हैं। …………….. ये खबर भी पढ़िए- 4 महीने से पेट पर आंत रखे है रेप पीड़िता:रामपुर की बच्ची का प्राइवेट पार्ट डैमेज, पेट चीरकर बनाया मल-मूत्र का रास्ता
यूपी के रामपुर की रेप पीड़िता मंदबुद्धि बच्ची की फैमिली को कोर्ट से तो सिर्फ 4 महीने में इंसाफ मिल गया। लेकिन, 11 साल की यह बच्ची जिंदा लाश बनकर रह गई है। उसके प्राइवेट पार्ट में गहरी चोटें हैं। मल-मूत्र के लिए डॉक्टरों ने पेट चीरकर रास्ता बना रखा है। दोनों आंतें पेट के ऊपर रखी हैं, जो रूमाल के सहारे टिकी रहती हैं। बच्ची जब भी मल-मूत्र जाती है, पूरा पेट और रूमाल गंदा हो जाता है। मां उसे रूई (कॉटन) से साफ करती है। पढ़िए पूरी खबर