प्रयागराज में बदमाशों ने दिनदहाड़े वकील को गोली मार दी। बाइक सवार तीन बदमाशों ने कोर्ट जा रहे वकील को रोका। इसके बाद सीने में दो गोलियां मार दीं। आसपास के लोग फायरिंग की आवाज सुनकर पहुंचे तो बदमाश फरार हो गए। वकील 20 मिनट तक जमीन पर तड़पते रहे। लोगों ने उनसे पूछा कि किसने गोली मारी। इस पर वकील ने कहा- जमीन विवाद में पड़ोसी ने फायरिंग करवाई। इसके बाद वकील को अस्पताल पहुंचाया गया। वकील की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना सोरांव थाना क्षेत्र के कल्याण शाह का पूरा गांव के पास की है। वकील मान सिंह मऊआइमा थाना क्षेत्र के किंग्रिया का पूरा गांव के रहने वाले हैं। भाई ने 7 नामजद पर FIR कराई है। हमलावर 3 बाइक से आए थे। सीने में फंसी गोली निकालने के लिए ढाई घंटे ऑपरेशन चला। तालाब की जमीन को लेकर 7 लोगों ने हमला बोला
वकील मान सिंह यादव के छोटे भाई मुलायम सिंह यादव ने सोरांव थाने में 7 नामजद पर केस दर्ज कराया है। मुलायम ने कहा- भाई मान सिंह यादव बाइक से कचहरी जा रहे थे तो तीन बाइक पर सवार सात से ज्यादा हमलावरों ने रोक लिया। सभी भगवा कलर का गमछा बांधे थे। इन लोगों ने हमला किया। उनका कहना है कि अनिल यादव मेरे पड़ोसी हैं। दो दिन पहले तालाब की जमीन को लेकर विशाल धुरिया की पैरवी में विवाद हुआ था। तब अनिल यादव ने जान से मारने की धमकी दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अनिल यादव, जगत नारायण, लालजी, राजू, राहुल, रवि, रंजीत पर नामजद केस दर्ज किया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है। शुरुआती जांच से साफ हुआ है कि तालाब की जमीन को लेकर रंजिश, मारपीट, धमकी के बाद यह वारदात अंजाम दी गई। पढ़िए… गोली लगने के बाद वकील ने लोगों से क्या बताया राहगीर: आपका क्या नाम है? वकील: मानसिंह यादव राहगीर: आपको किसने मारा? वकील: अनिल वकील ने गोली चलवाई। राहगीर: अनिल वकील कौन है? वकील: हमारे बगल में रहता है। राहगीर: आपके मोबाइल का पासवर्ड क्या है? वकील: 2025 है। मेरे घरवालों को फोन कर दो। राहगीर: आपके गांव का नाम क्या है? वकील: किंग्रिया का पूरा गांव। इतना बताते-बताते वकील मान सिंह बेहोश हो जाते हैं। कुछ देर में एंबुलेंस पहुंचती है और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया जाता है। बाइक पर बदमाश आए, ओवरटेक कर मारी गोली
पुलिस के मुताबिक, वकील मान सिंह कहीं जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावर पीछे से आए। उन्होंने ओवरटेक कर वकील को रोका और दो गोलियां मारकर प्रयागराज-प्रतापगढ़ मार्ग पर फरार हो गए। वारदात की सूचना पर डीसीपी गंगापार कुलदीप गुणावत क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद वकील को स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीने में फंसी गोली निकालने में लगे ढाई घंटे
स्वरूप रानी अस्पताल के डॉक्टर बद्री विशाल सिंह ने बताया- वकील के सीने में दो गन शॉट लगे हैं। एक गोली फंसी थी। उन्हें ऑपरेशन थिएटर में भेजा गया है। उनकी हालत नाजुक है। चार यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। बड़ी मुश्किल के बाद ढाई घंटे के ऑपरेशन में फंसी गोली निकाली गई। DCP बोले- वकील ने आरोपियों की पहचान की
डीसीपी गंगापार कुलदीप गुणावत ने बताया- घायल ने आरोपियों की पहचान अपने ही गांव के संबंधी और परिजन के रूप में की है, जिनसे जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 4 पुलिसकर्मियों ने ब्लड डोनेट किया घायल वकील को जब स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया तो हालत गंभीर थी। ऑपरेशन कर गोली निकालना था। ज्यादा खून बह चुका था। ऐसे में खून की जरूरत थी। तब तक परिवार के लोग नहीं पहुंचे थे। ऐसे में एसीपी पुष्कर वर्मा के ड्राइवर हेड कॉन्स्टेबल राजेश मौर्य, हेड कॉन्स्टेबल सागर पोरवाल, कॉन्स्टेबल आलोक यादव, कॉन्स्टेबल संदीप कुमार ने ब्लड डोनेट किया। तब जाकर जान बच सकी। एक तरफ वकील जमा थे। पुलिस कोशिश में थी कि हंगामा न हो। ऐसे में पुलिसकर्मी खून देने को तैयार हुए तो मामला शांत हो गया। ——————- ये खबर भी पढ़िए- फांसी पर लटके बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, कानपुर में सवा दो मिनट में पुलिस पहुंची; दीवार तोड़कर कमरे की कुंडी खोली कानपुर की गुजैनी पुलिस ने फांसी लगाने वाले बुजुर्ग की जान बचा ली। इसका लाइव वीडियो सामने आया है। सूचना के महज 2 मिनट 15 सेकेंड में पुलिस मौके पर पहुंच गई। दीवार तोड़कर कमरे में दाखिल हुई और बुजुर्ग को फंदे से उतार लिया। पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े की वजह से बुजुर्ग ने जान देने की कोशिश की थी। पुलिस ने बुजुर्ग को हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां बुजुर्ग का इलाज चल रहा। उसकी हालत में सुधार है। पढ़ें पूरी खबर…
वकील मान सिंह यादव के छोटे भाई मुलायम सिंह यादव ने सोरांव थाने में 7 नामजद पर केस दर्ज कराया है। मुलायम ने कहा- भाई मान सिंह यादव बाइक से कचहरी जा रहे थे तो तीन बाइक पर सवार सात से ज्यादा हमलावरों ने रोक लिया। सभी भगवा कलर का गमछा बांधे थे। इन लोगों ने हमला किया। उनका कहना है कि अनिल यादव मेरे पड़ोसी हैं। दो दिन पहले तालाब की जमीन को लेकर विशाल धुरिया की पैरवी में विवाद हुआ था। तब अनिल यादव ने जान से मारने की धमकी दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अनिल यादव, जगत नारायण, लालजी, राजू, राहुल, रवि, रंजीत पर नामजद केस दर्ज किया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है। शुरुआती जांच से साफ हुआ है कि तालाब की जमीन को लेकर रंजिश, मारपीट, धमकी के बाद यह वारदात अंजाम दी गई। पढ़िए… गोली लगने के बाद वकील ने लोगों से क्या बताया राहगीर: आपका क्या नाम है? वकील: मानसिंह यादव राहगीर: आपको किसने मारा? वकील: अनिल वकील ने गोली चलवाई। राहगीर: अनिल वकील कौन है? वकील: हमारे बगल में रहता है। राहगीर: आपके मोबाइल का पासवर्ड क्या है? वकील: 2025 है। मेरे घरवालों को फोन कर दो। राहगीर: आपके गांव का नाम क्या है? वकील: किंग्रिया का पूरा गांव। इतना बताते-बताते वकील मान सिंह बेहोश हो जाते हैं। कुछ देर में एंबुलेंस पहुंचती है और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया जाता है। बाइक पर बदमाश आए, ओवरटेक कर मारी गोली
पुलिस के मुताबिक, वकील मान सिंह कहीं जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावर पीछे से आए। उन्होंने ओवरटेक कर वकील को रोका और दो गोलियां मारकर प्रयागराज-प्रतापगढ़ मार्ग पर फरार हो गए। वारदात की सूचना पर डीसीपी गंगापार कुलदीप गुणावत क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद वकील को स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीने में फंसी गोली निकालने में लगे ढाई घंटे
स्वरूप रानी अस्पताल के डॉक्टर बद्री विशाल सिंह ने बताया- वकील के सीने में दो गन शॉट लगे हैं। एक गोली फंसी थी। उन्हें ऑपरेशन थिएटर में भेजा गया है। उनकी हालत नाजुक है। चार यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। बड़ी मुश्किल के बाद ढाई घंटे के ऑपरेशन में फंसी गोली निकाली गई। DCP बोले- वकील ने आरोपियों की पहचान की
डीसीपी गंगापार कुलदीप गुणावत ने बताया- घायल ने आरोपियों की पहचान अपने ही गांव के संबंधी और परिजन के रूप में की है, जिनसे जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 4 पुलिसकर्मियों ने ब्लड डोनेट किया घायल वकील को जब स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया तो हालत गंभीर थी। ऑपरेशन कर गोली निकालना था। ज्यादा खून बह चुका था। ऐसे में खून की जरूरत थी। तब तक परिवार के लोग नहीं पहुंचे थे। ऐसे में एसीपी पुष्कर वर्मा के ड्राइवर हेड कॉन्स्टेबल राजेश मौर्य, हेड कॉन्स्टेबल सागर पोरवाल, कॉन्स्टेबल आलोक यादव, कॉन्स्टेबल संदीप कुमार ने ब्लड डोनेट किया। तब जाकर जान बच सकी। एक तरफ वकील जमा थे। पुलिस कोशिश में थी कि हंगामा न हो। ऐसे में पुलिसकर्मी खून देने को तैयार हुए तो मामला शांत हो गया। ——————- ये खबर भी पढ़िए- फांसी पर लटके बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, कानपुर में सवा दो मिनट में पुलिस पहुंची; दीवार तोड़कर कमरे की कुंडी खोली कानपुर की गुजैनी पुलिस ने फांसी लगाने वाले बुजुर्ग की जान बचा ली। इसका लाइव वीडियो सामने आया है। सूचना के महज 2 मिनट 15 सेकेंड में पुलिस मौके पर पहुंच गई। दीवार तोड़कर कमरे में दाखिल हुई और बुजुर्ग को फंदे से उतार लिया। पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े की वजह से बुजुर्ग ने जान देने की कोशिश की थी। पुलिस ने बुजुर्ग को हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां बुजुर्ग का इलाज चल रहा। उसकी हालत में सुधार है। पढ़ें पूरी खबर…