बहराइच में बच्ची को उठा ले जाने वाले भेड़िए का एनकाउंटर हो गया है। वन विभाग के शूटर ने 11 घंटे में ही उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया। रविवार सुबह 5 बजे मां के बगल में सो रही डेढ़ साल की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया था। जैसे ही भेड़िए ने बच्ची को जबड़ों में दबोचा, वह चीख पड़ी। इसके बाद मां की नींद खुल गई। मां ने शोर मचाया। परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े, लेकिन भेड़िया बच्ची को लेकर जंगल की तरफ भाग गया। घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर मांस के कुछ टुकड़े मिले। कुछ जगह खून के धब्बे भी नजर आए। हालांकि, अभी तक बच्ची का शव नहीं मिला है। ये घटना बहराइच मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर कैसरगंज के कंदौली गांव की है। घटना के बाद से पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर डटी थी। ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से हमलावर भेड़िए की सर्चिंग की गई। 4 किमी दूर मिली भेड़िए की लोकेशन
कंदौली गांव से करीब चार किलोमीटर दूर ग्रामीणों ने शाम 4 बजे भेड़िए को बभननपुरवा गांव के पास गन्ने के खेत में छिपा देखा और वन विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही SDM अखिलेश सिंह और रेंजर ओंकार यादव शूटर आरिश के साथ मौके पर पहुंचे। ड्रोन की मदद से भेड़िए की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद शूटर ने उसे गोली मार दी। कैसरगंज के SDM ने पुष्टि की कि मारा गया भेड़िया मादा था। ग्रामीणों ने इलाके में दो और भेड़िए देखे जाने की बात कही है। इस साल बहराइच में भेड़िए अब तक 6 लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि 30 लोग हमले में घायल हैं। वन विभाग के मुताबिक, इलाके में कुल चार भेड़िए हमले कर रहे थे, जिनमें से तीन को मार गिराया। चौथे को गोली लगी थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। एनकाउंटर स्पॉट की 2 तस्वीरें देखिए… चिल्लाती हुई भेड़िए के पीछे-पीछे दौड़ी मां
राकेश यादव खरपुर थाना क्षेत्र के कंदौली गांव में परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि बेटी शानवी घर के बरामदे में पत्नी के साथ सो रही थी। मैं पशुओं को चारा दे रहा था। इसी दौरान भेड़िया घर में घुस आया। उसने सो रही बच्ची पर हमला कर दिया और जबड़ों में दबोच लिया। इसके बाद बच्ची चीख पड़ी। तभी पत्नी की नींद खुल गई। यह देखकर वह चिल्लाने लगी और भेड़िए के पीछे-पीछे दौड़ पड़ी। मैं भी गांव वालों के साथ उसके पीछे-पीछे दौड़ा, लेकिन भेड़िया बच्ची को लेकर भाग गया। सुबह होने पर घर से कुछ दूरी पर घास पर मांस के टुकड़े मिले हैं। खून और मांस के टुकड़े देखकर बच्ची की मां बेहोश हो गई। घर और पड़ोस की अन्य महिलाएं उन्हें संभाल रही हैं। वहीं पिता राकेश का रो-रोकर बुरा हाल है। वन रेंजर ने कहा था… क्षेत्र में टीमों की गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि बच्चे को घरों से न निकलने दें। किसी भी हालत में भेड़िए को नहीं छोड़ेंगे। घर से थोड़ी दूर पर खून और मांस के टुकड़े मिले
प्रधान मेहीलाल यादव ने बताया कि सुबह पांच बजे गांव में अचानक से चीखपुकार मच गई। लोग लाठी-डंडा लेकर खेतों की ओ भागने लगे। पूछा तो जानकारी हुई की राकेश की छोटी बेटी शानवी को भेड़िया उठा ले गया। राकेश की तीन बेटियां है। शानवी सबसे छोटी थी। गांव वाले राकेश के परिवार के साथ मिलकर बच्ची की तलाश में जुट गए। फोन करके तत्काल घटना की जानकारी पुलिस और वन विभाग की टीम को भी दे दी गई। टीम मौके पर पहुंची। ड्रोन की मदद से टीम मासूम की तलाश में जुटी है। राकेश के घर से थोड़ी दूर पर खून और मांस के टुकड़े मिले हैं। घटना की जानकारी होने पर पूर्व जिला अध्यक्ष विजय सिंह रायफल लेकर अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचे हैं। करीब 100 लोग बच्ची की तलाश में जुटे हैं। प्रधान मेहीलाल यादव ने बताया कि मासूम के पिता राकेश खेती-किसानी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पहले भी दो भेड़ियों को वन विभाग ने गोली मारी
इससे पहले 28 सितंबर को एक भेड़िया मारा गया था। 15 अक्टूबर यानी 17 दिन पहले वन विभाग के शूटर ने आदमखोर भेड़िए को मार गिराया था। पेट में गोली लगने के बाद भेड़िया करीब 10 कदम चला, फिर लड़खड़ाकर गिर पड़ा। इस भेड़िए ने एक महिला और दो बच्चों पर हमला किया था।
सीएम ने कहा था- भेड़िया पकड़ में न आए तो गोली मार दो
27 सितंबर को सीएम योगी ने बहराइच में भेड़िए से प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया था। भेड़ियों के हमलों में मारे गए और घायल मासूमों के परिवारों से मुलाकात की थी। सीएम ने कहा था- अगर भेड़िया पकड़ में न आए तो उन्हें शूट कर दिया जाए। 2024 में भेड़िए के हमले में 9 बच्चे मरे थे
2024 में महसी तहसील के मक्का पुरवा, नकवा, कुलैला, हिंद सिंह, सिसैया चूड़ामणि गांव में भेड़ियों ने 9 बच्चों को मार डाला था। 25 से ज्यादा घायल हो गए थे। वन विभाग ने महीनों अभियान चलाकर भेड़ियों को पकड़ा था। खबर से जुड़े ग्राफिक्स देखिए… ———————————————— ये खबर भी पढ़ेंः- मेरठ में 28 साल के किसान की हत्या:सीने में तीन गोली मारी; घर का इकलौता बेटा था; पत्नी रो-रोकर बेसुध मेरठ में 28 साल के किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह शनिवार रात से लापता था। रविवार सुबह उसका शव गांव के बाहर जंगल में खून से लथपथ पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक के सीने में गोली लगी थी। पढ़ें पूरी खबर…
कंदौली गांव से करीब चार किलोमीटर दूर ग्रामीणों ने शाम 4 बजे भेड़िए को बभननपुरवा गांव के पास गन्ने के खेत में छिपा देखा और वन विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही SDM अखिलेश सिंह और रेंजर ओंकार यादव शूटर आरिश के साथ मौके पर पहुंचे। ड्रोन की मदद से भेड़िए की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद शूटर ने उसे गोली मार दी। कैसरगंज के SDM ने पुष्टि की कि मारा गया भेड़िया मादा था। ग्रामीणों ने इलाके में दो और भेड़िए देखे जाने की बात कही है। इस साल बहराइच में भेड़िए अब तक 6 लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि 30 लोग हमले में घायल हैं। वन विभाग के मुताबिक, इलाके में कुल चार भेड़िए हमले कर रहे थे, जिनमें से तीन को मार गिराया। चौथे को गोली लगी थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। एनकाउंटर स्पॉट की 2 तस्वीरें देखिए… चिल्लाती हुई भेड़िए के पीछे-पीछे दौड़ी मां
राकेश यादव खरपुर थाना क्षेत्र के कंदौली गांव में परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि बेटी शानवी घर के बरामदे में पत्नी के साथ सो रही थी। मैं पशुओं को चारा दे रहा था। इसी दौरान भेड़िया घर में घुस आया। उसने सो रही बच्ची पर हमला कर दिया और जबड़ों में दबोच लिया। इसके बाद बच्ची चीख पड़ी। तभी पत्नी की नींद खुल गई। यह देखकर वह चिल्लाने लगी और भेड़िए के पीछे-पीछे दौड़ पड़ी। मैं भी गांव वालों के साथ उसके पीछे-पीछे दौड़ा, लेकिन भेड़िया बच्ची को लेकर भाग गया। सुबह होने पर घर से कुछ दूरी पर घास पर मांस के टुकड़े मिले हैं। खून और मांस के टुकड़े देखकर बच्ची की मां बेहोश हो गई। घर और पड़ोस की अन्य महिलाएं उन्हें संभाल रही हैं। वहीं पिता राकेश का रो-रोकर बुरा हाल है। वन रेंजर ने कहा था… क्षेत्र में टीमों की गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि बच्चे को घरों से न निकलने दें। किसी भी हालत में भेड़िए को नहीं छोड़ेंगे। घर से थोड़ी दूर पर खून और मांस के टुकड़े मिले
प्रधान मेहीलाल यादव ने बताया कि सुबह पांच बजे गांव में अचानक से चीखपुकार मच गई। लोग लाठी-डंडा लेकर खेतों की ओ भागने लगे। पूछा तो जानकारी हुई की राकेश की छोटी बेटी शानवी को भेड़िया उठा ले गया। राकेश की तीन बेटियां है। शानवी सबसे छोटी थी। गांव वाले राकेश के परिवार के साथ मिलकर बच्ची की तलाश में जुट गए। फोन करके तत्काल घटना की जानकारी पुलिस और वन विभाग की टीम को भी दे दी गई। टीम मौके पर पहुंची। ड्रोन की मदद से टीम मासूम की तलाश में जुटी है। राकेश के घर से थोड़ी दूर पर खून और मांस के टुकड़े मिले हैं। घटना की जानकारी होने पर पूर्व जिला अध्यक्ष विजय सिंह रायफल लेकर अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचे हैं। करीब 100 लोग बच्ची की तलाश में जुटे हैं। प्रधान मेहीलाल यादव ने बताया कि मासूम के पिता राकेश खेती-किसानी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पहले भी दो भेड़ियों को वन विभाग ने गोली मारी
इससे पहले 28 सितंबर को एक भेड़िया मारा गया था। 15 अक्टूबर यानी 17 दिन पहले वन विभाग के शूटर ने आदमखोर भेड़िए को मार गिराया था। पेट में गोली लगने के बाद भेड़िया करीब 10 कदम चला, फिर लड़खड़ाकर गिर पड़ा। इस भेड़िए ने एक महिला और दो बच्चों पर हमला किया था।
सीएम ने कहा था- भेड़िया पकड़ में न आए तो गोली मार दो
27 सितंबर को सीएम योगी ने बहराइच में भेड़िए से प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया था। भेड़ियों के हमलों में मारे गए और घायल मासूमों के परिवारों से मुलाकात की थी। सीएम ने कहा था- अगर भेड़िया पकड़ में न आए तो उन्हें शूट कर दिया जाए। 2024 में भेड़िए के हमले में 9 बच्चे मरे थे
2024 में महसी तहसील के मक्का पुरवा, नकवा, कुलैला, हिंद सिंह, सिसैया चूड़ामणि गांव में भेड़ियों ने 9 बच्चों को मार डाला था। 25 से ज्यादा घायल हो गए थे। वन विभाग ने महीनों अभियान चलाकर भेड़ियों को पकड़ा था। खबर से जुड़े ग्राफिक्स देखिए… ———————————————— ये खबर भी पढ़ेंः- मेरठ में 28 साल के किसान की हत्या:सीने में तीन गोली मारी; घर का इकलौता बेटा था; पत्नी रो-रोकर बेसुध मेरठ में 28 साल के किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह शनिवार रात से लापता था। रविवार सुबह उसका शव गांव के बाहर जंगल में खून से लथपथ पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक के सीने में गोली लगी थी। पढ़ें पूरी खबर…