बरेली में एक लाख का इनामी डकैत शैतान उर्फ इफ्तेखार एनकाउंटर में मारा गया। मुठभेड़ में SOG के हेड कॉन्स्टेबल राहुल को भी गोली लगी है। SSP के मुताबिक, गुरुवार सुबह 5.30 बजे पुलिस ने भोजीपुरा थाने में नैनीताल हाईवे किनारे बिलवा पुल के पास डकैत शैतान (37) को घेरा, तो उसने टीम पर फायरिंग कर दी। डकैत ने पुलिस पर 17 राउंड फायरिंग की। बचाव में पुलिस ने भी फायरिंग की। एक गोली उसके सीने और एक खोपड़ी के पार हो गई। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले आई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसका एक साथी फरार हो गया है। डकैत शैतान पर 7 जिलों में हत्या और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में 19 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड में उसके 14 नाम और 5 एड्रेस मिले हैं। बदमाश का 7 जिलों (बरेली, बहराइच, गोंडा, हरदोई, बाराबंकी, मेरठ, गौतमबुद्धनगर) में आतंक था। 3 तस्वीरें देखिए- अब विस्तार से पढ़िए… 9 अक्टूबर की सुबह करीब 04.30 बजे बारादरी थाने के SHO धनंजय पाण्डेय को मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख का इनामी कुख्यात सोल्जर अपने एक साथी के साथ बिना नम्बर की बाइक से बीसलपुर रोड होते हुए बरेली स्थित बीसलपुर चौराहा की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही SHO अपनी टीम के साथ बीसलपुर चौराहे पर पहुंचकर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दोनों अपराधियों ने पुलिस को घिरा देख फायरिंग शुरू कर दी और लालपुर चौराहा होते हुए हाईवे की ओर भागने लगे। SHO बारादरी ने तुरंत आसपास के थाना इज्जतनगर, भोजीपुरा और SOG टीमों को सूचना दी। SHO इज्जतनगर बिजेन्द्र सिंह और SHO भोजीपुरा प्रवीण कुमार सोलंकी की टीमें और SOG प्रथम और द्वितीय भी सक्रिय हो गईं। ट्रक का फायदा उठाकर भागे
अहलादपुर पुलिस चौकी पर रोकने का प्रयास विफल रहा। विलयधाम पुल के पास भी घेराबंदी की गई, लेकिन अपराधी एक ट्रक का फायदा उठाकर रामपुर की तरफ भागते रहे। हाईवे पर SOG प्रथम की टीम ने घेराबंदी की तो अपराधियों ने यू-टर्न लिया और नैनीताल रोड की ओर भागने लगे। वहां पहले से कार्डन लगा था। बाइक सवार अपराधी तिल की फसल के खेत में बाइक गिरा बैठे। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। करीब 05.30 से 6 बजे के बीच इफ्तेकार गोली लगने से घायल हो गया। उसे और घायल पुलिसकर्मी राहुल को सीएचसी भोजीपुरा ले जाया गया। इफ्तेकार को जिला अस्पताल बरेली रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी राहुल का इलाज जारी है। मुठभेड़ में शामिल दूसरा अपराधी फसल का फायदा उठाकर जंगल की तरफ फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए कांबिंग और जनपदीय सीमाओं पर सघन चेकिंग जारी है। बाइक, पिस्टल और 17 कारतूस बरामद
दैनिक भास्कर से बातचीत में SSP अनुराग आर्य ने बताया- पुलिस ने डकैत शैतान की बाइक, एक पिस्टल, 32 बोर की 17 कारतूस और 2 मैगजीन बरामद की है। आधार कार्ड, दो हेलमेट और 28,300 रुपए नकद भी मिले हैं। पुलिस मौके से सबूत जुटा रही है। एक अज्ञात बदमाश जो फरार हो गया है, उसकी तलाश में भी पुलिस की अलग-अलग टीमें लगी हैं। 14 नाम और 5 एड्रेस पुलिस रिकॉर्ड में
SSP ने बताया- यह शातिर अपराधी था। इसने 14 अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर अपराध किए। पुलिस को गुमराह करने और मुकदमों में फायदा उठाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था। पुलिस रिकॉर्ड में अभी तक इसके पांच एड्रेस भी सामने आए हैं। इस पर डकैती और मर्डर के चार मुकदमों समेत सात जिलों में 19 केस दर्ज हैं। 2012 में पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था, 8 साल बाद गिरफ्तार किया गया
SSP ने बताया- 2006 में थाना फरीदपुर के पचौमी मंदिर के पुजारी की हत्या और डकैती में भी उसका नाम सामने आया था। साल 2012 में वह बाराबंकी से पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। आठ साल बाद 2020 में गिरफ्तार किया गया। तब भी इसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इस एनकाउंटर को बरेली SSP अनुराग आर्य ने लीड किया। साथ ही SOG टीम और तीन थानों की फोर्स भी शामिल थी। नाम बदल-बदलकर पुलिस को गुमराह करता था
डकैत नाम बदल-बदलकर पुलिस को गुमराह करता था। इफ्तेखार, धूम, सोल्जर, लोधा, शैतान, शाकिर, रोहित जैसे नामों से डकैत ने कई बार पुलिस की आंखों में धूल झोंकी। डकैत शैतान पुत्र सादिक, कासगंज के कादरगंज स्थित बरी चौक का रहने वाला था। हाल ही में वह अपने पिता से अलग हुआ था और परिवार के साथ गाजियाबाद के टीला मोड़ के भूपखेड़ी गांव में रह रहा था। 238 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया
राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से जुलाई 2025 तक यूपी पुलिस ने 238 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 14,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 30,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 9,000 से अधिक को गोली मारी गई। ————————————- ये भी पढ़ें इकलौते बेटे की लाश लेकर दौड़ता रहा पिता:प्रयागराज में स्कूल का गेट गिरने से मौत, गांववाले बोले- बच्चों को पढ़ने नहीं भेजेंगे समय: सुबह 6:30 बजे, 8 अक्टूबर। जगह: प्रयागराज का धमोह गांव। यहां प्राइमरी स्कूल का मेन गेट भरभराकर गिर गया। 250 किलो भारी लोहे के दरवाजे के नीचे 7 साल का इशू पाल दब गया। पिता पहुंचे तो उसकी सांसें चल रही थीं। उसे देखकर वे चीखने लगे। 4-5 और लोग दौड़ आए। इसके बाद दरवाजे को उठाकर इशू को बाहर निकाला गया। पिता बेटे को गोद में लेकर दौड़ते हुए CHC पहुंचे। मगर तब तक इशू की सांसें थम चुकी थीं। पूरी खबर पढ़िए
अहलादपुर पुलिस चौकी पर रोकने का प्रयास विफल रहा। विलयधाम पुल के पास भी घेराबंदी की गई, लेकिन अपराधी एक ट्रक का फायदा उठाकर रामपुर की तरफ भागते रहे। हाईवे पर SOG प्रथम की टीम ने घेराबंदी की तो अपराधियों ने यू-टर्न लिया और नैनीताल रोड की ओर भागने लगे। वहां पहले से कार्डन लगा था। बाइक सवार अपराधी तिल की फसल के खेत में बाइक गिरा बैठे। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। करीब 05.30 से 6 बजे के बीच इफ्तेकार गोली लगने से घायल हो गया। उसे और घायल पुलिसकर्मी राहुल को सीएचसी भोजीपुरा ले जाया गया। इफ्तेकार को जिला अस्पताल बरेली रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी राहुल का इलाज जारी है। मुठभेड़ में शामिल दूसरा अपराधी फसल का फायदा उठाकर जंगल की तरफ फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए कांबिंग और जनपदीय सीमाओं पर सघन चेकिंग जारी है। बाइक, पिस्टल और 17 कारतूस बरामद
दैनिक भास्कर से बातचीत में SSP अनुराग आर्य ने बताया- पुलिस ने डकैत शैतान की बाइक, एक पिस्टल, 32 बोर की 17 कारतूस और 2 मैगजीन बरामद की है। आधार कार्ड, दो हेलमेट और 28,300 रुपए नकद भी मिले हैं। पुलिस मौके से सबूत जुटा रही है। एक अज्ञात बदमाश जो फरार हो गया है, उसकी तलाश में भी पुलिस की अलग-अलग टीमें लगी हैं। 14 नाम और 5 एड्रेस पुलिस रिकॉर्ड में
SSP ने बताया- यह शातिर अपराधी था। इसने 14 अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर अपराध किए। पुलिस को गुमराह करने और मुकदमों में फायदा उठाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था। पुलिस रिकॉर्ड में अभी तक इसके पांच एड्रेस भी सामने आए हैं। इस पर डकैती और मर्डर के चार मुकदमों समेत सात जिलों में 19 केस दर्ज हैं। 2012 में पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था, 8 साल बाद गिरफ्तार किया गया
SSP ने बताया- 2006 में थाना फरीदपुर के पचौमी मंदिर के पुजारी की हत्या और डकैती में भी उसका नाम सामने आया था। साल 2012 में वह बाराबंकी से पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। आठ साल बाद 2020 में गिरफ्तार किया गया। तब भी इसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इस एनकाउंटर को बरेली SSP अनुराग आर्य ने लीड किया। साथ ही SOG टीम और तीन थानों की फोर्स भी शामिल थी। नाम बदल-बदलकर पुलिस को गुमराह करता था
डकैत नाम बदल-बदलकर पुलिस को गुमराह करता था। इफ्तेखार, धूम, सोल्जर, लोधा, शैतान, शाकिर, रोहित जैसे नामों से डकैत ने कई बार पुलिस की आंखों में धूल झोंकी। डकैत शैतान पुत्र सादिक, कासगंज के कादरगंज स्थित बरी चौक का रहने वाला था। हाल ही में वह अपने पिता से अलग हुआ था और परिवार के साथ गाजियाबाद के टीला मोड़ के भूपखेड़ी गांव में रह रहा था। 238 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया
राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से जुलाई 2025 तक यूपी पुलिस ने 238 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 14,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 30,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 9,000 से अधिक को गोली मारी गई। ————————————- ये भी पढ़ें इकलौते बेटे की लाश लेकर दौड़ता रहा पिता:प्रयागराज में स्कूल का गेट गिरने से मौत, गांववाले बोले- बच्चों को पढ़ने नहीं भेजेंगे समय: सुबह 6:30 बजे, 8 अक्टूबर। जगह: प्रयागराज का धमोह गांव। यहां प्राइमरी स्कूल का मेन गेट भरभराकर गिर गया। 250 किलो भारी लोहे के दरवाजे के नीचे 7 साल का इशू पाल दब गया। पिता पहुंचे तो उसकी सांसें चल रही थीं। उसे देखकर वे चीखने लगे। 4-5 और लोग दौड़ आए। इसके बाद दरवाजे को उठाकर इशू को बाहर निकाला गया। पिता बेटे को गोद में लेकर दौड़ते हुए CHC पहुंचे। मगर तब तक इशू की सांसें थम चुकी थीं। पूरी खबर पढ़िए