लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ.दिनेश कुमार को मंगलवार को प्रोन्नति देकर डीजी परिवार कल्याण बनाया गया है। उनकी जगह पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की निदेशक स्वास्थ्य रहीं डॉ.कविता आर्या को बलरामपुर अस्पताल का नया निदेशक बनाया गया है। 100 से ज्यादा पुराने इस अस्पताल में ये पहला मौका जब किसी महिला डॉक्टर को बलरामपुर अस्पताल का निदेशक बनाया गया है। इससे पहले आज तक कोई भी महिला डॉक्टर निदेशक नहीं बनाई गई हैं। इसी के साथ एक और दिलचस्प संयोग बन गया है। लखनऊ शहर के 3 बड़े सरकारी अस्पतालों बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु की कमान महिला डॉक्टरों के पास है। शासन स्तर से मंगलवार को सिविल अस्पताल में डॉ. कजली गुप्ता की तैनाती कर दी गई। इससे पहले 30 जून को सिविल अस्पताल में डॉ.सुनील भारतीय के निदेशक पद से रिटायर होने के बाद कार्यवाहक निदेशक एडी मंडल स्वास्थ्य विभाग डॉ. जीपी गुप्ता को बनाया गया था। इनको मिली सिविल अस्पताल की जिम्मेदारी डीजी परिवार कल्याण मातृ एवं शिशु कल्याण की निदेशक डॉ.कजली गुप्ता को सिविल अस्पताल का स्थायी निदेशक बनाया गया है। सिविल में पहले भी महिला डॉक्टर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक के पद पर रह चुकी हैं। साथ ही लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल की कमान भी महिला डॉ. संगीता गुप्ता के पास है। डॉ. संगीता गुप्ता लोकबंधु की पहले से ही निदेशक हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि तीनों प्रमुख अस्पतालों की निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक के पद पर महिला डॉक्टर बनाई गई हैं। महिला अस्पताल में कार्यवाहक अधिकारी शहर के वीरागंना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) की जिम्मेदारी कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षिका डॉ. रेनू पंत के जिम्मे है। वह डफरिन में सीएमएस रही हैं। यहीं पर डॉ. रंजना प्रसाद कार्यवाहक सीएमएस की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। डफरिन अस्पताल के दोनों प्रमुख पद पर कार्यवाहक महिला डॉक्टर तैनात हैं। ऐसे ही राजाजीपुरम के वीरांगना रानीलक्ष्मीबाई अस्पताल की जिम्मेदारी भी कार्यवाहक सीएमएस डॉ. नीलिमा सोनकर के पास है। वहीं, हजरतगंज स्थित वीरांगना झलकारीबाई महिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षिक पद पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद को तैनाती दे रखी गई है।