यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य गुरुवार को प्रयागराज पहुंचे। बिहार चुनाव के बाद केशव का यह पहला दौरा था। केशव से मिलने प्रयागराज के तमाम नेता पहुंचे। इनमें सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल भी थीं। पूजा पाल ने केशव के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। मुलाकात के बाद पूजा पाल ने कहा- सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मेरे लिए अभिभावक समान हैं। मुझे दोनों नेताओं से परिवार जैसा स्नेह और सहयोग मिलता रहा है। पूजा पाल ने पति की हत्या का जिक्र करते हुए कहा, मेरे पति, तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के 18 साल बाद योगी सरकार में मुझे न्याय मिला। यही वजह रही कि मैंने राज्यसभा चुनाव में सपा लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की थी। यह मेरा भाजपा सरकार के प्रति आभार था। पूजा पाल ने स्पष्ट किया कि सपा में रहते हुए भी वह भाजपा नेताओं के संपर्क में थीं और कई कार्यक्रमों में शामिल होती रही थीं। बिहार विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बीजेपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया था। हालांकि उन्होंने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर पूजा पाल ने कहा- जब होना होगा तब होगा। मैं अभी भाजपा के लिए सेवा कर रही हूं और जो आदेश मिलता है, उसके अनुसार काम करती हूं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग समझते हैं कि वह भाजपा के साथ क्यों खड़ी हैं, और आने वाला फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… भाजपा में क्यों आई, सब जानते हैं
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पूजा पाल अपनी पुरानी सीट प्रयागराज शहर पश्चिमी से 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। इस सवाल के जवाब में पूजा पाल ने कहा- सीट का चयन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर निर्भर करेगा। वर्तमान में चायल सीट से विधायक हूं। मैं भाजपा में क्यों आई हूं, यह सब जानते हैं। आगे का निर्णय उच्च नेतृत्व करेगा और मैं वही स्वीकार करूंगी। पूजा पाल को क्यों सपा ने निकाला था, जानिए… विधानसभा में बोलीं- मुख्यमंत्री ने मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया बात 14 अगस्त की है। विधानसभा का सत्र चल रहा था। आखिरी दिन विधायक पूजा पाल बोलने के लिए खड़ी हुईं। उन्होंने कहा- ‘मैंने अपना पति खोया है। सब जानते हैं कि मेरे पति की हत्या कैसे हुई और किसने की? मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मुझे न्याय दिलाया। मेरी बात तब सुनी, जब किसी ने नहीं सुनी। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियां लाकर अतीक अहमद जैसे अपराधियों मिट्टी मिलाया है। मैं उनके इस जीरो टॉलरेंस का समर्थन करती हूं। मैंने तब आवाज उठाई, जब मैंने देखा कि कोई भी अतीक अहमद जैसे अपराधियों के खिलाफ लड़ना नहीं चाहता, जब मैं इस लड़ाई से थकने लगी, तब सीएम योगी ने मुझे न्याय दिलाया। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है।’ भाषण के 8 घंटे बाद सपा से निकाली गईं पूजा पाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाषण खत्म होने के 8 घंटे बाद विधायक पूजा पाल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। सपा ने कहा- पूजा पाल ने लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियां कीं। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने इन्हें बंद नहीं किया। इससे पार्टी को नुकसान हुआ। उनका आचरण पार्टी हितों के खिलाफ है। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से सपा से निष्कासित किया जाता है। साथ ही, उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाया जाता है। अब वह न तो सपा के किसी कार्यक्रम में शामिल होंगी और न ही इसके लिए आमंत्रित की जाएंगी। अपने निष्कासन पर पूजा पाल ने दैनिक भास्कर से कहा था- मुझे जो सही लगा, मैंने कहा। मैंने न सपा का नाम लिया, न ही अखिलेश यादव का। मैंने सिर्फ अतीक अहमद का नाम लिया। मैंने तो सिर्फ सीएम योगी को धन्यवाद दिया था। इसमें मैंने कोई अपराध नहीं किया। भाजपा जॉइन करने पर कहा- अभी मेरा ऐसा कोई प्लान नहीं है। जानिए, कौन हैं पूजा पाल पूजा पाल प्रयागराज के कटघर मोहल्ले में रहती थीं। 16 जनवरी, 2005 को पूजा की शादी धूमनगंज के उमरपुर नीवां में रहने वाले राजू पाल के साथ हुई थी। राजू पाल उस समय इलाहाबाद के शहर पश्चिमी सीट से बसपा के विधायक थे। पूजा की शादी के महज 9 दिन बाद ही राजू पाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसमें माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम आया था। पति की हत्या के बाद पूजा पाल डरी नहीं। वह हत्यारों को सजा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ती रहीं। पूजा 2007 में प्रयागराज पश्चिम से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं और जीत दर्ज की। इसके बाद 2012 में इसी सीट से माफिया अतीक अहमद को चुनाव हराया। 2017 में बसपा के टिकट पर तीसरी बार चुनाव लड़ीं और हार गईं। इसके बाद 2022 में सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल सीट से चुनाव लड़ी और विधायक बनीं। अब पढ़िए डिप्टी सीएम केशव ने क्या कहा… SIR पर डिप्टी सीएम बोले- BLO की आत्महत्या समाधान नहीं
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- मतदाता सूची शुद्धिकरण यानी SIR का यह अभियान लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बेहद आवश्यक है। भारतीय जनता पार्टी की जिम्मेदारी है कि इसमें कोई मतदाता छूट न जाए। इसी क्रम में पार्टी ने सीएम और दोनों डिप्टी सीएम को 25-25 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत हम प्रयागराज से इसकी शुरुआत कर रहे हैं। केशव मौर्य ने कहा- ममता-राहुल के चक्कर में न पड़ें बीएलओ
ममता बनर्जी द्वारा SIR को तत्काल बंद करने की मांग पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा, BLO किसी भी तरह की भ्रम की राजनीति में न पड़े। न ममता बनर्जी, न राहुल गांधी और न अखिलेश यादव के बहकावे में आएं। मौर्य ने कहा कि BLO अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाएं क्योंकि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं होता। मृत मतदाताओं के नाम हटना चाहिए और घुसपैठियों के नाम भी सूची से निकालने जरूरी हैं। जिन मतदाताओं के नाम अलग-अलग जगह दर्ज हैं, उन्हें एक स्थान पर किया जाएगा। युवा मतदाताओं के नाम तेजी से जोड़े जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियां इसलिए भ्रम फैला रही हैं, क्योंकि भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है और बिहार में भी ऐतिहासिक जीत दोहराई है। इसी बौखलाहट में विपक्ष गलत बयानबाजी कर रहा है। कांग्रेस के पंचायत चुनाव अकेले लड़ने पर कहा- उनकी आंतरिक समस्या
कांग्रेस के पंचायत चुनाव अकेले लड़ने के बयान पर मौर्य ने कहा कांग्रेस की आंतरिक समस्या है। चाहे अकेले लड़े या मिलकर, यूपी में कमल ही खिलेगा। अखिलेश यादव के आरक्षण संबंधी बयान पर उन्होंने तंज कसा कि बिहार चुनाव के बाद अखिलेश यादव मानसिक रूप से अस्थिर हो गए हैं और 2047 तक सत्ता में उनकी वापसी की संभावना खत्म हो चुकी है। ——————— ये खबर भी पढ़ें…. CM योगी ने पंच प्रण को याद दिलाया:बोले-विरासत पर गर्व की अनुभूति कीजिए; राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण उसी की एक कड़ी ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सबकी अपनी पहचान होती है। ऐसे ही राष्ट्र की भी होती है। जैसे वहां की संस्कृति, परंपराएं, महापुरुष ये सभी एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। अगर राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो राष्ट्र अपनी पहचान खो देता है। पढ़ें पूरी खबर…
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पूजा पाल अपनी पुरानी सीट प्रयागराज शहर पश्चिमी से 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। इस सवाल के जवाब में पूजा पाल ने कहा- सीट का चयन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर निर्भर करेगा। वर्तमान में चायल सीट से विधायक हूं। मैं भाजपा में क्यों आई हूं, यह सब जानते हैं। आगे का निर्णय उच्च नेतृत्व करेगा और मैं वही स्वीकार करूंगी। पूजा पाल को क्यों सपा ने निकाला था, जानिए… विधानसभा में बोलीं- मुख्यमंत्री ने मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया बात 14 अगस्त की है। विधानसभा का सत्र चल रहा था। आखिरी दिन विधायक पूजा पाल बोलने के लिए खड़ी हुईं। उन्होंने कहा- ‘मैंने अपना पति खोया है। सब जानते हैं कि मेरे पति की हत्या कैसे हुई और किसने की? मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मुझे न्याय दिलाया। मेरी बात तब सुनी, जब किसी ने नहीं सुनी। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियां लाकर अतीक अहमद जैसे अपराधियों मिट्टी मिलाया है। मैं उनके इस जीरो टॉलरेंस का समर्थन करती हूं। मैंने तब आवाज उठाई, जब मैंने देखा कि कोई भी अतीक अहमद जैसे अपराधियों के खिलाफ लड़ना नहीं चाहता, जब मैं इस लड़ाई से थकने लगी, तब सीएम योगी ने मुझे न्याय दिलाया। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है।’ भाषण के 8 घंटे बाद सपा से निकाली गईं पूजा पाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाषण खत्म होने के 8 घंटे बाद विधायक पूजा पाल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। सपा ने कहा- पूजा पाल ने लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियां कीं। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने इन्हें बंद नहीं किया। इससे पार्टी को नुकसान हुआ। उनका आचरण पार्टी हितों के खिलाफ है। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से सपा से निष्कासित किया जाता है। साथ ही, उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाया जाता है। अब वह न तो सपा के किसी कार्यक्रम में शामिल होंगी और न ही इसके लिए आमंत्रित की जाएंगी। अपने निष्कासन पर पूजा पाल ने दैनिक भास्कर से कहा था- मुझे जो सही लगा, मैंने कहा। मैंने न सपा का नाम लिया, न ही अखिलेश यादव का। मैंने सिर्फ अतीक अहमद का नाम लिया। मैंने तो सिर्फ सीएम योगी को धन्यवाद दिया था। इसमें मैंने कोई अपराध नहीं किया। भाजपा जॉइन करने पर कहा- अभी मेरा ऐसा कोई प्लान नहीं है। जानिए, कौन हैं पूजा पाल पूजा पाल प्रयागराज के कटघर मोहल्ले में रहती थीं। 16 जनवरी, 2005 को पूजा की शादी धूमनगंज के उमरपुर नीवां में रहने वाले राजू पाल के साथ हुई थी। राजू पाल उस समय इलाहाबाद के शहर पश्चिमी सीट से बसपा के विधायक थे। पूजा की शादी के महज 9 दिन बाद ही राजू पाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसमें माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम आया था। पति की हत्या के बाद पूजा पाल डरी नहीं। वह हत्यारों को सजा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ती रहीं। पूजा 2007 में प्रयागराज पश्चिम से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं और जीत दर्ज की। इसके बाद 2012 में इसी सीट से माफिया अतीक अहमद को चुनाव हराया। 2017 में बसपा के टिकट पर तीसरी बार चुनाव लड़ीं और हार गईं। इसके बाद 2022 में सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल सीट से चुनाव लड़ी और विधायक बनीं। अब पढ़िए डिप्टी सीएम केशव ने क्या कहा… SIR पर डिप्टी सीएम बोले- BLO की आत्महत्या समाधान नहीं
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- मतदाता सूची शुद्धिकरण यानी SIR का यह अभियान लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बेहद आवश्यक है। भारतीय जनता पार्टी की जिम्मेदारी है कि इसमें कोई मतदाता छूट न जाए। इसी क्रम में पार्टी ने सीएम और दोनों डिप्टी सीएम को 25-25 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत हम प्रयागराज से इसकी शुरुआत कर रहे हैं। केशव मौर्य ने कहा- ममता-राहुल के चक्कर में न पड़ें बीएलओ
ममता बनर्जी द्वारा SIR को तत्काल बंद करने की मांग पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा, BLO किसी भी तरह की भ्रम की राजनीति में न पड़े। न ममता बनर्जी, न राहुल गांधी और न अखिलेश यादव के बहकावे में आएं। मौर्य ने कहा कि BLO अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाएं क्योंकि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं होता। मृत मतदाताओं के नाम हटना चाहिए और घुसपैठियों के नाम भी सूची से निकालने जरूरी हैं। जिन मतदाताओं के नाम अलग-अलग जगह दर्ज हैं, उन्हें एक स्थान पर किया जाएगा। युवा मतदाताओं के नाम तेजी से जोड़े जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियां इसलिए भ्रम फैला रही हैं, क्योंकि भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है और बिहार में भी ऐतिहासिक जीत दोहराई है। इसी बौखलाहट में विपक्ष गलत बयानबाजी कर रहा है। कांग्रेस के पंचायत चुनाव अकेले लड़ने पर कहा- उनकी आंतरिक समस्या
कांग्रेस के पंचायत चुनाव अकेले लड़ने के बयान पर मौर्य ने कहा कांग्रेस की आंतरिक समस्या है। चाहे अकेले लड़े या मिलकर, यूपी में कमल ही खिलेगा। अखिलेश यादव के आरक्षण संबंधी बयान पर उन्होंने तंज कसा कि बिहार चुनाव के बाद अखिलेश यादव मानसिक रूप से अस्थिर हो गए हैं और 2047 तक सत्ता में उनकी वापसी की संभावना खत्म हो चुकी है। ——————— ये खबर भी पढ़ें…. CM योगी ने पंच प्रण को याद दिलाया:बोले-विरासत पर गर्व की अनुभूति कीजिए; राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण उसी की एक कड़ी ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सबकी अपनी पहचान होती है। ऐसे ही राष्ट्र की भी होती है। जैसे वहां की संस्कृति, परंपराएं, महापुरुष ये सभी एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। अगर राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो राष्ट्र अपनी पहचान खो देता है। पढ़ें पूरी खबर…