बारांबकी में बुधवार सुबह एक महिला सिपाही का शव बांदा-बहराइच हाईवे किनारे मिला है। महिला सिपाही का शव कौए नोच रहे थे। शव पुराना लग रहा है। महिला सिपाही के चेहरे को जलाया गया है। पास से गुजरने वाले ग्रामीणों ने महिला का शव देखा तो पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरा एरिया सील कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है। हत्या की आशंका जाहिर की जा रही है। वर्दी पर लगी नेम प्लेट से महिला सिपाही की पहचान हो पाई है। ये मामला बिंदौरा गांव का है। बताया जा रहा है कि महिला को पुलिस कर्मियों ने पैंट पहनाई है। अयोध्या मंडल के आईजी का कहना है, ये मर्डर किसी मोटिव से किया जाना प्रतीत हो रहा है। साल 2017 में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थी महिला सिपाही पुलिस के अनुसार महिला सिपाही 11 अगस्त 2024 से बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात थी। उसकी सोमवार को महादेवा मंदिर में ड्यूटी लगी हुई थी। लेकिन वो ड्यूटी पर नहीं गई थी। महिला सिपाही 26 जुलाई से लापता थी। वह सुल्तानपुर की रहने वाली थी। बाराबंकी में किराए के कमरे में रहती थी। महिला सिपाही का नाम विमलेश पाल था। वह साल 2017 में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थी। यह भी बताया जा रहा है कि महिला सिपाही विमलेश ने साल 2024 में बाराबंकी कोतवाली में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्य के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था। पुलिस उस सिपाही की भी तलाश कर रही है। महिला सिपाही ने दर्ज करवाया था रेप का केस- आईजी घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच करवाई। अयोध्या मंडल के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया, मौके से सबूत जुटाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि महिला की एक सिपाही से दोस्ती थी। उससे मिलना-झुलना भी था। उसके खिलाफ रेप का केस भी महिला ने दर्ज करवाया है। बाद में 164 के बयान में सामने आया था कि महिला ने उसी से कोर्ट मैरिज कर ली है। आगे वो अब कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। ये मर्डर किसी मोटिव से किया जाना प्रतीत हो रहा है। यह खबर भी पढ़ें- कांवड़ियों को पीटने वाले मुस्लिम परिवारों को मिली सुरक्षा:हिंदू आबादी से घिरे हैं 12 परिवार; दहशत में अब भी सन्नाटा, मार्केट बंद सावन के तीसरे सोमवार को मुस्लिम लड़कों ने जंसा मार्ग पर स्थित मस्जिद के सामने कांवड़िए शुभम यादव और पल्टू को घेरकर पीट दिया। इसके 24 घंटे के अंदर वाराणसी पुलिस ने 2 काम किए। पहला- 12 आरोपियों के खिलाफ FIR लिखी। दूसरा- रानी बाजार की जिस गली में इन 12 आरोपियों के परिवार रहते थे, वहां फोर्स तैनात की। यहां पढ़ें पूरी खबर