भौकाल हो तो बाहुबली धनंजय सिंह जैसा। एक साथ दो-दो नई गाड़ियां। पूर्वांचल के बाहुबली नेता धनंजय सिंह की फ्लीट में दो अल्ट्रा लक्जरी गाड़ियां शामिल हुईं। दोनों गाड़ियों की कीमत पौने 4 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। धनंजय ने जो गाड़ियां खरीदी हैं, उनके नाम लैंड क्रूजर और वेलफायर हैं। धनंजय सिंह ने दोनों गाड़ियों को एक साथ खरीदा, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। गाड़ियों के नंबर को लेकर भी धनंजय चर्चा में रहे हैं। वह नंबर भी एस्ट्रोलॉजर की राय के बाद चुनते हैं। धनंजय के काफिले में ज्यादातर गाड़ियों का नंबर 9777 होता है। हाल ही में लॉन्च हुई है लैंड क्रूजर की 300 सीरीज
टोयोटा लैंड क्रूजर 300 सीरीज भारत में हाल ही में लॉन्च हुई है। इस कार की कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपए है। यह गाड़ी अपनी दमदार ऑफ-रोड क्षमताओं और बेहतरीन फीचर्स के लिए जानी जाती है। वहीं, टोयोटा वेलफायर एमपीवी की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपए है। ये हाइब्रिड टेक्नोलॉजी, डुअल सनरूफ और रियर सीटों पर ऑटोमन-स्टाइल कंफर्ट के साथ आती है। गुरु-मंगल साधने के लिए धनंजय की गाड़ियों का नंबर 9777
धनंजय सिंह के काफिले में सभी गाड़ियों का नंबर 9777 होता है। नाम उजागर न करने की शर्त पर उनसे जुड़े एक शख्स ने बताया कि धनंजय राजधानी लखनऊ के एक एस्ट्रोलॉजर से पूछने के बाद गाड़ियों से जुड़े फैसले लेते हैं। न्यूमेरोलॉजी अर्थात अंक शास्त्र को जानने वालों को पता होगा कि इंसान की जिंदगी का नंबरों से गहरा नाता होता है। धनंजय के 9777 नंबर की गाड़ियों के इस्तेमाल करने के पीछे का लॉजिक कुंडली में गुरु और मंगल को दुरुस्त रखना है। धनंजय सिंह के करीबियों के मुताबिक, राजधानी लखनऊ में जिस एस्ट्रोलॉजर से संपर्क करते हैं, उसके मुताबिक धनंजय सिंह का गुरु और मंगल कमजोर है। बताया जाता है कि जिसका गुरु कमजोर होता है, उसका भाग्य काम में साथ नहीं देता। जबकि मंगल में दोष होने पर कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंस सकता है। इन्हीं दोषों को देखते हुए धनंजय को 9777 नंबर शुभ बताया गया था। बाहुबलियों की पहली पसंद है लैंड क्रूजर
यूपी हो या बिहार, बाहुबली नेताओं की पहली पसंद लैंड क्रूजर ही है। यूपी में पूर्वांचल के नेता धनंजय के अलावा अभय सिंह को भी लैंड क्रूजर की सवारी करना पसंद है। वहीं, कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की भी पहली पसंद लैंड क्रूजर ही है। बात अगर बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह की करें, तो उनकी पसंद भी लैंड क्रूजर ही है। उन्होंने तो बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर रखी है। अब इस फेहरिस्त में जौनपुर के बाहुबली नेता धनंजय सिंह का नाम भी जुड़ गया है। पूर्वांचल के एक और बाहुबली नेता ब्रिजेश सिंह के पास भी गाड़ियों की कतार है, लेकिन उसमें लैंड क्रूजर नहीं है। ब्रजेश सिंह के काफिले में भी महंगी विदेशी गाड़ियां शामिल हैं। इनमें मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और अन्य लक्जरी वाहनों का कलेक्शन शामिल है। अभय से मुकाबला या संदेश
अयोध्या की गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह धनंजय सिंह के धुरविरोधी माने जाते हैं। लैंड क्रूजर अभय की पहली पसंद है। ऐसे में धनंजय ने अपनी गाड़ियों की फ्लीट में इस गाड़ी को शामिल कर एक संदेश देने की कोशिश की है कि वह भी किसी से कम नहीं हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह खरीद सिर्फ शौक है या राजनीतिक संदेश? धनंजय सिंह 2022 के विधानसभा चुनाव में जौनपुर से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे, अब वे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट चुके हैं। धनंजय सिंह पर 10 केस
इलेक्शन वॉच के डाटा के अनुसार 2022 में धनंजय सिंह पर कुल 10 केस चल रहे हैं। इसमें 15 संगीन धाराओं के मामले शामिल हैं। हालांकि, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में इनके खिलाफ 40 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। धनंजय सिंह ने 2002 में पहली बार जौनपुर के रारी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2007 में JDU के टिकट पर चुनाव जीते। 2008 में धनंजय JDU छोड़कर बसपा में चले गए। 2009 लोकसभा चुनाव में बसपा के धनंजय ने बाहुबल से पहली बार जौनपुर में जीत दर्ज की। इससे पहले यहां सपा, भाजपा और कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। धनंजय सिंह ने सपा के कद्दावर नेता पारस नाथ यादव को करीब 80 हजार वोट से हराया था। इस चुनाव में धनंजय सिंह को 3 लाख, 2 हजार, 618 वोट मिले। हालांकि, 2011 में मायावती ने धनंजय को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर बसपा से बाहर कर दिया था। इसके बाद से धनंजय सिंह राजनीति रूप से कमजोर होते गए। 2012 में उनकी पूर्व पत्नी डॉ. जागृति सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ीं, लेकिन हार गईं। 2014 के लोकसभा चुनाव में धनंजय सिंह ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार दावेदारी पेश की। उन्हें करीब 64 हजार वोट ही मिले। बीजेपी के उम्मीदवार ने 3 लाख 67 हजार 149 वोटों के साथ जीत दर्ज की। 2014 और 2017 के विधानसभा चुनाव में धनंजय चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन जीत नहीं सके। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी धनंजय सिंह ने जनता दल यू के टिकट पर किस्मत आजमाई, लेकिन फिर भी कामयाबी हाथ नहीं लगी। ————- ये खबर भी पढ़ें… ओपी राजभर बिहार में NDA के खिलाफ 80 उम्मीदवार उतारेंगे:BJP से शीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात, सुभासपा महासचिव पटना पहुंचे बिहार विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 80 सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। सीट शेयरिंग में एक भी सीट नहीं मिलने से नाराज सुभासपा बुधवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 80 सीटों पर प्रत्याशी घोषित करेगी। सुभासपा के महासचिव अरविंद राजभर ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में बताया कि पहले पार्टी की केवल 53 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी थी। पढ़ें पूरी खबर
टोयोटा लैंड क्रूजर 300 सीरीज भारत में हाल ही में लॉन्च हुई है। इस कार की कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपए है। यह गाड़ी अपनी दमदार ऑफ-रोड क्षमताओं और बेहतरीन फीचर्स के लिए जानी जाती है। वहीं, टोयोटा वेलफायर एमपीवी की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपए है। ये हाइब्रिड टेक्नोलॉजी, डुअल सनरूफ और रियर सीटों पर ऑटोमन-स्टाइल कंफर्ट के साथ आती है। गुरु-मंगल साधने के लिए धनंजय की गाड़ियों का नंबर 9777
धनंजय सिंह के काफिले में सभी गाड़ियों का नंबर 9777 होता है। नाम उजागर न करने की शर्त पर उनसे जुड़े एक शख्स ने बताया कि धनंजय राजधानी लखनऊ के एक एस्ट्रोलॉजर से पूछने के बाद गाड़ियों से जुड़े फैसले लेते हैं। न्यूमेरोलॉजी अर्थात अंक शास्त्र को जानने वालों को पता होगा कि इंसान की जिंदगी का नंबरों से गहरा नाता होता है। धनंजय के 9777 नंबर की गाड़ियों के इस्तेमाल करने के पीछे का लॉजिक कुंडली में गुरु और मंगल को दुरुस्त रखना है। धनंजय सिंह के करीबियों के मुताबिक, राजधानी लखनऊ में जिस एस्ट्रोलॉजर से संपर्क करते हैं, उसके मुताबिक धनंजय सिंह का गुरु और मंगल कमजोर है। बताया जाता है कि जिसका गुरु कमजोर होता है, उसका भाग्य काम में साथ नहीं देता। जबकि मंगल में दोष होने पर कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंस सकता है। इन्हीं दोषों को देखते हुए धनंजय को 9777 नंबर शुभ बताया गया था। बाहुबलियों की पहली पसंद है लैंड क्रूजर
यूपी हो या बिहार, बाहुबली नेताओं की पहली पसंद लैंड क्रूजर ही है। यूपी में पूर्वांचल के नेता धनंजय के अलावा अभय सिंह को भी लैंड क्रूजर की सवारी करना पसंद है। वहीं, कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की भी पहली पसंद लैंड क्रूजर ही है। बात अगर बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह की करें, तो उनकी पसंद भी लैंड क्रूजर ही है। उन्होंने तो बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर रखी है। अब इस फेहरिस्त में जौनपुर के बाहुबली नेता धनंजय सिंह का नाम भी जुड़ गया है। पूर्वांचल के एक और बाहुबली नेता ब्रिजेश सिंह के पास भी गाड़ियों की कतार है, लेकिन उसमें लैंड क्रूजर नहीं है। ब्रजेश सिंह के काफिले में भी महंगी विदेशी गाड़ियां शामिल हैं। इनमें मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और अन्य लक्जरी वाहनों का कलेक्शन शामिल है। अभय से मुकाबला या संदेश
अयोध्या की गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह धनंजय सिंह के धुरविरोधी माने जाते हैं। लैंड क्रूजर अभय की पहली पसंद है। ऐसे में धनंजय ने अपनी गाड़ियों की फ्लीट में इस गाड़ी को शामिल कर एक संदेश देने की कोशिश की है कि वह भी किसी से कम नहीं हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह खरीद सिर्फ शौक है या राजनीतिक संदेश? धनंजय सिंह 2022 के विधानसभा चुनाव में जौनपुर से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे, अब वे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट चुके हैं। धनंजय सिंह पर 10 केस
इलेक्शन वॉच के डाटा के अनुसार 2022 में धनंजय सिंह पर कुल 10 केस चल रहे हैं। इसमें 15 संगीन धाराओं के मामले शामिल हैं। हालांकि, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में इनके खिलाफ 40 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। धनंजय सिंह ने 2002 में पहली बार जौनपुर के रारी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2007 में JDU के टिकट पर चुनाव जीते। 2008 में धनंजय JDU छोड़कर बसपा में चले गए। 2009 लोकसभा चुनाव में बसपा के धनंजय ने बाहुबल से पहली बार जौनपुर में जीत दर्ज की। इससे पहले यहां सपा, भाजपा और कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। धनंजय सिंह ने सपा के कद्दावर नेता पारस नाथ यादव को करीब 80 हजार वोट से हराया था। इस चुनाव में धनंजय सिंह को 3 लाख, 2 हजार, 618 वोट मिले। हालांकि, 2011 में मायावती ने धनंजय को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर बसपा से बाहर कर दिया था। इसके बाद से धनंजय सिंह राजनीति रूप से कमजोर होते गए। 2012 में उनकी पूर्व पत्नी डॉ. जागृति सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ीं, लेकिन हार गईं। 2014 के लोकसभा चुनाव में धनंजय सिंह ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार दावेदारी पेश की। उन्हें करीब 64 हजार वोट ही मिले। बीजेपी के उम्मीदवार ने 3 लाख 67 हजार 149 वोटों के साथ जीत दर्ज की। 2014 और 2017 के विधानसभा चुनाव में धनंजय चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन जीत नहीं सके। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी धनंजय सिंह ने जनता दल यू के टिकट पर किस्मत आजमाई, लेकिन फिर भी कामयाबी हाथ नहीं लगी। ————- ये खबर भी पढ़ें… ओपी राजभर बिहार में NDA के खिलाफ 80 उम्मीदवार उतारेंगे:BJP से शीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात, सुभासपा महासचिव पटना पहुंचे बिहार विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 80 सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। सीट शेयरिंग में एक भी सीट नहीं मिलने से नाराज सुभासपा बुधवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 80 सीटों पर प्रत्याशी घोषित करेगी। सुभासपा के महासचिव अरविंद राजभर ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में बताया कि पहले पार्टी की केवल 53 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी थी। पढ़ें पूरी खबर