बिजनौर में महिला को जंगल में खींच ले गया तेंदुआ:कंधा खाया, तड़प-तड़पकर मौत; शोर मचाने पर लाश छोड़कर भागा

बिजनौर में तेंदुए ने एक महिला पर हमला कर उसे मार डाला। तेंदुआ उसका दाहिना कंधा खा गया। गुरुवार शाम महिला घर से 2 किलोमीटर दूर जंगल में घास काटने गई थी। तभी तेंदुए ने हमला किया। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। शोर मचाकर तेंदुए को भगाया। लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। आस-पास के लोगों ने घर वालों को सूचना दी। मृतका की पहचान इस्लामनगर गांव की रहने वाली पूनम (35) के रूप में हुई। पूरा मामला अफजल गढ़ थाना क्षेत्र के भिक्कवाला गांव का है। 5 दिन पहले 2 अगस्त को भी अफजल गढ़ में गुलदार के हमले में महिला की मौत हुई थी। तेंदुए के अटैक से आसपास के लोगों में गुस्सा है। आरोप है कि वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। घटना से जुड़ी दो फोटो देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… पति बोला- बेटे के साथ घास लेने गई थी पत्नी
इस्लामनगर गांव में कमल का परिवार रहता है। कमल खेती का काम करते हैं। घर में पत्नी पूनम (35 साल) अपने बेटे संदीप (13) के साथ रहती थी। पति कमल ने बताया, मेरी पत्नी बेटे के साथ दोपहर 11.30 बजे पशुओं के लिए चारा काटने जंगल में गई थी। जंगल घर से 2 किमी दूर भिक्कवाला गांव के पास है। दो घंटे बाद मेरा बेटा घास लेकर घर वापस आ गया। मैंने बेटे से पूछा, तुम्हारी मां कहां है। इस पर बेटे ने बताया, मेरे पीछे-पीछे आ रही हैं। जब कुछ देर तक वह घर नहीं लौटी तो मैंने बेटे को वापस उसे बुलाने भेजा। वहां पहुंचने पर बेटे ने देखा भीड़ जमा थी। मेरी पत्नी मृत पड़ी थी। उसके कंधे पर घाव के निशान थे। खून से लथपथ थी। बेटे ने घटना के बारे में मुझसे बताया। मैं भी घर से भागते हुए जंगल की तरफ भागा। देखा तो पत्नी का शव क्षत-विक्षत पड़ा था। तेंदुए ने मेरी पत्नी को मार डाला था। मुझे नहीं पता था घास काटने जाएगी, फिर नहीं लौटेगी। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया
पूनम के पति कमल और गांव के लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बोले- इलाके में तेंदुए के हमलों की यह पहली घटना नहीं है, चार दिन पहले भी तेंदुए ने महिला को मार डाला था। ग्रामीण बोले- कंधा दबोचकर महिला को खींच रहा था तेंदुआ
एक ग्रामीण ने बताया, जंगल की तरफ से अचानक महिला के चीखने की आवाज आ रही थी। सुनते ही हम लोग उधर भागे। देखा कि तेंदुआ महिला को उसका कंधा जबड़े में दबोच कर ले जा रहा था। इतने में आस पास के लोग भी आ गए। हमने शोर मचाया तो तेंदुआ महिला को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। हम दौड़ कर महिला के पास पहुंचे। तब तक देर हो चुकी थी। महिला के शरीर से काफी खून बह चुका था। महिला की जान जा चुकी थी। थोड़ी देर में महिला के घर के लोग भी आ गए। नौकरी और 5 लाख मुआवजे पर माने ग्रामीण
सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। घटना की सूचना पर अफजल गढ़ सीओ मौके पर पहुंचे। उन्हें देख ग्रामीण हंगामा करने लगे। ग्रामीण मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़ गए। सीओ के साथ पहुंची वन विभाग की टीम में लिखित में लिखकर दिया कि परिवार को नौकरी और 5 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण माने। सीओ ने लोगों को समझा बुझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज भेजा। वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जुटी है। चार दिन पहले भी तेंदुए ने महिला की जान ली थी पेट फाड़कर मांस खा गया, गले की हड्‌डी तोड़ी, आम के बाग में चारा काटने गई थी महिला 2 अगस्त को अफजलगढ़ कस्बे के मोहल्ला मंझौली में 35 वर्षीय महिला को तेंदुए ने मार डाला था। महिला अपने घर से 300 मीटर की दूरी पर आम के बाग में गई थी। जहां मवेशियों के लिए चारा काट रही थी। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। गला मुंह में दबाकर घसीटकर ले जाने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मदद को पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख तेंदुआ भाग खड़ा हुआ, पर तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। तेंदुआ उसका पेट खा गया था। अंतड़ियां बाहर लटक रही थीं। हाथ का मांस भी नोच डाला था। घटना की सूचना पर जब पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, तो दोनों में बहस शुरू हो गई। पुलिस का कहना था कि महिला की मौत तेंदुए के हमले से हुई है, जबकि वन विभाग के कर्मचारी इसे हत्या बताने लगे। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। गुस्साए ग्रामीणों का कहना है। तेंदुआ पिछले दो दिनों से गांव के आसपास ही घूम रहा था। वन विभाग को जानकारी दी गई थी। अगर समय रहते पिंजरा लगाया गया होता, तो ये घटना नहीं होती। ………………………… ये खबर भी पढ़ें… लूट की सूचना पर थाना प्रभारी बोलीं-मेरे पास जीप नहीं, जंगल में स्कूटी से नहीं जा सकती; मेरठ SSP ने लाइन हाजिर किया मेरठ SSP ने गुरुवार को बहसूमा थाना प्रभारी इंदू कुमारी को लाइन हाजिर कर दिया। महिला को बंधक बनाकर लूट की सूचना पर थाना प्रभारी मौके पर नहीं पहुंची थीं। उन्होंने कहा था कि सरकारी जीप नहीं है। वारदात की सूचना पर सरकारी जीप से पुलिसकर्मी पहुंच गए थे। रात के 3 बजे इतनी दूर जंगल में स्कूटी से जाना पॉसिबल नहीं था। इस वजह से मौके पर नहीं जा सकी। इसी बात पर एसएसपी ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। घटना रविवार देर रात की बहसूमा थाना क्षेत्र के अस्सा गांव की है। पुलिस ने पहले चोरी का मामला दर्ज किया था। पढ़ें पूरी खबर…