आगरा में एक बिल्ली की सिक्योरिटी के लिए होमगार्ड को तैनात कर दिया गया। पुलिस लाइन के कॉन्स्टेबल ने बताया कि ये बिल्ली और उसके बच्चे एसपी ट्रैफिक अभिषेक कुमार की है, उनकी देखभाल ठीक से करना। 12 घंटे की ड्यूटी करने के बाद होमगार्ड को पता चला कि ये बिल्ली तो एसपी ट्रैफिक की है ही नहीं। इसके बाद होमगार्ड ने अपने आधिकारिक ग्रुप पर एक मैसेज लिखा- मुझसे एसपी ट्रैफिक की बिल्ली की देखभाल कराई जा रही है। उन्होंने अपने मैसेज के साथ बिल्ली के बच्चे की फोटो भी अटैच की है। अब पूरा मैसेज पढ़िए…
अगर बिल्ली को कुछ हुआ, तो कार्रवाई होगी
हमारी ड्यूटी एचजी 1411 पवन पाराशर, एचजी 1335 निजाम खान, एचजी 1185 सत्यपाल और पीआरडी एदल सिंह की नाइट ड्यूटी आगरा के पुलिस लाइन में लगी हुई है, नाइट ड्यूटी है। ड्यूटी स्थल बंदशुदा की निगरानी है। आज 30 जुलाई को जब हम ड्यूटी पर आए तो हमें कॉन्स्टेबल योगेश कुमार ने एक बिल्ली को दिखाकर कहा कि यह बिल्ली एसपी ट्रैफिक साहब की है। इस बिल्ली की निगरानी करना है। इस बिल्ली को कोई जानवर खा न जाए। रात में बिल्ली को दूध, रोटी और पानी खिलाते-पिलाते रहना कोई अन्य जानवर उसे नुकसान न पहुंचाए। अगर बिल्ली को कुछ हो जाता है तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमारी ड्यूटी बंद शुदा निगरानी में है, हमसे बिल्ली की निगरानी कराई जा रही है। इस मैसेज के बाद दैनिक भास्कर ने पुलिस लाइन में बिल्ली की हकीकत का पता किया। सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस लाइन में एक बिल्ली ने बच्चे दिए थे। उसके एक बच्चे को कुत्तों ने मारा था, जिससे उसके चोट लग गई थी। उसे कुत्तों से बचाने के लिए जहां गाड़ियां रखी जाती हैं, वहां रख दिया गया था। माना जा रहा है कि लाइन में रहने वाले एक कॉन्स्टेबल ने होमगार्ड को गुमराह कर दिया। अब होमगार्ड का कहना है, कि उनकी भर्ती सुरक्षा ड्यूटी के लिए हुई थी, न कि बिल्ली की देखभाल के लिए। इस बारे में ट्रैफिक पुलिस मीडिया सेल का कहना है कि यह पूरी तरह से अफवाह है कि बिल्ली एसपी ट्रैफिक की है। बिल्ली पालतू नहीं है। होमगार्ड को सिर्फ कहा गया था कि ध्यान रखना, जिससे बिल्ली के बच्चे को नुकसान न हो। जिन होमगार्ड की ड्यूटी थी, उन्हें गलतफहमी हुई है।
आगरा ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक घंटे के अंतराल में दो जवाब …………………… ये खबर भी पढ़िए- गोरखपुर में डॉक्टर के पति का किडनैपर BMW से चलता:2 शादियां कीं, एक हिंदू, दूसरी मुस्लिम; 284 KM दूर रायबरेली में सरेंडर गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति को किडनैपिंग के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने सुरक्षित रिकवर कर लिया। 3 बदमाशों की अरेस्टिंग हुई। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालू का नाम सामने आया। बदमाशों ने बताया- 2 महीने से डॉ. अशोक जायसवाल की रेकी हो रही थी। वह कब-कहां आते-जाते हैं? फिर कमालुद्दीन ने किडनैपिंग के लिए 25 जुलाई की तारीख चुनी। स्ट्रैटजी ऐसी बनाई गई कि 18 घंटे तक डॉक्टर को 2 कारों में अलग-अलग लगातार मूवमेंट कराते रहे। लेकिन, पुलिस की घेराबंदी में फंस गए। पढ़ें पूरी खबर
अगर बिल्ली को कुछ हुआ, तो कार्रवाई होगी
हमारी ड्यूटी एचजी 1411 पवन पाराशर, एचजी 1335 निजाम खान, एचजी 1185 सत्यपाल और पीआरडी एदल सिंह की नाइट ड्यूटी आगरा के पुलिस लाइन में लगी हुई है, नाइट ड्यूटी है। ड्यूटी स्थल बंदशुदा की निगरानी है। आज 30 जुलाई को जब हम ड्यूटी पर आए तो हमें कॉन्स्टेबल योगेश कुमार ने एक बिल्ली को दिखाकर कहा कि यह बिल्ली एसपी ट्रैफिक साहब की है। इस बिल्ली की निगरानी करना है। इस बिल्ली को कोई जानवर खा न जाए। रात में बिल्ली को दूध, रोटी और पानी खिलाते-पिलाते रहना कोई अन्य जानवर उसे नुकसान न पहुंचाए। अगर बिल्ली को कुछ हो जाता है तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमारी ड्यूटी बंद शुदा निगरानी में है, हमसे बिल्ली की निगरानी कराई जा रही है। इस मैसेज के बाद दैनिक भास्कर ने पुलिस लाइन में बिल्ली की हकीकत का पता किया। सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस लाइन में एक बिल्ली ने बच्चे दिए थे। उसके एक बच्चे को कुत्तों ने मारा था, जिससे उसके चोट लग गई थी। उसे कुत्तों से बचाने के लिए जहां गाड़ियां रखी जाती हैं, वहां रख दिया गया था। माना जा रहा है कि लाइन में रहने वाले एक कॉन्स्टेबल ने होमगार्ड को गुमराह कर दिया। अब होमगार्ड का कहना है, कि उनकी भर्ती सुरक्षा ड्यूटी के लिए हुई थी, न कि बिल्ली की देखभाल के लिए। इस बारे में ट्रैफिक पुलिस मीडिया सेल का कहना है कि यह पूरी तरह से अफवाह है कि बिल्ली एसपी ट्रैफिक की है। बिल्ली पालतू नहीं है। होमगार्ड को सिर्फ कहा गया था कि ध्यान रखना, जिससे बिल्ली के बच्चे को नुकसान न हो। जिन होमगार्ड की ड्यूटी थी, उन्हें गलतफहमी हुई है।
आगरा ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक घंटे के अंतराल में दो जवाब …………………… ये खबर भी पढ़िए- गोरखपुर में डॉक्टर के पति का किडनैपर BMW से चलता:2 शादियां कीं, एक हिंदू, दूसरी मुस्लिम; 284 KM दूर रायबरेली में सरेंडर गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति को किडनैपिंग के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने सुरक्षित रिकवर कर लिया। 3 बदमाशों की अरेस्टिंग हुई। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालू का नाम सामने आया। बदमाशों ने बताया- 2 महीने से डॉ. अशोक जायसवाल की रेकी हो रही थी। वह कब-कहां आते-जाते हैं? फिर कमालुद्दीन ने किडनैपिंग के लिए 25 जुलाई की तारीख चुनी। स्ट्रैटजी ऐसी बनाई गई कि 18 घंटे तक डॉक्टर को 2 कारों में अलग-अलग लगातार मूवमेंट कराते रहे। लेकिन, पुलिस की घेराबंदी में फंस गए। पढ़ें पूरी खबर