बृजभूषण बोले- हेलिकॉप्टर हवा में घूमा, हनुमानजी याद आए:बताया- कैसे एक बड़े बाहुबली को खत्म कर माफिया कहलाए

‘उड़ान भरते ही मेरा हेलिकॉप्टर हवा में दो बार घूम गया। यह देख सब नर्वस हो गए, पर मेरा हौसला मजबूत था। हनुमानजी को याद कर रहा था।’ ये बातें यूपी के बाहुबली और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कही। उन्होंने बिहार में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार और बेटी शालिनी सिंह के पहली बार मंच से कविता पढ़ने समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। क्या बेटी शालिनी राजनीति में आएंगी? जवाब में पूर्व सांसद ने कहा- बेटी की शादी राजनीतिक परिवार में हुई है। राजनीति में आना, न आना उनका निर्णय है। बृजभूषण ने कहा, बिहार चुनाव प्रशांत किशोर को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे। राहुल गांधी तो चुनाव में जहर घोलने का काम करते हैं। मैं तो यह कहता हूं कि वह भाजपा के स्टार प्रचारक हैं, क्योंकि वे सेल्फ गोल करते हैं। अब पढ़िए बृजभूषण शरण सिंह से पूरी बातचीत… सवाल: जब हेलिकॉप्टर हवा में डगमगाया, उस वक्त आपके मन में क्या आ रहा था? जवाब: मेरा स्वभाव है कि मैं आपात स्थिति में भी बहुत धैर्य रखता हूं। उस समय मैं सिर्फ पायलट और इंजीनियर की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। पायलट को आगे दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए हम दोनों को बता रहे थे कि कहां तार हैं और कहां नहीं। जब हवा में दो बार हेलिकॉप्टर घूम गया, तब थोड़ी चिंता हुई, लेकिन ध्यान सिर्फ सुरक्षित लैंडिंग पर था। जब नीचे उतरे तो सबसे पहले हमारे इष्टदेव हनुमानजी की याद आई। संघर्ष के समय बस यही ध्यान था कि हम सब सुरक्षित उतरें। सवाल: ऐसे वक्त में परिवार का चेहरा याद आता है, आपको किसकी याद आई? जवाब: सच कहूं तो मुझे पूरा भरोसा था कि सब ठीक रहेगा। घबराने वाला मैं नहीं हूं, इससे भी खराब समय देखा है। लैंडिंग के बाद गांव वाले जुटे, उन्होंने “बजरंगबली की जय” और स्थानीय देवी के जयकारे लगाए। उसी बीच मेरे मन में सुबह की एक बात आई एयरपोर्ट पर एक मुस्लिम बच्चा मिला था, उसने फोटो खिंचवाई थी। मैंने साथियों से कहा भी कि उसकी दुआ हमारे काम आई। सवाल: गांव के लोगों ने पहली बार हेलिकॉप्टर देखा, माहौल कैसा था? जवाब: जहां लैंडिंग हुई, वहां से करीब 200 मीटर तक सड़क नहीं थी। पहले दो-चार लोग पहुंचे, बाद में भीड़ बढ़ी। खेत में ही लैंडिंग इसलिए कराई गई, क्योंकि वहां बिजली के तार नहीं थे। गांव वाले थोड़ी देर से पहुंचे, लेकिन जब पहुंचे तो बहुत खुश थे। उनकी खुशी देखकर सारा तनाव खत्म हो गया। सवाल: क्या पहले कभी ऐसा अनुभव हुआ है? जवाब: एक बार इटावा में ऐसा हुआ था, लेकिन उतना खतरनाक नहीं था। इस बार बादल चारों ओर से घिर गए थे, दो बार हेलिकॉप्टर घूमा। पायलट और इंजीनियर थोड़ा नर्वस थे, पर मेरा हौसला मजबूत था। मुझे विश्वास था कि हम सुरक्षित निकलेंगे। सवाल: यानी आपको बजरंगबली पर पूरा भरोसा था? जवाब: बिल्कुल। बजरंगबली हमेशा मेरे साथ रहते हैं। मैं सामान्य समय में भले घबरा जाऊं, लेकिन कठिन वक्त में कभी नहीं डरता। सवाल: आपकी बेटी ने पहली बार मंच से कविता पढ़ी और कहा कि उसके “दो बाहुबली टाइप भाई” हैं। इस पर आपकी प्रतिक्रिया? जवाब: “बाहुबली” शब्द मैंने अपनी आंखों से देखा है। 1990 के दशक में गोंडा-बलरामपुर में सत्ता और शासन का दुरुपयोग करके जो लोग बाहुबली बने, हमने उनमें से एक बड़े बाहुबली को समाप्त किया। जब कोई बाहुबली को समाप्त करता है तो खुद भी बाहुबली कहलाता है। जहां सम्मान मिलना चाहिए था, वहां मीडिया और कुछ अधिकारियों ने माफिया कह दिया। अक्सर मैं यह शेर पढ़ता हूं… “किसी सोते को गफलत से जगा देना बगावत है, किसी कमजोरी के हक को दिला देना बगावत है, अगर सच्चाइयों का गीत गाना ही बगावत है, तो हम भी एक बागी हैं, मेरा मजहब बगावत है।” सवाल: क्या आपकी बेटी शालिनी सिंह राजनीति में आएंगी? जवाब: शालिनी दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी की पहली महिला अध्यक्ष रही हैं। उसने मुझे पत्र लिखा था कि वह सिर्फ इसलिए चुनाव लड़ना चाहती है, क्योंकि आज तक कोई महिला अध्यक्ष नहीं बनी। उसने बिना किसी सहयोग के खुद चुनाव जीता। उसकी शादी एक राजनीतिक परिवार में हुई है। उसके ससुर, सास और दादा तीनों सांसद रह चुके हैं। हमारे दामाद वर्तमान में नेफेड और बिस्कोमान के अध्यक्ष हैं। अब शालिनी राजनीति में आएंगी या नहीं, यह उनका और उनके परिवार का निर्णय होगा। सवाल: आपने बिहार चुनाव में एनडीए के लिए प्रचार किया, वहां का माहौल कैसा लगा? जवाब: शुरुआत में लगा था कि मुकाबला कड़ा होगा, लेकिन अब तस्वीर साफ है। प्रशांत किशोर को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे। भाजपा का प्राकृतिक मतदाता भाजपा के साथ और तेजस्वी यादव का मतदाता उनके साथ है। आडवाणी जी के रथ यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, अब वही पुराना माहौल लौट आया है, लेकिन यह भी सच है कि नीतीश कुमार ने बेहतर सरकार चलाई है। यह दुर्भाग्य है कि जिस परिवार के तीन-तीन प्रधानमंत्री रहे, वही हर चुनाव में जहर घोल देता है। राहुल गांधी भाजपा के स्टार प्रचारक हैं, क्योंकि वे खुद ही सेल्फ गोल करते हैं। सवाल: राहुल गांधी बार-बार अंतरराष्ट्रीय लेवल पर मोदी सरकार और भारत की स्थिति पर बयान देते हैं, आप क्या सोचते हैं? जवाब: अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति पर सवाल उठाने के बजाय अब राहुल गांधी ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल हल्का हो जाता है। अब मोदी जी नाच भी सकते हैं, यह कहना चुनाव को हल्का करने जैसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर टिप्पणी करना क्या ‘सेल्फ गोल’ नहीं था? और अब ‘मोदी जी नाच भी सकते हैं’ यह क्या है। क्या हम तालिबान में बैठे हैं? क्या हमारी सभ्यता और संस्कार यही कहते हैं कि हम इस तरह की बातें करें? राहुल गांधी के इन बयानों से जनता में गलत संदेश जाता है। विपक्ष कमजोर पड़ जाता है। सवाल: बिहार में मुख्यमंत्री कौन बनेगा? जवाब: मंच से गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। सवाल: तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पांच लाख नौकरियां देंगे, आपने कहा “क्या रंगदारी वसूल कर देंगे” इसका मतलब? जवाब: देखिए, कोई कहे कि वह लाखों नौकरियां देगा, यह व्यावहारिक नहीं है। आप कहिए कि प्रति परिवार आर्थिक सहायता देंगे, यह समझ में आता है। लेकिन इतनी नौकरियां कहां से लाएंगे? यही बात मैंने मजाक में कही थी कि क्या रंगदारी वसूल कर देंगे? सवाल: आपने कहा था कि एक बाहुबली को समाप्त किया, क्या आप नाम बताना चाहेंगे? जवाब: सब जानते हैं गोंडा में कौन बाहुबली था। कौन दिनदहाड़े एनकाउंटर करवाता था, कौन बूथ लूटता था, कौन प्रशासन का दुरुपयोग करता था। नाम बताने की जरूरत नहीं। सवाल: कुश्ती लीग और भारतीय कुश्ती संघ के हालात पर आपका क्या कहना है? जवाब: छह साल से कुश्ती लीग पर विराम था, पहले कोरोना, फिर विवादों के कारण। अब भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रो कुश्ती लीग के लिए एग्रीमेंट किया है। इससे बच्चों को बहुत फायदा होगा। सवाल: नंदनी महाविद्यालय (गोंडा) में खेल का माहौल कैसा है? जवाब: नंदनी महाविद्यालय में अभी करीब 3000 खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं। म्यांमार के 11 खिलाड़ी यहां हैं और मिजोरम-मणिपुर की टीमें भी आने वाली हैं। उनके रहने-खाने की पूरी व्यवस्था मुफ्त में की गई है। नंदनी महाविद्यालय हमेशा खेल की ऊर्जा से भरा रहता है। —————— ये खबर भी पढ़िए… पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नियम तोड़कर घुसे भाजपाई:वन मंत्री ने एंट्री के लिए जारी की थी नई गाइडलाइन, 15 दिन पहले खोला गया बिग साइज कैट यानी बाघों और अन्य वन्य जीवों को करीब से देखने वाले वाइल्ड लाइफ लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) को इस बार पर्यटन प्रेमियों के लिए सामान्य से 15 दिन पहले ही खोल दिया गया है। पढ़िए पूरी खबर…