कन्नौज में ट्रेनी महिला कॉन्स्टेबल रानू जादौन ने खुदकुशी कर ली थी। उसकी लाश 11 जुलाई को बैरक के बाथरूम में दुपट्टे से लटकी मिली थी। सूचना मिलते ही कॉन्स्टेबल के घरवाले एटा से कन्नौज पहुंचे। पुलिस ने रानू का मोबाइल कब्जे में लिया है। इसमें कुछ चैट मिली और आखिर में एक वीडियो कॉल की गई थी, जिससे लव एंगल सामने आया। रानू के पिता ने एटा के ही रहने वाले देवेश यादव के खिलाफ बेटी को परेशान करने का केस दर्ज कराया है। जलेसर के क्षेत्राधिकारी (CO) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि कन्नौज पुलिस दबिश देने आई थी, लेकिन उन्हें आरोपी देवेश नहीं मिला। पूरा मामला जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम एटा से 50 किमी दूर जलेसर तहसील के मोहल्ला हथौड़ा पहुंची। हमें यहां रानू के घर के बाहर कुछ रिश्तेदार और परिवार के लोग बैठे मिले। घरवाले 11 जुलाई की रात ही रानू का शव लेकर गांव पहुंच गए थे। सुबह 8 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद से घरवालों के साथ ही गांव वाले भी सदमे में हैं। घरवालों के कहना है कि जिस लड़की को 24 दिन पहले गांव से धूमधाम से विदा किया था, उसके वर्दी में गांव पहुंचने का इंतजार था। जब उसका शव गांव पहुंचा, तो लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। रानू पढ़ने में होशियार थी, पिता ने दिया साथ
पिता श्यामवीर सिंह खेती और ऑयल का स्पाइलर कारोबार करते हैं। वह चार भाई हैं, बगल में ही दूसरे भाई का परिवार भी रहता है। दो भाई बाहर रहते हैं। आर्थिक रूप से श्यामवीर का परिवार संपन्न है। बड़ी बेटी राधा की शादी 3 साल पहले कर दी गई थी। उनके एक बेटा लक्की भी है। श्यामवीर बताते हैं- छोटी बेटी रानू पढ़ने में शुरू से होनहार थी। उसका सपना बड़ा अधिकारी बनने का था। ग्रेजुएशन करने के बाद जब उसने अपनी पढ़ने की इच्छा बताई तो मैंने भी उसका साथ दिया। कहा, तुम जितना चाहे पढ़ो। इसके बाद रानू को PCS की तैयारी के लिए 3 साल पहले आगरा भेजा। वहां रहकर उसने तैयारी की, साथ ही बाकी परीक्षाएं भी देती रही। किसी भी परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में सिलेक्शन न होने से थोड़ी थी निराश हो गई। इसके बाद वह गांव लौट आई। रानू बच्चों को फ्री में ट्यूशन भी पढ़ाती थी। इसी बीच बेटी की एटा के माधवनगर में रहने वाले देवेश यादव नाम के लड़के से बातचीत होने लगी। तभी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन आया, तो रानू ने उसमें अप्लाई कर दिया। रिटेन एग्जाम के बाद फिजिकल और मेडिकल में सिलेक्शन होते ही परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। सुसाइड से पहले बहन को किया था मैसेज
मां ऊषा बेटी की मौत से बदहवास हैं। वह कहती हैं- मेरी बेटी पढ़ने में बहुत होशियार थी। कहती थी, अभी पुलिस में सिलेक्शन हुआ है, लेकिन मैं अधिकारी बनूंगी। वो बहुत खुश थी। एक लड़का उसे परेशान करता था। इसके बारे में वो बताती थी। वो बेटी की नौकरी छुड़ाना चाहता था। उसी की वजह से मेरी बेटी मरी है। सुबह 11 बजकर 7 मिनट पर बड़ी बेटी राधा के फोन पर रानू का मैसेज आया था कि मुझे कॉल करो। राधा ने उसे कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। 12 बजे पिता के पास उसकी मौत होने की खबर आई। एक महीने से कर रही थी ट्रेनिंग की तैयारी
रानू के साथ ही उसकी बचपन की दोस्त शिवानी का भी पुलिस में सिलेक्शन हुआ था। दोनों को ट्रेनिंग के लिए कन्नौज जिला अलॉट हुआ था, जिससे दोनों बहुत खुश थीं। शिवानी ने बताया- हमें खुशी थी कि वहां भी हम दोनों एक-दूसरे के साथ रहेंगे। महीनों से इसकी तैयारी की जा रही थी। रानू भी ढूंढ-ढूंढकर जरूरत के सामान खरीद रही थी। हमारी मांओं ने खाने-पीने के सामान बनाए थे। 25 दिन पहले हम दोनों को पापा कन्नौज छोड़ गए थे। सभी के मन में खुशी थी कि गांव की बेटियां वर्दी में गांव लौटेंगी। 16 जुलाई को ट्रेनिंग पूरी होनी थी, जिसके बाद सभी को जिले अलॉट हो जाते, उससे पहले ही रानू ने सुसाइड कर लिया। शिवानी बोली- बचपन की दोस्त, साथ में ट्रेनिंग
शिवानी ने बताया- मैं और रानू घर से आने के बाद हमेशा साथ ही रहते थे। हॉस्टल में हमारा कमरा भी एक ही था। अभी 29 जून को ही उसने अपना बर्थडे यहीं पर मनाया था, तब वह बहुत खुश थी। 11 जुलाई को हम दोनों सुबह की परेड में शामिल हुए। लेकिन, दोपहर में रानू ने क्लास में जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि मेरे कंधे में दर्द हो रहा है। सहेली बोली- तीन दिन से तनाव में थी
शिवानी ने बताया- रानू ने अपने भाई का मोबाइल नंबर दिया था। कहा था कि कोई बात हो, तो मेरे भाई को फोन देना। मुझे इस बात का मतलब समझ नहीं आया और मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 11 बजकर 44 मिनट पर रानू ने मुझे कॉल की। लेकिन, नेटवर्क इश्यू के कारण कॉल नहीं लगी। इसके बाद रानू ने शिवानी के भाई शिवेंद्र को इंस्टाग्राम पर कॉल की। कहा, शिवानी से कहो कि रानू दीदी से बात कर ले। शिवेंद्र ने शिवानी को कॉल कर बताया कि रानू दीदी से बात कर लो। ऐसे में शिवानी बैरक पहुंच गई, लेकिन वहां उसे रानू नहीं मिली। इसके बाद शिवानी बैरक के बाथरूम की तरफ गई, जहां अंदर से गेट बंद था। शिवानी ने तत्काल अपने भाई शिवेंद्र को फोन कर पूरी बात बताई। साथ ही बैरक के अन्य सदस्यों को इस बारे में बताया। शिवानी के मुताबिक, पिछले 3 दिन से रानू तनाव में रहती थी। पूछने पर तबीयत खराब होने की बात कहती थी। शनिवार को हम दोनों घर जाने वाले थे, परिवार में एक शादी थी। इससे पहले ही यह घटना हो गई। अब पुलिस की जांच और परिजनों के आरोप पर नजर पुलिस ने इस मामले में लव एंगल पर खुदकुशी करने पर जांच शुरू की है। रानू के फोन में कुछ चैट मिली हैं। उसने लास्ट में एक वीडियो कॉल भी की थी। पिता ने एफआईआर में बताया कि मेरी बेटी को देवेश यादव नाम का लड़का परेशान कर रहा था। उसने मुझे इसके बारे में बताया था। जबसे रानू का सिलेक्शन हुआ था, देवेश उससे नौकरी छोड़ने का दबाव बना रहा था। बेटी ने उससे कहा था कि मुझे इतनी मेहनत से नौकरी मिली है। इसे कैसे छोड़ दूं? इसके बावजूद देवेश उस पर दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर बेटी ने जान दी है। वहीं, मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि लड़का-लड़की की आपस में बातचीत होती थी। करीब एक साल पहले दोनों ऑटो से आगरा से लौट रहे थे। तब कुछ लोगों ने इन्हें पकड़ लिया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों के घरवालों को बुलाया था। लेकिन, आईडी चेक करने के बाद छोड़ दिया था। नौकरी के बाद छोड़ कर जाने के था डर
देवेश अभी कुछ भी नहीं करता है, वहीं रानू की नौकरी लग गई थी। इस बीच इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर भी रानू की कुछ लोगों से बातचीत होती थी। इससे देवेश को लग रहा था कि नौकरी पर जाने के बाद रानू उसे छोड़ देगी। वह शादी करने या फिर नौकरी छोड़ने की लगातार बात कर रहा था। लेकिन, रानू इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों में लगातार झगड़ा चल रहा था। ————————– यह खबर भी पढ़ें… डॉक्टर ने मौत से पहले प्रेग्नेंट पत्नी को सेल्फी भेजी, सुबह खबर मिली तो चिल्ला पड़ी, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मिली थी लाश गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में केरल के डॉ. अबीशो डेविड की मौत से हर कोई हैरान है। डॉक्टर ने मौत से पहले अपनी पत्नी को सेल्फी भेजी थी। उन्हें आखिरी मैसेज में लिखा था- खाना खाने जा रहा हूं। शुक्रवार सुबह जैसे ही प्रेग्नेंट पत्नी को डॉक्टर की मौत की खबर मिली, वह जोर से चिल्ला पड़ीं। दोस्त बताते हैं- अबीशो को फोटोग्राफी बहुत पसंद थी। वह अपनी पत्नी डॉ. निमिषा से बहुत प्यार करते थे। डॉक्टर ने अपने फेसबुक स्टेटस पर पत्नी की तस्वीर लगा रखी थी। इस पर लिखा है- तुम्हारी सुबह की आंखों को तारों की तरह देखता हूं। पढ़ें पूरी खबर…
पिता श्यामवीर सिंह खेती और ऑयल का स्पाइलर कारोबार करते हैं। वह चार भाई हैं, बगल में ही दूसरे भाई का परिवार भी रहता है। दो भाई बाहर रहते हैं। आर्थिक रूप से श्यामवीर का परिवार संपन्न है। बड़ी बेटी राधा की शादी 3 साल पहले कर दी गई थी। उनके एक बेटा लक्की भी है। श्यामवीर बताते हैं- छोटी बेटी रानू पढ़ने में शुरू से होनहार थी। उसका सपना बड़ा अधिकारी बनने का था। ग्रेजुएशन करने के बाद जब उसने अपनी पढ़ने की इच्छा बताई तो मैंने भी उसका साथ दिया। कहा, तुम जितना चाहे पढ़ो। इसके बाद रानू को PCS की तैयारी के लिए 3 साल पहले आगरा भेजा। वहां रहकर उसने तैयारी की, साथ ही बाकी परीक्षाएं भी देती रही। किसी भी परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में सिलेक्शन न होने से थोड़ी थी निराश हो गई। इसके बाद वह गांव लौट आई। रानू बच्चों को फ्री में ट्यूशन भी पढ़ाती थी। इसी बीच बेटी की एटा के माधवनगर में रहने वाले देवेश यादव नाम के लड़के से बातचीत होने लगी। तभी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन आया, तो रानू ने उसमें अप्लाई कर दिया। रिटेन एग्जाम के बाद फिजिकल और मेडिकल में सिलेक्शन होते ही परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। सुसाइड से पहले बहन को किया था मैसेज
मां ऊषा बेटी की मौत से बदहवास हैं। वह कहती हैं- मेरी बेटी पढ़ने में बहुत होशियार थी। कहती थी, अभी पुलिस में सिलेक्शन हुआ है, लेकिन मैं अधिकारी बनूंगी। वो बहुत खुश थी। एक लड़का उसे परेशान करता था। इसके बारे में वो बताती थी। वो बेटी की नौकरी छुड़ाना चाहता था। उसी की वजह से मेरी बेटी मरी है। सुबह 11 बजकर 7 मिनट पर बड़ी बेटी राधा के फोन पर रानू का मैसेज आया था कि मुझे कॉल करो। राधा ने उसे कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। 12 बजे पिता के पास उसकी मौत होने की खबर आई। एक महीने से कर रही थी ट्रेनिंग की तैयारी
रानू के साथ ही उसकी बचपन की दोस्त शिवानी का भी पुलिस में सिलेक्शन हुआ था। दोनों को ट्रेनिंग के लिए कन्नौज जिला अलॉट हुआ था, जिससे दोनों बहुत खुश थीं। शिवानी ने बताया- हमें खुशी थी कि वहां भी हम दोनों एक-दूसरे के साथ रहेंगे। महीनों से इसकी तैयारी की जा रही थी। रानू भी ढूंढ-ढूंढकर जरूरत के सामान खरीद रही थी। हमारी मांओं ने खाने-पीने के सामान बनाए थे। 25 दिन पहले हम दोनों को पापा कन्नौज छोड़ गए थे। सभी के मन में खुशी थी कि गांव की बेटियां वर्दी में गांव लौटेंगी। 16 जुलाई को ट्रेनिंग पूरी होनी थी, जिसके बाद सभी को जिले अलॉट हो जाते, उससे पहले ही रानू ने सुसाइड कर लिया। शिवानी बोली- बचपन की दोस्त, साथ में ट्रेनिंग
शिवानी ने बताया- मैं और रानू घर से आने के बाद हमेशा साथ ही रहते थे। हॉस्टल में हमारा कमरा भी एक ही था। अभी 29 जून को ही उसने अपना बर्थडे यहीं पर मनाया था, तब वह बहुत खुश थी। 11 जुलाई को हम दोनों सुबह की परेड में शामिल हुए। लेकिन, दोपहर में रानू ने क्लास में जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि मेरे कंधे में दर्द हो रहा है। सहेली बोली- तीन दिन से तनाव में थी
शिवानी ने बताया- रानू ने अपने भाई का मोबाइल नंबर दिया था। कहा था कि कोई बात हो, तो मेरे भाई को फोन देना। मुझे इस बात का मतलब समझ नहीं आया और मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 11 बजकर 44 मिनट पर रानू ने मुझे कॉल की। लेकिन, नेटवर्क इश्यू के कारण कॉल नहीं लगी। इसके बाद रानू ने शिवानी के भाई शिवेंद्र को इंस्टाग्राम पर कॉल की। कहा, शिवानी से कहो कि रानू दीदी से बात कर ले। शिवेंद्र ने शिवानी को कॉल कर बताया कि रानू दीदी से बात कर लो। ऐसे में शिवानी बैरक पहुंच गई, लेकिन वहां उसे रानू नहीं मिली। इसके बाद शिवानी बैरक के बाथरूम की तरफ गई, जहां अंदर से गेट बंद था। शिवानी ने तत्काल अपने भाई शिवेंद्र को फोन कर पूरी बात बताई। साथ ही बैरक के अन्य सदस्यों को इस बारे में बताया। शिवानी के मुताबिक, पिछले 3 दिन से रानू तनाव में रहती थी। पूछने पर तबीयत खराब होने की बात कहती थी। शनिवार को हम दोनों घर जाने वाले थे, परिवार में एक शादी थी। इससे पहले ही यह घटना हो गई। अब पुलिस की जांच और परिजनों के आरोप पर नजर पुलिस ने इस मामले में लव एंगल पर खुदकुशी करने पर जांच शुरू की है। रानू के फोन में कुछ चैट मिली हैं। उसने लास्ट में एक वीडियो कॉल भी की थी। पिता ने एफआईआर में बताया कि मेरी बेटी को देवेश यादव नाम का लड़का परेशान कर रहा था। उसने मुझे इसके बारे में बताया था। जबसे रानू का सिलेक्शन हुआ था, देवेश उससे नौकरी छोड़ने का दबाव बना रहा था। बेटी ने उससे कहा था कि मुझे इतनी मेहनत से नौकरी मिली है। इसे कैसे छोड़ दूं? इसके बावजूद देवेश उस पर दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर बेटी ने जान दी है। वहीं, मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि लड़का-लड़की की आपस में बातचीत होती थी। करीब एक साल पहले दोनों ऑटो से आगरा से लौट रहे थे। तब कुछ लोगों ने इन्हें पकड़ लिया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों के घरवालों को बुलाया था। लेकिन, आईडी चेक करने के बाद छोड़ दिया था। नौकरी के बाद छोड़ कर जाने के था डर
देवेश अभी कुछ भी नहीं करता है, वहीं रानू की नौकरी लग गई थी। इस बीच इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर भी रानू की कुछ लोगों से बातचीत होती थी। इससे देवेश को लग रहा था कि नौकरी पर जाने के बाद रानू उसे छोड़ देगी। वह शादी करने या फिर नौकरी छोड़ने की लगातार बात कर रहा था। लेकिन, रानू इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों में लगातार झगड़ा चल रहा था। ————————– यह खबर भी पढ़ें… डॉक्टर ने मौत से पहले प्रेग्नेंट पत्नी को सेल्फी भेजी, सुबह खबर मिली तो चिल्ला पड़ी, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मिली थी लाश गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में केरल के डॉ. अबीशो डेविड की मौत से हर कोई हैरान है। डॉक्टर ने मौत से पहले अपनी पत्नी को सेल्फी भेजी थी। उन्हें आखिरी मैसेज में लिखा था- खाना खाने जा रहा हूं। शुक्रवार सुबह जैसे ही प्रेग्नेंट पत्नी को डॉक्टर की मौत की खबर मिली, वह जोर से चिल्ला पड़ीं। दोस्त बताते हैं- अबीशो को फोटोग्राफी बहुत पसंद थी। वह अपनी पत्नी डॉ. निमिषा से बहुत प्यार करते थे। डॉक्टर ने अपने फेसबुक स्टेटस पर पत्नी की तस्वीर लगा रखी थी। इस पर लिखा है- तुम्हारी सुबह की आंखों को तारों की तरह देखता हूं। पढ़ें पूरी खबर…