ब्राह्मणों ने जिन्हें पीटा उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी:इटावा में यादव कथावाचकों पर दो आधार कार्ड और जाति छिपाने का आरोप

इटावा में कथावाचकों की पिटाई मामले में शुक्रवार को एसीजेएम कोर्ट ने दोनों कथावाचकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दोनों पर जाति छिपाकर धार्मिक आयोजन में भाग लेने और दो अलग-अलग आधार कार्ड रखने के गंभीर आरोप हैं। 21 जून को बकेवर थाना क्षेत्र के दांदरपुर गांव में भागवत कथा की शुरुआत हुई थी। कथा के दौरान कथावाचकों की जाति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जाति छिपाने के आरोप में ग्रामीणों ने कथावाचकों से अभद्रता और मारपीट की। उनके सिर मुंडवाए और माफी मंगवाई। जिसकी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद चार लोगों को जेल भेजा गया था। यजमान ने कथावाचकों पर दर्ज कराई FIR इस घटना के दो दिन बाद कथा के यजमान ने कथावाचकों के खिलाफ थाना बकेवर में एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि दोनों ने अपनी जाति छिपाकर कथा कही और दो अलग-अलग आधार कार्ड दिखाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच झांसी पुलिस को सौंप दी गई। झांसी के पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल को विवेचक नियुक्त किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों कथावाचकों ने अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने 16 जुलाई को खारिज कर दिया। कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट इसके बाद विवेचक जेपी पाल ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गिरफ्तारी वारंट की मांग की। शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों कथावाचकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों कथावाचकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा। पढ़िए क्या था मामला 22 जून को एक वीडियो आज सामने आया। जिसमें कुछ लोग कथावाचक मुकुट मणि और उनके साथी के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे। कथावाचक ने बताया था कि यादव होने की वजह से उनके साथ मारपीट की गई थी। पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। कथा वाचक मुकुट मणि सिंह यादव कानपुर के रहने वाले हैं। इटावा में सिविल लाइन के जवाहरपुरा राजा का बाग में रहते हैं। संत सिंह यादव अछल्दा औरैया और श्याम कठेरिया बकेवर के साथ मिलकर भागवत पाठ करते हैं। मुकुट मणि सिंह ने बताया- दादरपुर गांव के पप्पू बाबा ने 21 से 27 जून तक भागवत कथा की बुकिंग कराई थी। पहले ही दिन देर शाम भोजन करते वक्त पप्पू बाबा ने मुझसे मेरी जाति पूछी। जब मैंने बताया कि मैं यादव बिरादरी से हूं, तो उन्होंने मुझ पर दलित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों के गांव में भागवत पाठ करने की हिम्मत कैसे की। गांव वालों के जूतों पर नाक रगड़वा माफी मंगवाई मुकुटमणि ने बताया था कि पप्पू बाबा के साथ अतुल, डीलर, मनीष और लगभग 50 अज्ञात लोगों ने मुझे लात-घूसे, जूते और चप्पलों से पीटा। गांव वालों के सामने मेरा सिर मुंडवाया गया। परीक्षित (यजमान) बनी महिला के पैरों में जबरन नाक रगड़वाई गई। गांव के बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के जूतों पर सिर रखकर माफी मंगवाई गई। 25 हजार रुपए और एक सोने की चेन छीन ली। मुझे बेइज्जत करके गांव से भगा दिया गया। यादव संगठनों के करीब 2 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया 22 जून को कथावाचक का सिर मुंडवाने की घटना के बाद 25 जून को हंगामा हो गया था। यादव संगठनों के करीब 2 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी घटनास्थल दादरपुर गांव के बाहर जमा हो गए थे। पुलिस के पहुंचते ही प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए। भीड़ ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया था। हंगामा बढ़ता देख CO और इंस्पेक्टर ने पिस्टल निकालकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पुलिस की तरफ हवाई फायरिंग भी की था। यहां पुलिस ने 19 लोगों को हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ब्राह्मण समाज के लोगों ने कथावाचक को यादव होने के कारण पीटा है और उनका सिर मुंडवाया। पुलिस ने पीड़ित कथावाचक के खिलाफ केस दर्ज किया है। ये खबर भी पढ़ेंः- इटावा में यादव कथावाचक को ब्राह्मणों ने पीटा:चोटी काटकर सिर मुंडवाया, हारमोनियम तोड़ा; महिला के पैरों पर नाक रगड़वाई इटावा में ब्राह्मणों ने यादव कथा वाचक की चोटी काटकर सिर मुंडवा दिया। महिला के पैर पर नाक रगड़वाई। कथावाचक के साथी से भी मारपीट कर उसका सिर मुंडवा दिया और हारमोनियम भी तोड़ दी। साइकिल के पंप से गाड़ी में हवा भरवाई। आरोपियों ने कहा कि ब्राह्मणों के गांव में भागवत पाठ करने की हिम्मत कैसे की। पढ़ें पूरी खबर…