भाई को अकाल मृत्यु से बचाने के लिए यमुना स्नान:मथुरा पहुंचे 1.25 लाख श्रद्धालु, यमराज की पूजा की; भाई की लंबी आयु की प्रार्थना

आज भाई दूज है। मथुरा में यमुना स्नान के लिए 1.25 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यमुना नदी के विश्राम घाट पर यमराज का मंदिर है। यहीं मुख्य स्नान चल रहा है। भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर यहां यम फांस (अकाल मृत्यु) से मुक्ति के लिए स्नान किया। स्नान के बाद बहनों ने भाई को आसन पर बिठाकर तिलक किया। इसके बाद विश्राम घाट की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर बने यमराज-यमुना मंदिर में जाकर वैदिक विधि-विधान से दीप जलाकर पूजा की। विश्राम घाट पर पंडे भाई-बहनों की पूजा करा रहे हैं। दिवाली के बाद कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है। पूरे यूपी में यह त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राहू काल में भाई का टीका नहीं करना चाहिए
भाई दूज पर मान्यता है कि राहु काल में भाई को तिलक करने से बचना चाहिए। ज्योतिषियों की मानें तो भाई दूज पर आयुष्मान और शिववास योग समेत कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में यम देव की पूजा करने से भाई को आरोग्यता और लंबी आयु का वरदान मिलेगा। ……………….