अंबेडकरनगर में भाजपा नेता ने अवैध संबंध के शक में पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। महिला का खून से लथपथ शव किचन में मिला। वारदात के समय वह घर पर अकेली थी। सास जब घर लौटीं, तो उन्हें घटना का पता चला। उन्होंने कॉल करके पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो पति का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी पति उमाशंकर सिंह को हिरासत में लिया है, उससे पूछताछ कर रही है। वह भाजपा का नगर मीडिया प्रभारी है। जबकि, पत्नी प्राइवेट स्कूल में टीचर थी। घटना अकबरपुर थाना क्षेत्र के गांधी आश्रम की है। एसओ श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि पति ने अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या की है। वह कहता था कि दोनों बच्चे मेरे नहीं हैं। अब पढ़िए पूरा मामला… भीटी थाना क्षेत्र के मदार भारी गांव के रहने वाले वृषभान सिंह अपने परिवार के साथ अकबरपुर गांधी आश्रम में रहते हैं। वृषभान सिंह अकबरपुर गांधी आश्रम में रंगाई विभाग में मैनेजर थे। वह 2014 में रिटायर हो गए थे। उनका बेटा उमाशंकर सिंह और बहू सोनी सिंह (33) भी उन्हीं के साथ रहते थे। उमाशंकर भाजपा का नगर मीडिया प्रभारी है। वो अपनी जेसीबी मशीन भी चलवाता था। उसकी पत्नी सोनी सिंह एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थी। सोनी के दो बच्चे सानिध्य सिंह (12) और समर सिंह (10) हैं। सोमवार सुबह 10 बजे सोनी ने बच्चों को स्कूल भेजा। उसी दौरान सास मालती सिंह घर के लिए सामान लेने दुकान चली गईं। 11 बजे के करीब ससुर वृषभान भी किसी काम से कचहरी चले गए थे। सोनी घर पर अकेली थी। इसी दौरान मौका पाकर पति ने उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। साढ़े 12 बजे वापस आने पर सास मालती ने किचन में सोनी का खून से लथपथ शव देखा। वो रोने और चिल्लाने लगीं। उन्होंने तुरंत वृषभान को फोन किया। रोने की आवाज सुनकर मौके पर आए पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद अकबरपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटनास्थल की जांच-पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने वहां से सबूत जुटाए। एसपी अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि गांधी आश्रम में आज एक महिला की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। वहां सोनी सिंह का शव किचन में गला कटा शव पड़ा था। शुरुआती जांच के आधार पर महिला के पति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।
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नोएडा में कार समेत दलदल में गिरा इंजीनियर, मौत:80 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाता रहा; पिता को फोन कर कहा- मैं मरना नहीं चाहता नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की दलदल में गिरकर मौत हो गई। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। इसके बाद कार समेत नाले के पानी से भरे 30 फीट गहरे दलदल में समा गया। इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
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नोएडा में कार समेत दलदल में गिरा इंजीनियर, मौत:80 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाता रहा; पिता को फोन कर कहा- मैं मरना नहीं चाहता नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की दलदल में गिरकर मौत हो गई। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। इसके बाद कार समेत नाले के पानी से भरे 30 फीट गहरे दलदल में समा गया। इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…