यूपी के महोबा से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत इन दिनों चर्चा में हैं। बृजभूषण ने 30 जनवरी को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोक लिया था। अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। कहा था- जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत आखिर अपनी ही सरकार से क्यों नाराज हैं? अफसरों ने उनकी इतनी ज्यादा नाराजगी क्यों है? क्यों उन्होंने स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोका? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर ने बृजभूषण राजपूत से बातचीत की। विधायक ने कहा- प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे योजना बुंदेलखंड की महिलाओं की समस्या को ध्यान में रखते हुए शुरू की थी। 6 साल बीतने के बावजूद यह योजना पूरी नहीं हो सकी है। योजना के नाम पर गांवों की सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। इससे पानी भरा है, लोग आ-जा नहीं पा रहे। जबकि अफसर जमीनी हकीकत से उलट आंकड़े पेश कर रहे हैं। पढ़िए विधायक बृजभूषण राजपूत से हुई बातचीत… सवाल: सड़क पर मंत्री का रास्ता रोकने की जरूरत क्यों पड़ी?
जवाब- हम लोग मंत्रीजी को यह बताने गए थे कि बुंदेलखंड में नमामि गंगे के तहत चल रही हर घर नल योजना बेहद महत्वपूर्ण और बहुउपयोगी है। देश के प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड का दर्द समझते हुए यह योजना दी। क्योंकि, यहां की महिलाओं को आज भी कोसों दूर जाकर पानी भरने जाना पड़ता है। बुंदेलखंड के हर गांव के हर घर तक नल पहुंचाने की यह बड़ी योजना 6 साल बीत जाने के बावजूद अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस योजना के कारण जो पहले से बनी सड़कें थीं, वो टूट गईं। इससे गांवों में जलभराव हो गया है। गांववालों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। सवाल: क्या विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही?
जवाब: काम नहीं हो रहा है। हमने पत्र लिखकर दिए। विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मंत्रीजी आए थे, तो हम उन्हें जमीनी हकीकत दिखाना चाहते थे। जो अधिकारी हैं, वे झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं। हमारे साथ 50 से 60 ग्राम प्रधान भी गए थे। वो लोग मंत्रीजी को यह बताना चाहते थे कि मंच से जो आंकड़े बताए जा रहे, वे गलत हैं। जमीन पर वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग है। सवाल: आपने मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से कितनी बार शिकायत की?
जवाब: जब-जब विधानसभा सत्र चला, मैंने और अन्य विधायकों ने इस विषय को सदन में उठाया। लेकिन, अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सवाल: क्या जिले के अफसर आपकी बात नहीं सुनते?
जवाब: मुझे ऐसा लगता है कि जिले के अधिकारियों ने इस योजना को लेकर काम कराने में कोई इंट्रेस्ट नहीं है। आप खुद भी ग्राउंड पर जाकर देख सकते हैं। गांववाले भी मीडिया और जनप्रतिनिधियों को जमीनी स्थिति दिखा रहे हैं। इसे अलग से बताने की जरूरत ही नहीं है। सवाल: इस घटना के बाद क्या मंत्री से आपकी दोबारा बात हुई?
जवाब: इस घटना के बाद कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने केवल यह कहा है कि 20 दिन के भीतर काम कराया जाएगा। अब देखना है कि वास्तव में काम होता है या नहीं। सवाल: क्या मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष या किसी बड़े नेता ने आपसे बात की?
जवाब: नहीं, मैंने किसी से बात करने का प्रयास नहीं किया। सवाल: जल जीवन मिशन घोटाला कितना बड़ा है?
जवाब: मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि इस योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। यह विषय सीधे आम लोगों से जुड़ा है। इसकी सच्चाई सरकार और जनता जनार्दन के सामने आनी चाहिए। विधायक जनता के साथ हैं। पढ़िए पूरा मामला… 30 जनवरी को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भिड़ गए थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। तभी विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया था। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दिया था। चरखारी विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। मंत्री से विधायक ने कहा था- अफसर हमारी सुनते ही नहीं
विधायक बृजभूषण की नाराजगी को देखते हुए मंत्री ने उनको अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। तब भी विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी मेरे प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। कहा था कि अफसर हमारी बात सुनते ही नहीं हैं। मंत्री का साथ हुई बैठक के बाद विधायक ने कहा था कि मंत्री ने अफसरों को 20 दिन में समस्याएं दूर करने का समय दिया है। अब 20 दिन में देख लेंगे कि अफसर मंत्री की बातों को कितना मानते हैं। आने वाले दिनों में जिसे रोकने की जरूरत पड़ी, उसे रोकेंगे। मुझे चाहे जो लड़ाई लड़नी पड़े, मैं पीछे नहीं हटूंगा। ————————– यह खबर भी पढ़ें… जहां मंत्री से भिड़े विधायक, वहां खुदी पड़ीं सड़कें, महोबा में 3-3 फीट गड्ढों में भरा पानी, टोटियां सूखी पड़ीं यूपी के महोबा जिले में 30 जनवरी को कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत भिड़ गए थे। वजह थी चरखारी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचा और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होना। पढ़ें पूरी खबर…
जवाब- हम लोग मंत्रीजी को यह बताने गए थे कि बुंदेलखंड में नमामि गंगे के तहत चल रही हर घर नल योजना बेहद महत्वपूर्ण और बहुउपयोगी है। देश के प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड का दर्द समझते हुए यह योजना दी। क्योंकि, यहां की महिलाओं को आज भी कोसों दूर जाकर पानी भरने जाना पड़ता है। बुंदेलखंड के हर गांव के हर घर तक नल पहुंचाने की यह बड़ी योजना 6 साल बीत जाने के बावजूद अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस योजना के कारण जो पहले से बनी सड़कें थीं, वो टूट गईं। इससे गांवों में जलभराव हो गया है। गांववालों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। सवाल: क्या विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही?
जवाब: काम नहीं हो रहा है। हमने पत्र लिखकर दिए। विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मंत्रीजी आए थे, तो हम उन्हें जमीनी हकीकत दिखाना चाहते थे। जो अधिकारी हैं, वे झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं। हमारे साथ 50 से 60 ग्राम प्रधान भी गए थे। वो लोग मंत्रीजी को यह बताना चाहते थे कि मंच से जो आंकड़े बताए जा रहे, वे गलत हैं। जमीन पर वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग है। सवाल: आपने मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से कितनी बार शिकायत की?
जवाब: जब-जब विधानसभा सत्र चला, मैंने और अन्य विधायकों ने इस विषय को सदन में उठाया। लेकिन, अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सवाल: क्या जिले के अफसर आपकी बात नहीं सुनते?
जवाब: मुझे ऐसा लगता है कि जिले के अधिकारियों ने इस योजना को लेकर काम कराने में कोई इंट्रेस्ट नहीं है। आप खुद भी ग्राउंड पर जाकर देख सकते हैं। गांववाले भी मीडिया और जनप्रतिनिधियों को जमीनी स्थिति दिखा रहे हैं। इसे अलग से बताने की जरूरत ही नहीं है। सवाल: इस घटना के बाद क्या मंत्री से आपकी दोबारा बात हुई?
जवाब: इस घटना के बाद कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने केवल यह कहा है कि 20 दिन के भीतर काम कराया जाएगा। अब देखना है कि वास्तव में काम होता है या नहीं। सवाल: क्या मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष या किसी बड़े नेता ने आपसे बात की?
जवाब: नहीं, मैंने किसी से बात करने का प्रयास नहीं किया। सवाल: जल जीवन मिशन घोटाला कितना बड़ा है?
जवाब: मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि इस योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। यह विषय सीधे आम लोगों से जुड़ा है। इसकी सच्चाई सरकार और जनता जनार्दन के सामने आनी चाहिए। विधायक जनता के साथ हैं। पढ़िए पूरा मामला… 30 जनवरी को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भिड़ गए थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। तभी विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया था। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दिया था। चरखारी विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। मंत्री से विधायक ने कहा था- अफसर हमारी सुनते ही नहीं
विधायक बृजभूषण की नाराजगी को देखते हुए मंत्री ने उनको अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। तब भी विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी मेरे प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। कहा था कि अफसर हमारी बात सुनते ही नहीं हैं। मंत्री का साथ हुई बैठक के बाद विधायक ने कहा था कि मंत्री ने अफसरों को 20 दिन में समस्याएं दूर करने का समय दिया है। अब 20 दिन में देख लेंगे कि अफसर मंत्री की बातों को कितना मानते हैं। आने वाले दिनों में जिसे रोकने की जरूरत पड़ी, उसे रोकेंगे। मुझे चाहे जो लड़ाई लड़नी पड़े, मैं पीछे नहीं हटूंगा। ————————– यह खबर भी पढ़ें… जहां मंत्री से भिड़े विधायक, वहां खुदी पड़ीं सड़कें, महोबा में 3-3 फीट गड्ढों में भरा पानी, टोटियां सूखी पड़ीं यूपी के महोबा जिले में 30 जनवरी को कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत भिड़ गए थे। वजह थी चरखारी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचा और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होना। पढ़ें पूरी खबर…