मथुरा में घरेलू कलह के कारण एक व्यक्ति ने पत्नी को गोली मार दी। उसके बाद खुद की कनपटी पर भी तमंचे से फायर कर दिया। गोली लगने से दोनों घायल हो गए। परिजन दोनों को लेकर अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। लोगों से बात कर मामले की जानकारी ली। उसके बाद छानबीन में जुट गई। घटना गुरुवार दोपहर को सुरीर कोतवाली क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरी घटना पत्नी से अक्सर होता था झगड़ा सौदान सिंह (40) टैंटीगांव कस्बे में परिवार के साथ रहता था। वह इलेक्ट्रिशियन था। मणि शंकर ने बताया- भाई का पत्नी राजकुमारी से अक्सर झगड़ा होता था। परिवार के लोगों ने कई बार दोनों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उनका मनमुटाव खत्म नहीं हुआ। बहस के बाद पत्नी के पेट में मारी गोली आज सुबह में सौदान सिंह घर से बाहर गया था। वह दोपहर में घर लौट कर आया। वह कमरे के अंदर चला गया। पत्नी से उसकी किसी बात पर बहस होने लगी। उसने गुस्से में तमंचे से पत्नी के पेट में और खुद की कनपटी पर गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर बेटा मौसम उनके कमरे में पहुंचा। उसने मम्मी और पापा को जमीन पर पड़े हुए देखा। दोनों के शरीर से खून बह रहा था। उसने फौरन घरवालों को इसकी सूचना दी। परिजन एम्बुलेंस से दोनों को लेकर अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में सौदान सिंह की मौत हो गई। राजकुमारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां पर उसका इलाज चल रहा है। गोली चलने की सूचना मिलने पर सीओ मांट गुंजन सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। उन्होंने फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। घरवालों से बात की। कमरे के अंदर से वारदात में इस्तेमाल में हथियार बरामद कर लिया। शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। वहीं घायल महिला के इलाज के निर्देश दिए। ये खबर भी पढ़िए- गोरखपुर में डॉक्टर के पति का किडनैपर BMW से चलता:2 शादियां कीं, एक हिंदू, दूसरी मुस्लिम; 284 KM दूर रायबरेली में सरेंडर गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति को किडनैपिंग के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने सुरक्षित रिकवर कर लिया। 3 बदमाशों की अरेस्टिंग हुई। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालू का नाम सामने आया। बदमाशों ने बताया- 2 महीने से डॉ. अशोक जायसवाल की रेकी हो रही थी। वह कब-कहां आते-जाते हैं? फिर कमालुद्दीन ने किडनैपिंग के लिए 25 जुलाई की तारीख चुनी। स्ट्रैटजी ऐसी बनाई गई कि 18 घंटे तक डॉक्टर को 2 कारों में अलग-अलग लगातार मूवमेंट कराते रहे। लेकिन, पुलिस की घेराबंदी में फंस गए। पढ़ें पूरी खबर