‘कुछ तो कमी रही होगी कि मैं दुनिया छोड़कर जा रहा हूं, मेरी जान कभी दो लाइन तो प्यार की बोली होतीं। तुम शादी कर लेना, बच्चों की देखरेख भाई-भाभी कर लेंगे। मुझे माफ करना।’ ये दर्द सिपाही मान महेंद्र के सुसाइड लेटर से सामने आया। वह कानपुर पुलिस की यूपी 112 में तैनात थे। बीते 2 दिसंबर को कल्याणपुर इलाके में किराये के मकान में फंदे से लटककर उन्होंने जान दे दी थी। सुसाइड के बाद पुलिस जवाब ढूंढ रही थी कि आखिर सिपाही ने सुसाइड क्यों किया? इसका जवाब पत्नी ने दिया था- मेरे पति ने कई लोगों से लाखों रुपए का कर्ज लिया था। जब मैं रुपए मांगती तो वह कहते मैं सुसाइड कर लूंगा। मगर पत्नी की बताई वजह सिर्फ 12 घंटे के अंदर पलट गई। जब सिपाही के छोटे भाई देवकी नंदन ने एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंप दिया। लेटर के अनुसार, ससुराल के लोगों के झगड़े से वह तंग आ चुके थे। भाई ने कहा- 10 दिन पहले तक महेंद्र की पत्नी कविता और दोनों बच्चे मथुरा में ही थे, महेंद्र खुद उन्हें लेकर गया था। उसको ससुराल के लोगों से धमकी मिल रही थी। लोन नहीं, मेरे भाई को पत्नी से होने वाले झगड़े ले डूबे। पुलिस जांच में यह साबित हो गया है कि मान महेंद्र ने सुसाइड किया है। उनकी हत्या नहीं हुई है। अब पुलिस इस मामले में सिपाही से जुड़े लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। साथ ही पत्नी कविता के भी नए सिरे से बयान होंगे। इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए दैनिक भास्कर ने महेंद्र के छोटे भाई देवकी नंदन से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 2 दिसंबर को 20 बार कॉल की, भाई ने जवाब नहीं दिया
सिपाही मान महेंद्र के छोटे भाई देवकी नंदन मथुरा में रहते हैं। भाई की मौत के बाद वह कानपुर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम हाउस पर हमारी उनसे मुलाकात हुई। हमने पूछा- सिपाही की नौकरी के पीछे कोई कहानी है क्या? वह कहते हैं- हमारे पापा चाहते थे कि मैं पुलिस की वर्दी पहनकर उनके सामने आऊं। मैं उनकी हसरत पूरी नहीं कर सका। उस वक्त फैसला किया था कि छोटे भाई को यूपी पुलिस में भर्ती करवाऊंगा। पापा की मौत के 4 महीने बाद मैंने उनसे किया वादा पूरा किया। 11 जुलाई, 2018 को मेरा छोटा भाई मान महेंद्र पुलिस में भर्ती हो गया। तब ये नहीं सोचा था कि वो इस तरह से दुनिया को छोड़कर चला जाएगा। वह रोते हुए बोले- एक महीने से महेंद्र से मेरी बात नहीं हो पा रही थी। वो वॉट्सऐप पर भी मेरे मैसेज का जवाब नहीं दे रहा था। 2 दिसंबर को मैंने 20 बार उसको फोन किया। वॉट्सऐप पर मैसेज भेजे। वो अगर फोन नहीं उठाता था, तो पहले मैसेज कर देता था। मगर मेरा भाई इतना परेशान हो गया था कि वो बात ही नहीं कर पा रहा था। फिर 2 बजे मुझे खबर मिली कि अब वो इस दुनिया में नहीं रहा। मेरे भाई को ससुराल के लोगों ने धमकाया था
हमने पूछा- सुसाइड क्यों किया? देवकी नंदन कहते हैं- एक महीने पहले मान महेंद्र की अपने ससुराल पक्ष के लोगों से झगड़ा हुआ था। ससुराल वाले धमकी देकर गए थे। दरअसल, 10-20 हजार रुपए मान महेंद्र ने ससुराल के लोगों से लिए हुए थे, जिस पर वह कह रहे थे कि कहीं से भी पैसा लाकर दो। 30 नवंबर को उसके ससुराल में शादी थी, मगर मेरा भाई नहीं गया था। देवकी नंदन कहते हैं- मान महेंद्र अपनी पत्नी कविता को इस शर्त पर कानपुर लेकर आया था कि वो अपने मायके नहीं जाएगी। मगर 1 दिसंबर को ससुराल के लोगों ने 2 लड़कों को भेजकर कविता को बुला लिया था। भाई का कविता से काफी समय से छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा होता रहता था। पत्नी से झगड़ा होने के बाद भाई पहले भी 2 बार सुसाइड करने का प्रयास कर चुका था, तब मैने ही उसे बचा लिया था, लेकिन इस बार 350 Km दूर होने के कारण मैं उसे बचाने नहीं पहुंच सका। भाई बोले- संदूक से सुसाइड नोट मिला, उसमें सच लिखा था
हमने पूछा- पहले सुसाइड की कोशिश क्यों और कब की थी? देवकी कहते हैं- ये बात 2023 और फिर 2024 की है। मेरे भाई का पहले भी पत्नी से झगड़ा हुआ था। इसके बाद वो सुसाइड का प्रयास कर चुका था। रावतपुर थाने में तैनाती के दौरान भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मान महेंद्र बिना बताए अपने रूम से निकल गया था। जानकारी पर मैं उसके कमरे में पहुंचा तो उसके संदूक में वर्दी के साथ एक सुसाइड नोट मिला था जिस पर यह लिखा था– मेरे प्यारे भाई मुझे माफ करना, आज आपका भाई इस दुनिया छोड़कर जा रहा है। मुझे दुख है कि पिताजी से जो वादा किया वह पूरा कर पाया। मां की सेवा नहीं कर पाया। मैं आज इतना टूट चुका हूं कि एक महीने से नींद चैन सब उड़ चुका है। मां तेरा बेटा इस दुनिया से जा रहा है। मैं बच्चों को अपने भाई के हवाले कर रहा हूं। मुझे आपके सिवाय किसी पर भरोसा नहीं। प्रिय पत्नी…आपने तो हर परिस्थितियों में साथ दिया था, तो तेरे लिए कुछ नहीं लिखूंगा। यह घर भी तेरा है और मायका भी, जहां रहे खुशी में रहना, मगर कुछ तो कमी रही होगी जो मैं दुनिया से जा रहा हूं, मेरी जान दो लाइन तो प्यार के बोली होती, नई उम्र है शादी कर लेना। आज मैं अपने टाइम से पहले विदा ले रहा हूं। आपका अपना मान महेंद्र, गांव वालों से मेरी राम राम, मुस्लिम भाइयों से सलाम कहना। देवकी नंदन ने बताया- इस सुसाइड नोट के बाद हम लोग घबरा गए। करीब 3 दिन बाद भाई की लोकेशन उत्तराखंड में मिली थी, जिसके बाद हम वहां पहुंचे और उसे वापस लेकर आए थे। भाई को कई बार मार भी देती थी भाई ने मुझसे फोन कर कहा था कि मैं सर्विस में हूं, अच्छा कमाता हूं, परिवार को पालता हूं, लेकिन फिर भी पत्नी मेरे साथ गलत तरीके से पेश आती है। तुरंत लड़ने पर आमादा हो जाती है, कई बार तो कविता ने भाई पर हाथ तक उठाया, इसकी जानकारी मुझे मान महेंद्र ने दी थी। पत्नी ने कहा था कर्जे की वजह से जान दी, भाई बोले- ऐसा कुछ नहीं
हमने पूछा- पत्नी कविता ने 1 दिन पहले बयान दिया है कि महेंद्र पर ज्यादा कर्जा हो गया था, इसलिए सुसाइड किया। देवकी कहते हैं– ऐसा कुछ भी नहीं है, उस पर एक लोन था जिसको मैंने सालों पहले खत्म करा दिया था, लेकिन ये पति-पत्नी के बीच आए दिन का झगड़ा ही आज मेरे भाई को ले डूबा। देवकी नंदन ने बताया कि कुछ समय पहले कविता के मायके वाले आए थे और झगड़ा करने के बाद पूरे गांव के सामने उसे लेकर जा रहे थे। उस वक्त मेरे भाई ने कहा था कि अगर ले गए तो सुसाइड कर लूंगा, इसके बाद वे कविता को लेकर नहीं गए। देवकी बोले- कविता की बड़ी बहन से मेरी शादी हुई
हमने कहा- आप अपने परिवार के बारे में बताइए? वह कहते हैं- कविता की बड़ी बहन कृष्णा से मेरी शादी हुई थी। कृष्णा ने बताया कि उसकी छोटी बहन बहुत संस्कारी है, जिस पर हमने उसकी शादी मान महेंद्र से कराई थी। कहा कि पिछली दीपावली की बात है। मेरा भाई मां से कह रहा था कि दो दिन बाद मैं ड्यूटी पर वापस चला जाऊंगा, कुछ बातें कर लूं। इस दौरान हमारी भांजी भी कमरे में आ गई। कुछ देर बाद वह कविता के कमरे में गई, तो कविता ने भांजी को कमरे से धक्का देकर निकाल दिया, जिस पर मान महेंद्र ने उसे थप्पड़ मार दिया था। पत्नी पोस्टमॉर्टम हाउस न जाकर, नौकरी पर हक जताने कमिश्नर ऑफिस गई
भाई ने बताया कि भाई की मौत के बाद कविता अपने भाईयों के साथ कानपुर तो आई, लेकिन पोस्टमॉर्टम हाउस आने की बजाए सीधे पुलिस कमिश्नर ऑफिस नौकरी पाने के लिए चली गई। महेंद्र के दोस्त प्रियदर्शी ने बताया- मान महेंद्र से अक्सर बात होती थी। वह बताता था कि कविता उसकी बात नहीं मानती, बच्चों की देखभाल भी नहीं करती। ससुराल के लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी, जिस कारण वह ससुराल नहीं जाता था। मान बहुत ही अच्छे स्वभाव का था, वह हंसमुख था। एक सप्ताह पहले मुझसे फोन पर बात हुई तो उसने कहा था कि यार मैं बहुत परेशान हूं, मैं सुसाइड कर लूंगा। जिस पर मैने उसे बहुत समझाया था, सोमवार को दोबारा उसका फोन आया, उसने रूम बदलने की बात कही थी। ये हमें अंदाजा नहीं था कि बात इतनी बिगड़ जाएगी। अब पूरा मामला जानिए बॉडी फंदे पर लटकी मिली, पोस्टमॉर्टम में हैंगिंग आई
कॉन्स्टेबल मान महेंद्र थाना कल्याणपुर के बारा सिरोही बम्बा रोड पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय यादव के 4 मंजिला मकान में रहते थे। साथ में पत्नी कविता (26) और दो बच्चे तेजस (5) और दीपांशु (3) रहते थे। इसी मकान के सेकेंड फ्लोर पर कल्याणपुर थाने के दरोगा इतेंद्र कुमार भी रहते थे। उनका हेलमेट सिपाही मान महेंद्र के पास रखा था। मंगलवार सुबह दरोगा इतेंद्र, अपना हेलमेट लेने महेंद्र के कमरे पर पहुंचे। उन्होंने महेंद्र को आवाज दी और दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने खिड़की से देखा तो महेंद्र का शव फंदे से लटका रहा था। उन्होंने थाने को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतारा। पत्नी अपने मायके मथुरा के सारपीपुर गांव में थी। कॉन्स्टेबल मान महेंद्र मथुरा के ही मढ़ैरा गांव के रहने वाले थे। उनकी शादी 2015 में हुई थी। वह 11 जुलाई 2018 को यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। 13 जून 2021 को रावतपुर थाने से डायल 112 में भेजे गए। वह किदवई नगर थाने की पीआरवी 1246 में तैनात थे। सुसाइड के 13 घंटे पहले वीडियो किया पोस्ट
सिपाही ने सुसाइड करने से 13 घंटे पहले एक वीडियो पोस्ट किया था। जिसमें वह कह रहा है कि रुतबा तो मरने के बाद भी रहेगा। लोग पैदल चलेंगे, हम कंधों पर। देखना जब मैं मरूंगा न, तो हंसते हुए मरूंगा, क्योंकि जीते जी मैं रोया बहुत हूं। उधर, ACP कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया- सिपाही आत्महत्या के मामले में भाई ने 1 सुसाइड नोट दिया है। इसमें पत्नी और सुसराल के लोगों से विवाद सामने आया है। परिजन से बात की गई है। जल्द क्लियर कर लिया जाएगा कि उसने सुसाइड क्यों किया था। उन्होंने बताया- सिपाही की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आई है।
…………………
अब ये ग्राउंड रिपोर्ट पढ़िए यूपी की हिंदू-मुस्लिम 2 छात्राओं को ढूंढ रहे 70 पुलिसवाले:67 रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ, लास्ट लोकेशन 1200 KM दूर यूपी के बिजनौर जिले से दो छात्राएं 15 नवंबर से लापता हैं। एक 9वीं, दूसरी 12वीं की स्टूडेंट है। एक हिन्दू, दूसरी मुस्लिम है। दोनों घर से स्कूल के लिए निकलीं, फिर वापस नहीं लौटीं। 70 पुलिसवालों की 30 टीमें पूरे देश में उन्हें खोज रही हैं। CCTV फुटेज से पता चला है कि दोनों छात्राएं सहारनपुर से ट्रेन में बैठकर 1200 किलोमीटर दूर सूरत पहुंच गईं। सूरत के बाद लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाया। सहारनपुर (SRE) से मुंबई बांद्रा टर्मिनस (BDTS) तक कुल 67 रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ और तलाश की गई। पढ़िए पूरी खबर…
सिपाही मान महेंद्र के छोटे भाई देवकी नंदन मथुरा में रहते हैं। भाई की मौत के बाद वह कानपुर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम हाउस पर हमारी उनसे मुलाकात हुई। हमने पूछा- सिपाही की नौकरी के पीछे कोई कहानी है क्या? वह कहते हैं- हमारे पापा चाहते थे कि मैं पुलिस की वर्दी पहनकर उनके सामने आऊं। मैं उनकी हसरत पूरी नहीं कर सका। उस वक्त फैसला किया था कि छोटे भाई को यूपी पुलिस में भर्ती करवाऊंगा। पापा की मौत के 4 महीने बाद मैंने उनसे किया वादा पूरा किया। 11 जुलाई, 2018 को मेरा छोटा भाई मान महेंद्र पुलिस में भर्ती हो गया। तब ये नहीं सोचा था कि वो इस तरह से दुनिया को छोड़कर चला जाएगा। वह रोते हुए बोले- एक महीने से महेंद्र से मेरी बात नहीं हो पा रही थी। वो वॉट्सऐप पर भी मेरे मैसेज का जवाब नहीं दे रहा था। 2 दिसंबर को मैंने 20 बार उसको फोन किया। वॉट्सऐप पर मैसेज भेजे। वो अगर फोन नहीं उठाता था, तो पहले मैसेज कर देता था। मगर मेरा भाई इतना परेशान हो गया था कि वो बात ही नहीं कर पा रहा था। फिर 2 बजे मुझे खबर मिली कि अब वो इस दुनिया में नहीं रहा। मेरे भाई को ससुराल के लोगों ने धमकाया था
हमने पूछा- सुसाइड क्यों किया? देवकी नंदन कहते हैं- एक महीने पहले मान महेंद्र की अपने ससुराल पक्ष के लोगों से झगड़ा हुआ था। ससुराल वाले धमकी देकर गए थे। दरअसल, 10-20 हजार रुपए मान महेंद्र ने ससुराल के लोगों से लिए हुए थे, जिस पर वह कह रहे थे कि कहीं से भी पैसा लाकर दो। 30 नवंबर को उसके ससुराल में शादी थी, मगर मेरा भाई नहीं गया था। देवकी नंदन कहते हैं- मान महेंद्र अपनी पत्नी कविता को इस शर्त पर कानपुर लेकर आया था कि वो अपने मायके नहीं जाएगी। मगर 1 दिसंबर को ससुराल के लोगों ने 2 लड़कों को भेजकर कविता को बुला लिया था। भाई का कविता से काफी समय से छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा होता रहता था। पत्नी से झगड़ा होने के बाद भाई पहले भी 2 बार सुसाइड करने का प्रयास कर चुका था, तब मैने ही उसे बचा लिया था, लेकिन इस बार 350 Km दूर होने के कारण मैं उसे बचाने नहीं पहुंच सका। भाई बोले- संदूक से सुसाइड नोट मिला, उसमें सच लिखा था
हमने पूछा- पहले सुसाइड की कोशिश क्यों और कब की थी? देवकी कहते हैं- ये बात 2023 और फिर 2024 की है। मेरे भाई का पहले भी पत्नी से झगड़ा हुआ था। इसके बाद वो सुसाइड का प्रयास कर चुका था। रावतपुर थाने में तैनाती के दौरान भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मान महेंद्र बिना बताए अपने रूम से निकल गया था। जानकारी पर मैं उसके कमरे में पहुंचा तो उसके संदूक में वर्दी के साथ एक सुसाइड नोट मिला था जिस पर यह लिखा था– मेरे प्यारे भाई मुझे माफ करना, आज आपका भाई इस दुनिया छोड़कर जा रहा है। मुझे दुख है कि पिताजी से जो वादा किया वह पूरा कर पाया। मां की सेवा नहीं कर पाया। मैं आज इतना टूट चुका हूं कि एक महीने से नींद चैन सब उड़ चुका है। मां तेरा बेटा इस दुनिया से जा रहा है। मैं बच्चों को अपने भाई के हवाले कर रहा हूं। मुझे आपके सिवाय किसी पर भरोसा नहीं। प्रिय पत्नी…आपने तो हर परिस्थितियों में साथ दिया था, तो तेरे लिए कुछ नहीं लिखूंगा। यह घर भी तेरा है और मायका भी, जहां रहे खुशी में रहना, मगर कुछ तो कमी रही होगी जो मैं दुनिया से जा रहा हूं, मेरी जान दो लाइन तो प्यार के बोली होती, नई उम्र है शादी कर लेना। आज मैं अपने टाइम से पहले विदा ले रहा हूं। आपका अपना मान महेंद्र, गांव वालों से मेरी राम राम, मुस्लिम भाइयों से सलाम कहना। देवकी नंदन ने बताया- इस सुसाइड नोट के बाद हम लोग घबरा गए। करीब 3 दिन बाद भाई की लोकेशन उत्तराखंड में मिली थी, जिसके बाद हम वहां पहुंचे और उसे वापस लेकर आए थे। भाई को कई बार मार भी देती थी भाई ने मुझसे फोन कर कहा था कि मैं सर्विस में हूं, अच्छा कमाता हूं, परिवार को पालता हूं, लेकिन फिर भी पत्नी मेरे साथ गलत तरीके से पेश आती है। तुरंत लड़ने पर आमादा हो जाती है, कई बार तो कविता ने भाई पर हाथ तक उठाया, इसकी जानकारी मुझे मान महेंद्र ने दी थी। पत्नी ने कहा था कर्जे की वजह से जान दी, भाई बोले- ऐसा कुछ नहीं
हमने पूछा- पत्नी कविता ने 1 दिन पहले बयान दिया है कि महेंद्र पर ज्यादा कर्जा हो गया था, इसलिए सुसाइड किया। देवकी कहते हैं– ऐसा कुछ भी नहीं है, उस पर एक लोन था जिसको मैंने सालों पहले खत्म करा दिया था, लेकिन ये पति-पत्नी के बीच आए दिन का झगड़ा ही आज मेरे भाई को ले डूबा। देवकी नंदन ने बताया कि कुछ समय पहले कविता के मायके वाले आए थे और झगड़ा करने के बाद पूरे गांव के सामने उसे लेकर जा रहे थे। उस वक्त मेरे भाई ने कहा था कि अगर ले गए तो सुसाइड कर लूंगा, इसके बाद वे कविता को लेकर नहीं गए। देवकी बोले- कविता की बड़ी बहन से मेरी शादी हुई
हमने कहा- आप अपने परिवार के बारे में बताइए? वह कहते हैं- कविता की बड़ी बहन कृष्णा से मेरी शादी हुई थी। कृष्णा ने बताया कि उसकी छोटी बहन बहुत संस्कारी है, जिस पर हमने उसकी शादी मान महेंद्र से कराई थी। कहा कि पिछली दीपावली की बात है। मेरा भाई मां से कह रहा था कि दो दिन बाद मैं ड्यूटी पर वापस चला जाऊंगा, कुछ बातें कर लूं। इस दौरान हमारी भांजी भी कमरे में आ गई। कुछ देर बाद वह कविता के कमरे में गई, तो कविता ने भांजी को कमरे से धक्का देकर निकाल दिया, जिस पर मान महेंद्र ने उसे थप्पड़ मार दिया था। पत्नी पोस्टमॉर्टम हाउस न जाकर, नौकरी पर हक जताने कमिश्नर ऑफिस गई
भाई ने बताया कि भाई की मौत के बाद कविता अपने भाईयों के साथ कानपुर तो आई, लेकिन पोस्टमॉर्टम हाउस आने की बजाए सीधे पुलिस कमिश्नर ऑफिस नौकरी पाने के लिए चली गई। महेंद्र के दोस्त प्रियदर्शी ने बताया- मान महेंद्र से अक्सर बात होती थी। वह बताता था कि कविता उसकी बात नहीं मानती, बच्चों की देखभाल भी नहीं करती। ससुराल के लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी, जिस कारण वह ससुराल नहीं जाता था। मान बहुत ही अच्छे स्वभाव का था, वह हंसमुख था। एक सप्ताह पहले मुझसे फोन पर बात हुई तो उसने कहा था कि यार मैं बहुत परेशान हूं, मैं सुसाइड कर लूंगा। जिस पर मैने उसे बहुत समझाया था, सोमवार को दोबारा उसका फोन आया, उसने रूम बदलने की बात कही थी। ये हमें अंदाजा नहीं था कि बात इतनी बिगड़ जाएगी। अब पूरा मामला जानिए बॉडी फंदे पर लटकी मिली, पोस्टमॉर्टम में हैंगिंग आई
कॉन्स्टेबल मान महेंद्र थाना कल्याणपुर के बारा सिरोही बम्बा रोड पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय यादव के 4 मंजिला मकान में रहते थे। साथ में पत्नी कविता (26) और दो बच्चे तेजस (5) और दीपांशु (3) रहते थे। इसी मकान के सेकेंड फ्लोर पर कल्याणपुर थाने के दरोगा इतेंद्र कुमार भी रहते थे। उनका हेलमेट सिपाही मान महेंद्र के पास रखा था। मंगलवार सुबह दरोगा इतेंद्र, अपना हेलमेट लेने महेंद्र के कमरे पर पहुंचे। उन्होंने महेंद्र को आवाज दी और दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने खिड़की से देखा तो महेंद्र का शव फंदे से लटका रहा था। उन्होंने थाने को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतारा। पत्नी अपने मायके मथुरा के सारपीपुर गांव में थी। कॉन्स्टेबल मान महेंद्र मथुरा के ही मढ़ैरा गांव के रहने वाले थे। उनकी शादी 2015 में हुई थी। वह 11 जुलाई 2018 को यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। 13 जून 2021 को रावतपुर थाने से डायल 112 में भेजे गए। वह किदवई नगर थाने की पीआरवी 1246 में तैनात थे। सुसाइड के 13 घंटे पहले वीडियो किया पोस्ट
सिपाही ने सुसाइड करने से 13 घंटे पहले एक वीडियो पोस्ट किया था। जिसमें वह कह रहा है कि रुतबा तो मरने के बाद भी रहेगा। लोग पैदल चलेंगे, हम कंधों पर। देखना जब मैं मरूंगा न, तो हंसते हुए मरूंगा, क्योंकि जीते जी मैं रोया बहुत हूं। उधर, ACP कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया- सिपाही आत्महत्या के मामले में भाई ने 1 सुसाइड नोट दिया है। इसमें पत्नी और सुसराल के लोगों से विवाद सामने आया है। परिजन से बात की गई है। जल्द क्लियर कर लिया जाएगा कि उसने सुसाइड क्यों किया था। उन्होंने बताया- सिपाही की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आई है।
…………………
अब ये ग्राउंड रिपोर्ट पढ़िए यूपी की हिंदू-मुस्लिम 2 छात्राओं को ढूंढ रहे 70 पुलिसवाले:67 रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ, लास्ट लोकेशन 1200 KM दूर यूपी के बिजनौर जिले से दो छात्राएं 15 नवंबर से लापता हैं। एक 9वीं, दूसरी 12वीं की स्टूडेंट है। एक हिन्दू, दूसरी मुस्लिम है। दोनों घर से स्कूल के लिए निकलीं, फिर वापस नहीं लौटीं। 70 पुलिसवालों की 30 टीमें पूरे देश में उन्हें खोज रही हैं। CCTV फुटेज से पता चला है कि दोनों छात्राएं सहारनपुर से ट्रेन में बैठकर 1200 किलोमीटर दूर सूरत पहुंच गईं। सूरत के बाद लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाया। सहारनपुर (SRE) से मुंबई बांद्रा टर्मिनस (BDTS) तक कुल 67 रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ और तलाश की गई। पढ़िए पूरी खबर…