मस्जिद में डिंपल की एंट्री- अखिलेश खामोश क्यों:मौलाना को सरेआम सपाइयों ने मारे थप्पड़; धर्मगुरु और भाजपा ने भी मोर्चा खोला

सपा सांसद डिंपल यादव की मस्जिद में एंट्री। पहनावे पर सवाल उठाकर कंट्रोवर्सी में घिरे मौलाना साजिद रशीदी के साथ थप्पड़-कांड। सियासी बयानबाजी और पूरे मुद्दे पर पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव की खामोशी। यूपी से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक चर्चा का मुद्दा बनी है। मुस्लिम धर्मगुरु डिंपल की आलोचना कर रहे हैं। सपा के कद्दावर नेता भी चुप्पी साधे हैं। सेकेंड लाइन के नेता भी बचाव में संभलकर बयानबाजी कर रहे हैं। खतरा, कहीं मुस्लिम वोट बैंक न छिटक जाए। क्या है पूरी कंट्रोवर्सी? मुस्लिम धर्मगुरु क्या कहते हैं? सपा के लिए मुस्लिम वोटबैंक कितना मायने रखता है? संडे बिग स्टोरी में पढ़िए… 21 जुलाई से लोकसभा का मानसून सत्र शुरू हुआ। देश के सभी सांसद दिल्ली पहुंचे, लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए। 22 जुलाई को जब सत्र खत्म हुआ, तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव नई दिल्ली की पार्लियामेंट मस्जिद पहुंचे। रामपुर के सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी, सांसद राजीव राय, अक्षय यादव, आदित्य यादव, जियाउर्रहमान बर्क, धर्मेंद्र यादव, इकरा हसन और डिंपल यादव भी उनके साथ थीं। इसके बाद मस्जिद में बैठे होने की तस्वीर सामने आई। इसके बाद भाजपा ने सपा पर हमला बोला। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तो कह दिया कि सपा को संविधान से कोई लेना-देना नहीं। सपा लगातार संविधान विरोधी काम करती है। संविधान में साफ रूप से लिखा है कि राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं होगा। लेकिन, सपा हमेशा नमाजवादी बनकर ही प्रदेश की जनता के सामने अपना काम करते रहे हैं। प्रदेश की जनता इसे देख और समझ रही है। इस बयान के बाद मस्जिद में बैठक का मामला न्यूज चैनलों और मीडिया में छा गया। उस पर डिबेट होने लगी। मौलाना ने कहा- डिंपल नंगी बैठी थीं
नोएडा के एक नेशनल न्यूज चैनल में इस मुद्दे पर डिबेट हो रही थी। इसमें ऑल इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी भी शामिल थे। मौलाना ने कहा- दो औरतें थीं। इकरा हसन तो बिल्कुल अपनी मुस्लिम ड्रेस में थीं। सिर पर दुपट्टा था, सब कुछ था। दूसरी मोहतरमा थीं डिंपल यादव, आप उनकी पीठ की फोटो देख लीजिए, नंगी बैठी हैं। मौलाना के इस शब्द पर तुरंत ही बाकी के पैनलिस्ट ने आपत्ति जताई। लगा, मामला ठंडा हो जाएगा। लेकिन यह वीडियो जैसे ही पब्लिक में आया, हंगामा मच गया। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी डिंपल पर निशाना साधा। शहाबुद्दीन ने कहा- सपा सांसद डिंपल यादव ने मस्जिद की तौहीन की है। वह एक राजनीतिक महिला हैं। उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि वे इस्लाम की सबसे पवित्र जगह मस्जिद में जा रही हैं। उन्होंने अपने पहनावे से मस्जिद की तौहीन की है। डिंपल को पूरी मुस्लिम कौम से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि, उनके इस काम से मुस्लिम सख्त नाराज हैं। अखिलेश बोले- जो कपड़े संसद में पहनते हैं, वही पहनेंगे
सांसद डिंपल यादव पर मौलाना की टिप्पणी के बाद भाजपा भी हमलावर हो गई। मीडिया ने अगले ही दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव से इस मामले पर बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा- जो कपड़े संसद में पहनते हैं, वही पहनकर हर जगह जाएंगे। इसके बाद उन्होंने इस मसले पर कोई बात नहीं की। मौलाना के साथ थप्पड़-कांड
29 जुलाई को नोएडा के सेक्टर- 126 में एक न्यूज चैनल की डिबेट होने जा रही थी। मौलाना साजिद रशीदी भी मौजूद थे। सपा की यूथ विंग समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव कुलदीप भाटी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौलाना रशीदी को थप्पड़ जड़ दिया। लोगों के बीच-बचाव करने के बाद सपा के कार्यकर्ता वहां से निकल गए। पिटाई के बाद कुलदीप भाटी ने एक वीडियो जारी किया। कहा- हम नोएडा की टीवी डिबेट में गए थे। डिंपल यादव जी पर कमेंट करने वाले मौलाना भी वहां मौजूद थे। उन्होंने आज भी डिंपल जी पर अभद्र टिप्पणी की। गुर्जर समाज अपनी गर्दन कटा सकता है, लेकिन भारत की किसी भी वर्ग की महिला का अपमान नहीं सह सकता। थप्पड़ मारने वालों में दूसरा नाम मोहित नागर का है। मोहित ने कहा- मौलाना ने वहां डिंपल पर दोबारा अभद्र टिप्पणी की, जिसके बाद हमें गुस्सा आ गया। मौलाना एक पार्टी के एजेंट बने हैं। जाति-धर्म का विवाद बढ़ाना चाहते हैं। हमने कहा कि आप माफी मांग लें, वरना देश के युवा आपको कहीं निकलने नहीं देंगे। पिटाई की इस घटना पर न्यूज चैनल ने सपा के 3 कार्यकर्ताओं कुलदीप भाटी, मोहित नागर और श्याम सिंह के खिलाफ नोएडा सेक्टर- 126 थाने में FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 115 (2) यानी जानबूझकर चोट पहुंचना, 351 (2) यानी आपराधिक धमकी और 352 मतलब शांति भंग के इरादे से जानबूझकर अपमान करने की धारा लगाई है। वीडियो सामने आने के बाद अखिलेश यादव ने कहा था- मैं चाहता हूं कि कोई भी हिंसा का साथ न ले। मौलाना ने माफी मांगी
मौलाना ने 1 अगस्त को एक चैनल पर डिंपल यादव पर की गई टिप्पणी पर माफी मांग ली। उन्होंने कहा- संभव है, ‘नंगेपन’ जैसे शब्द का इस्तेमाल लोगों ने गलत ढंग से लिया हो। यह आम बोलचाल का शब्द था। लेकिन, अगर किसी को इससे ठेस पहुंची तो मैं मानता हूं कि मुझसे गलती हुई। मैंने बात मस्जिद के तकद्दुस को लेकर कही थी। लेकिन, एक शब्द को मुद्दा बनाकर सपा के गुंडों ने हमला कर दिया। इकरा हसन के खिलाफ एक व्यक्ति (योगेंद्र राणा) ने आपत्तिजनक बात कही थी। तब सपा के कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं की थी? यूपी में 20% आबादी मुस्लिम, क्या वोट बैंक मजबूरी?
अखिलेश यादव ने मौलाना के बयान पर हमेशा चुप्पी साधे रखी। इसकी एक वजह मुस्लिमों का सपा का कोर वोटर होना भी है। यूपी में मुस्लिमों की आबादी 20% है। सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे के मुताबिक, 2022 के चुनाव में 70% मुस्लिम वोटर्स ने सपा गठबंधन को वोट दिया था। सियासी जानकार कहते हैं, अगर अखिलेश इस मुद्दे पर मौलाना पर टिप्पणी करते तो मुस्लिम वोटर्स नाराज भी हो सकता था। न सिर्फ अखिलेश यादव, बल्कि गठबंधन पार्टी कांग्रेस की तरफ से भी मौलाना के खिलाफ कोई बयान नहीं आया। इस मामले में 2022 में सपा के साथ रहे राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी ने भी चुप्पी साध रखी है। अखिलेश यादव की चुप्पी को ही बीजेपी ने हथियार बनाया और खुद मौलाना के खिलाफ प्रोटेस्ट करने लगी। 1 अगस्त को लखनऊ में योगी सरकार के मंत्री राजेश्वर सिंह ने एक मार्च निकाला। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तिरंगा, भगवा झंडे और बेलन लेकर निकलीं। राजेश्वर सिंह ने कहा- भारत में नारी शक्ति निर्बल नहीं, वह सृजन, संस्कार और संस्कृति की जीवंत प्रतीक है। जो परंपराओं और नारी गरिमा का अपमान करते हैं, वे न संस्कृति के साधक हैं न राष्ट्र के सेवक। मौलाना की टिप्पणी हो या विपक्ष की चुप्पी, यह केवल विचारधारा की दरिद्रता नहीं, राष्ट्र विरोध है। बयान और थप्पड़ कांड पर किसने-क्या कहा? ————————- ये खबर भी पढ़ें… चप्पल खरीदने के पैसे नहीं थे, 5 साल में करोड़पति, यूपी की शिवानी ने वीडियो बनाया तो मां ने चाकू मारा, अब मिलियन व्यूज ‘मैंने वीडियो बनाना शुरू किया तो गांव के लोग कहते पिता और भाई नहीं हैं, अब नाक कटवाएगी। मम्मी ने यह सब सुनकर कहा- वीडियो मत बनाओ। मैंने कुछ दिन बाद एक वीडियो बनाया, मेरी मम्मी ने मेरे पेट में चाकू मार दिया। मेरे बाल उखाड़े और घर छोड़कर चली गई। स्टेशन पर रहने लगीं। मैं उन्हें मनाने जाती तो वह आती नहीं। किसी तरह से वापस घर आईं।’ ये दर्द यू-ट्यूबर शिवानी कुमारी के हैं और यह घटना 5 साल पहले की है। उनका वीडियो बनाना तब किसी को पसंद नहीं था। लेकिन 5 साल बाद अब स्थिति बदल गई। पढ़ें पूरी खबर