KGMU के डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर महिला को नया जीवन दिया है। महिला के पेट में साढ़े आठ किलो का ट्यूमर पनप आया था जो लिवर, किडनी, आंत समेत दूसरे अंगों पर दबाव डाल रहा था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सभी अंगों को बचाकर ट्यूमर को बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश निवासी 51 साल की महिला को पेट में दर्द की शिकायत हुई। पाचन क्षमता कमजोर हो रही थी। स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताई। उन्हें KGMU रेफर कर दिया। परिवारीजन मरीज को लेकर KGMU पहुंचे। यहां सर्जरी विभाग की डॉ. सौम्या ने मरीज को देखा, जिसमें साढ़े आठ किलोग्राम के ट्यूमर की पुष्टि हुई। किडनी पर दे रहा था लोड डॉ.सौम्या ने बताया कि ट्यूमर की वजह से मरीज के दाहिनी किडनी को लिवर की तरफ धकेल रहा था। आंत व पेट के हिस्से पर भी दबाव पड़ रहा था। शरीर की सभी मोटी नस इन्फीरियर वेना कावा को भी प्रभावित कर रहा था। यह नस पूरे शरीर को खून की आपूर्ति करता है। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला ट्यूमर जायंट रिकरेंट रेट्रोपेरिटोनियल लिपोसारकोमा से पीड़ित थी। वह एक दुर्लभ और आक्रामक सॉफ्ट टिश्यू सारकोमा से पीड़ित थीं। आठ साल पहले महिला को यही ट्यूमर हुआ था। उन्होंने बताया कि ट्यूमर निकालने के साथ अंगों का बचाना चुनौती थी। इसके बावजूद डॉक्टरों ने ट्यूमर को हटाने और किडनी को सुरक्षित रखने में सफलता पाई। करीब 15 से 20 हजार रुपये में पूरा इलाज पर खर्च हुए है। यह हैं ऑपरेशन टीम के सदस्य डॉ. सौम्या सिंह, डॉ. विजय, डॉ. स्वप्निल, डॉ. अहमर, डॉ. परीजात और डॉ. अवनीत गुप्ता, डॉ. उज्जवल जैन, एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. नेहा ने किया। आईसीटी की टीम में डॉ. विपिन सिंह रहे।