माघ पूर्णिमा का स्नान आज, 55 लाख लोग पहुंचेंगे:संगम नोज, अरैल घाटों पर पैर रखने को जगह नहीं, पढ़िए स्नान के फायदे

माघ मेला में आज माघ पूर्णिमा का स्नान हो रहा है। संगम नोज पर पैर रखने को जगह नहीं है। अरैल घाट पर भी लोग स्नान ध्यान कर रहे हैं। VIP मूवमेंट पूरी तरह से रोक दिए गए हैं। सिर्फ श्रद्धालु ही घाट तक पहुंच पा रहे हैं। गंगा के किनारे लोग दान दे रहे हैं। संगम की तरफ आने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति है। प्रयागराज के पंडित कहते हैं- आज त्रिवेणी के पानी को अमृत की तरह माना जाता है। तारों के छिपने से पहले स्नान करने के फायदे बताए गए हैं। इससे देवताओं की कृपा होती है, पाप खत्म होते हैं। स्नान करने से पहले ‘त्रिवेण्ये नमः’ का उच्चारण करना चाहिए। फूल अर्पित करने चाहिए। जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। इसके बिना व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष नहीं मिलता है। हर साल माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है, जो महाशिवरात्रि तक चलता है। आज माघी पूर्णिमा का स्नान होने के बाद सिर्फ महाशिवरात्रि का 15 फरवरी का स्नान और होगा। झूंसी बस अड्डे से 2250 बस चलेंगी
यूपी रोडवेज मेले में इस बार 3800 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 2250 बसों का संचालन झूंसी से हो रहा है। साथ ही, शहर से अलग-अलग एरिया के लिए भी शटल बसों का संचालन किया जा रहा है। झूंसी में बसों के संचालन की वजह से संगम क्षेत्र में जाम की समस्या कम हो गई है।