मेरठ में आज दूसरे दिन किसान धरने पर बैठे हैं। रातभर किसान बारिश में बैठे भीगते रहे। भाकियू टिकैत गुट के किसानों का कहना है कि गन्ना मूल्य हमें उतना भी नहीं मिल पा रहा है, जितनी लागत उस फसल को पैदा करने में आ रही है। पिछले मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की योजना सरकार चला रही है। वो पहले जनता को इसके लाभ बताएं। न स्मार्ट मीटर लगाने देंगे, न किसानों का शोषण होने देंगे। जब तक हमारी सभी 150 मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रखेंगे। किसान कमिश्नर से बात करने के लिए अड़े रहे। फिर मंगलवार सुबह किसानों को बातचीत के लिए कमिश्नर की ओर से बुलाया गया। कमिश्नर कार्यालय पर किसानों के प्रतिनिधि मंडल के 20 लोग पहुंचे। हालांकि, कमिश्नर नहीं आए। DM वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, नगर आयुक्त सौरव गंगवार समेत प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब 2 घंटे मीटिंग चली। मीटिंग के बाद किसानों ने कहा- हमारी मांगों को प्रशासन ने नहीं माना। प्रशासन का यह तानाशाह रवैया है। हम लोग अपना धरना जारी रखेंगे। फिर से करीब 250 किसान कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। यहीं पर खाना बनाकर खाया। फिर दूसरे दौर की मीटिंग शुरू हुई। मंगलवार दोपहर बिजली संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सात किसानों का प्रतिनिधि मंडल ऊर्जा भवन में एमडी ईशा दूहन के कार्यालय पहुंचा। यहां बात की। एक घंटे बाद किसान नेता यहां से निकाल कर धरना स्थल पहुंचे। बताया कि हमारी सभी समस्याओं के लिए हमें आश्वाशन के साथ समय सीमा भी मिल गई है। कुछ समस्याओं का निस्तारण मौके से भी किया गया है। इसके बाद सीडीओ नूपुर गोयल धरना स्थल पर पहुंची। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा और धरना खत्म करने की घोषणा की। इसके बाद सभी किसान वहां से वापस चले गए। किसानों का धरना कुल 39 घंटे तक चला । 3 तस्वीरें देखिए- किसानों की मुख्य मांगें जानिए- किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…