मेरठ से एक दलित लड़की को एक युवक दिनदहाड़े उठाकर ले गया था। लड़की को बचाने आई उसकी बुजुर्ग मां की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। वारदात के 3 दिन बाद शनिवार को आरोपी पारस और उसके साथ गई रूबी को पुलिस ने सहारनपुर से बरामद कर लिया। पुलिस दोनों को लेकर मेरठ रवाना हो गई है। पहले 2 तस्वीरें देखिए SSP विपिन ताडा ने बताया- युवती को बरामद कर लिया गया है। साथ ही युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। उनको मेरठ लाया जा रहा है। लोग शांति व्यवस्था बनाए रखें। मुखबिरों और सर्विलांस से मेरठ पुलिस को अहम सुराग मिले थे। इसी आधार पर कार्रवाई की गई। दोनों से पूछताछ की जाएगी, तभी कुछ सामने आ पाएगा। मामला सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का है। भाई बोला- मेरी बहन को बदनाम मत करो
रूबी के मिलने पर उसके बड़े भाई नरसिंह ने रोते हुए कहा- मेरी बहन बरामद हो गई है। मेरी बहन पर कोई गलत आरोप न लगाए। उसको बदनाम न करे। मेरी मां तो मर गई। लेकिन मेरी बहन जिंदा है। उसके लिए लाखों भाई खड़े हैं। नेता-प्रशासन कोई गलत बयान न दिलवाएं। हम लोग उसके साथ हैं। अब जानिए पूरा मामला कपसाड़ गांव में रहने वाले सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता के अलावा तीन बेटे और एक बेटी रुबी (20) है। रुबी के सबसे बड़े भाई की शादी हो चुकी है। वह बाहर काम करता है, जबकि उसकी पत्नी और दो बेटियां गांव में ही रहती हैं। दूसरे नंबर पर एक और भाई है, उसकी भी शादी हो चुकी है। वह परिवार के साथ गांव में ही रहता है। तीसरे नंबर पर रूबी है। इसके बाद चौथे नंबर पर एक छोटा भाई है। इन दोनों की अभी शादी नहीं हुई है। गरीब होने के कारण रूबी ने करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। फिलहाल, परिवार में उसके रिश्ते को लेकर बातचीत चल रही थी। 8 जनवरी की सुबह रूबी अपनी मां सरिता के साथ खेत पर अपने पिता सतेंद्र के पास जा रही थी। दोनों को वहां नरेंद्र के खेत में गन्ने की छिलाई करनी थी। गांव से बाहर जंगल के पास पहुंचते ही उन्हें पारस राजपूत नाम का गांव का ही रहने वाला लड़का मिला। सफेद रंग की ऑल्टो कार से लेकर भागा
पारस, रूबी को उठाकर ले जाने लगा, तो रूबी की मां सुनीता चीखने-चिल्लाने लगी। इतने में पारस ने दरांती से सुनीता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और रूबी को लेकर भाग गया। सरिता वहीं लहूलुहान हालत में गिर पड़ी। इसी बीच उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए। अस्पताल ले गए, जहां 8 जनवरी की शाम 5 बजे सुनीता ने दम तोड़ दिया। वहीं, रूबी और पारस सफेद रंग की ऑल्टो कार से भाग गए थे। इसके बाद पारस ने अपने तीनों 3 मोबाइल फोन भी बंद कर लिए थे। रूबी के पास फोन नहीं था। दोनों को ढूंढने के दौरान पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले। अब जानिए आरोपी के बारे में पारस कपसाड़ गांव का रहने वाला है। वह गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर है। पारस और रूबी दोनों पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। 3 साल से उनका अफेयर चल रहा था। पारस के परिवार में पिता, माता, दादा और दादी हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। तीनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। घटना के बाद से पारस के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं, जिनका अभी तक पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस ने पूछताछ के लिए उसके दादा-दादी को भी कोतवाली में बैठा रखा है। 3 साल से पारस-रूबी का अफेयर था
पड़ोसियों ने साफ कहा- चाहे हम ठाकुर हैं या दलित, हम जिस पक्ष की बात कहेंगे, उसके बुरे बन जाएंगे। हम इसे खराब करना नहीं चाहते। ऑफ रिकार्ड लोगों ने बताया कि पारस और रूबी का पिछले 3 साल से अफेयर था। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे। पसंद करते थे। उनके अफेयर की चर्चा पूरे गांव में थी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मां की हत्या करने वाले का बेटी से अफेयर था:मेरठ में दोनों को स्कूल से निकाला; 3 पंचायत भी हुईं पारस-रुबी का पिछले 3 साल से अफेयर था। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे, पसंद करते थे। उनके अफेयर की चर्चा पूरे गांव में थी। दो बार गांव में ही इसको लेकर बवाल और पंचायत भी हो चुकी है। दोनों गांव के ही इंटर कॉलेज में एक साथ एक ही क्लास में पढ़ते थे। वहीं से दोनों की दोस्ती और फिर मोहब्बत शुरू हुई। दोनों का पढ़ने में मन नहीं लगता था। पढ़ाई में बहुत कमजोर थे। दोनों 10वीं के बाद स्कूल से निकाल दिए गए। स्कूल टीचर ने खुद दोनों को कई बार समझाया, लेकिन नहीं माने। पढ़ें पूरी खबर…
रूबी के मिलने पर उसके बड़े भाई नरसिंह ने रोते हुए कहा- मेरी बहन बरामद हो गई है। मेरी बहन पर कोई गलत आरोप न लगाए। उसको बदनाम न करे। मेरी मां तो मर गई। लेकिन मेरी बहन जिंदा है। उसके लिए लाखों भाई खड़े हैं। नेता-प्रशासन कोई गलत बयान न दिलवाएं। हम लोग उसके साथ हैं। अब जानिए पूरा मामला कपसाड़ गांव में रहने वाले सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता के अलावा तीन बेटे और एक बेटी रुबी (20) है। रुबी के सबसे बड़े भाई की शादी हो चुकी है। वह बाहर काम करता है, जबकि उसकी पत्नी और दो बेटियां गांव में ही रहती हैं। दूसरे नंबर पर एक और भाई है, उसकी भी शादी हो चुकी है। वह परिवार के साथ गांव में ही रहता है। तीसरे नंबर पर रूबी है। इसके बाद चौथे नंबर पर एक छोटा भाई है। इन दोनों की अभी शादी नहीं हुई है। गरीब होने के कारण रूबी ने करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। फिलहाल, परिवार में उसके रिश्ते को लेकर बातचीत चल रही थी। 8 जनवरी की सुबह रूबी अपनी मां सरिता के साथ खेत पर अपने पिता सतेंद्र के पास जा रही थी। दोनों को वहां नरेंद्र के खेत में गन्ने की छिलाई करनी थी। गांव से बाहर जंगल के पास पहुंचते ही उन्हें पारस राजपूत नाम का गांव का ही रहने वाला लड़का मिला। सफेद रंग की ऑल्टो कार से लेकर भागा
पारस, रूबी को उठाकर ले जाने लगा, तो रूबी की मां सुनीता चीखने-चिल्लाने लगी। इतने में पारस ने दरांती से सुनीता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और रूबी को लेकर भाग गया। सरिता वहीं लहूलुहान हालत में गिर पड़ी। इसी बीच उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए। अस्पताल ले गए, जहां 8 जनवरी की शाम 5 बजे सुनीता ने दम तोड़ दिया। वहीं, रूबी और पारस सफेद रंग की ऑल्टो कार से भाग गए थे। इसके बाद पारस ने अपने तीनों 3 मोबाइल फोन भी बंद कर लिए थे। रूबी के पास फोन नहीं था। दोनों को ढूंढने के दौरान पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले। अब जानिए आरोपी के बारे में पारस कपसाड़ गांव का रहने वाला है। वह गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर है। पारस और रूबी दोनों पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। 3 साल से उनका अफेयर चल रहा था। पारस के परिवार में पिता, माता, दादा और दादी हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। तीनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। घटना के बाद से पारस के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं, जिनका अभी तक पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस ने पूछताछ के लिए उसके दादा-दादी को भी कोतवाली में बैठा रखा है। 3 साल से पारस-रूबी का अफेयर था
पड़ोसियों ने साफ कहा- चाहे हम ठाकुर हैं या दलित, हम जिस पक्ष की बात कहेंगे, उसके बुरे बन जाएंगे। हम इसे खराब करना नहीं चाहते। ऑफ रिकार्ड लोगों ने बताया कि पारस और रूबी का पिछले 3 साल से अफेयर था। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे। पसंद करते थे। उनके अफेयर की चर्चा पूरे गांव में थी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मां की हत्या करने वाले का बेटी से अफेयर था:मेरठ में दोनों को स्कूल से निकाला; 3 पंचायत भी हुईं पारस-रुबी का पिछले 3 साल से अफेयर था। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे, पसंद करते थे। उनके अफेयर की चर्चा पूरे गांव में थी। दो बार गांव में ही इसको लेकर बवाल और पंचायत भी हो चुकी है। दोनों गांव के ही इंटर कॉलेज में एक साथ एक ही क्लास में पढ़ते थे। वहीं से दोनों की दोस्ती और फिर मोहब्बत शुरू हुई। दोनों का पढ़ने में मन नहीं लगता था। पढ़ाई में बहुत कमजोर थे। दोनों 10वीं के बाद स्कूल से निकाल दिए गए। स्कूल टीचर ने खुद दोनों को कई बार समझाया, लेकिन नहीं माने। पढ़ें पूरी खबर…