मेरे बेटे के हत्यारों के घर पर बुलडोजर चले:मां बोली- पुलिस ढूंढती तो बेटा मिल जाता; प्रतापगढ़ में कुएं में मिली थी लाश

‘मेरा बेटा घर से सामान लेने गया था। बोलकर गया था थोड़ी देर में आता हूं, लेकिन हमें उसकी लाश मिली। उसको मारकर कुएं में फेंक दिया गया। जब हमें उसकी बॉडी मिली, तो वो फूल चुकी थी। उसके चोट के निशान साफ नहीं दिख रहे थे। हम चाहते हैं कि आरोपियों का एनकाउंटर हो। उनके घर पर बुलडोजर चले।’ यह कहना है 16 साल के विकास पटेल की मां श्यामा देवी का। प्रतापगढ़ में विकास पटेल का शव 6 सितंबर की रात उसके घर से 1 किलोमीटर दूर कुएं में मिला। वह 4 सितंबर से लापता था। शरीर पर चोट के निशान नहीं दिख रहे थे। बॉडी और चेहरा फूल चुका था। परिवारवालों ने अफेयर में विकास की हत्या करने की बात कही है। परिवार ने मांगें पूरी करने की शर्त रखी
7 सितंबर को ही विकास का उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, परिवारवाले पहले अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थे। बाद में अपनी मांगें पूरी करने की शर्त पर अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। परिवार ने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। सभी का एनकाउंटर और घर पर बुलडोजर चलाने की बात कही। परिवार के साथ कोई भी घटना होने पर आरोपियों की जिम्मेदारी होने की बात कही है। साथ ही अपनी सुरक्षा की भी मांग की है। प्रशासन ने सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मारपीट से मौत की पुष्टि
पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर का कहना है कि विकास के शरीर पर चोट के निशान हैं। लेकिन, बॉडी खराब होने की वजह से चोट साफ दिख नहीं रही। मौत का कारण सीने पर चोट आना है। किसी भारी चीज से सीने पर वार किया गया है। विकास की पसलियां भी टूटी हुई हैं। मारपीट की वजह से ही विकास की मौत हुई। इस मामले की पूरी जानकारी लेने दैनिक भास्कर की टीम प्रतापगढ़ से 60 किलोमीटर दूर कोतवाली देहात क्षेत्र के राजापुर गांव पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गांववाले बोले- लड़की से अफेयर में हुई हत्या
गांव में विकास के घर के बाहर गांव की महिलाएं बैठी थीं। विकास की मां को संभाल रही थीं। मां रोते हुए बस इतना ही कह रही थी कि पुलिस समय पर खोजबीन करती, तो आज मेरा बेटा जिंदा रहता। हमने पास में खड़े कुछ गांववालों से मामले को लेकर बात की। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विकास का गांव से ढाई किलोमीटर दूर मकरी गांव में रहने वाली लड़की से अफेयर चल रहा था। इस बात को करीब 1 साल हो चुका है। लड़की के घरवाले इस बात के खिलाफ थे। वो लोग कई बार विकास को लड़की से दूर रहने के लिए बोल चुके हैं। लेकिन, दोनों फिर भी मिलते थे। लड़की और विकास की जाति भी अलग-अलग थी। लकड़ी के घरवालों ने दूर रहने के लिए कहा था
गांववालों ने बताया कि लड़की के घरवालों ने विकास को एक बार अपने घर भी बुलाया था। उससे कहा था कि लड़की से दूर रहो। कुछ देर तो मामला शांत रहा, लेकिन फिर से मिलना-जुलना शुरू हो गया था। विकास डीजे लगाने का और शादियों में डेकोरेशन करने का काम करता था। बता दें, विकास का परिवार मध्यम वर्ग का है। घर ईंट का बना है। विकास 3 भाई थे। सबसे छोटा भाई पिकअप गाड़ी चलाने का काम करता था। बड़ा भाई बेंगलुरु में नौकरी करता है। पिता ट्रक चलाते हैं। इस मामले में एसपी डॉ.अनिल कुमार का कहना है, युवक का अंतिम संस्कार हो गया है। मामले की जांच चल रही है। परिवार की जो शर्तें हैं, वो जल्द पूरी की जाएंगी। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। अब जानिए पूरा मामला
प्रतापगढ़ में अफेयर के चक्कर में 16 साल के विकास पटेल की किडनैप कर हत्या कर दी गई। 4 सितंबर की शाम वह बाजार गया था। गांववालों ने बताया कि बाजार में अचानक से कुछ लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। मारपीट कर जबरिया उसे साथ ले गए। अपहरण के 3 दिन बाद 6 सितंबर को विकास की लाश चौहटन देवी धाम के पास कुएं में मिली थी। ————————– यह खबर भी पढ़ें- यूपी में 2 लाख शिक्षकों की नौकरी खतरे में, जब भर्ती हुए तब TET नहीं, अब पास करना अनिवार्य 1992 में प्राइमरी स्कूल के शिक्षक अब्दुल मजीद की मौत हो गई। उनके बेटे अब्दुल राशिद को मृतक आश्रित पर नौकरी मिली। 20 साल के अब्दुल 12वीं पास थे। उस वक्त शिक्षक बनने के लिए 12वीं पास ही न्यूनतम अर्हता थी। यहां पढ़ें पूरी खबर