जवाब : मोईद खान ने गलत काम किया, ये सब जानते हैं। न जाने कैसे कोर्ट उसे छोड़ रही है। हम लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, हमारी तरफ से पैरवी ही नहीं हो पाई है। पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की, वरना मोईद को छोड़ा नहीं जाता। ये सही नहीं हुआ है, हमारी सुनवाई ठीक से नहीं हुई। सवाल : राजू खान को 20 साल की कैद और 50 हजार जुर्माना सुनाया गया?
जवाब : उसको (राजू) 20 साल की सजा नहीं, फांसी होनी चाहिए। मेरी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी है, उसका घर भी टूटना चाहिए। अब हम लोग हाईकोर्ट में जाएंगे। सवाल : मोईद खान के छूटने पर क्या आप पर खतरा रहेगा?
जवाब : जब ये लोग जेल में थे, तब भी हम लोग डरे हुए थे। अब जबसे सुना है कि मोईद खान को छोड़ा जा रहा है, खतरा बढ़ गया है। जब बेटी का रेप हुआ, तब से घर के अंदर ही रहे, मगर कब तक रहेंगे। अब तो बाहर निकलना दूभर हो जाएगा। हम सुरक्षा की मांग करते हैं, पुलिस पहले आती थी, मगर अब कोई नहीं आता है। हमारे घर के बाहर 2 सीसीटीवी लगे हैं, जोकि पुलिस ने लगवाए हैं, उन्हीं से निगरानी करते हैं। सवाल : DNA रिपोर्ट में मोईद खान को क्लिन चिट मिली है?
जवाब : DNA टेस्ट से हम लोग संतुष्ट नहीं हैं। कुछ तो गड़बड़ हुआ है। ये जो सांसद हैं, ये मोईद खान को बचा रहे हैं, इसलिए हमारी सुनवाई नहीं हो पा रही है। टेस्ट रिपोर्ट बदलवाई गई है, मेरी बेटी के साथ जो कुछ भी हुआ है, वो हम कैसे भूल जाएं।
राजू का DNA भी मैच हुआ
29 जुलाई, 2024 को अयोध्या के भदरसा इलाके में 12 साल की लड़की ने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। लड़की उस वक्त प्रेग्नेंट थी। इसमें मोईद खान और उनके नौकर राजू खान को आरोपी बनाया गया था। FIR दर्ज होने के बाद अगले दिन मोईद और राजू को अरेस्ट कर लिया गया था। बाद में, कोर्ट के आदेश पर 7 अगस्त, 2024 को नाबालिग रेप सर्वाइवर का गर्भपात लखनऊ के क्वीन मेरी अस्पताल में हुआ था। पीड़िता का आरोप था कि वह राजू खान के साथ काम करती थी, करीब ढाई महीने पहले राजू ने उसे मोईद से मिलवाया था। थाने में दर्ज शिकायत में उसने दावा किया था कि मोईद ने अपने नौकर के साथ मिलकर उसका रेप किया। इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो के जरिए डरा-धमकाकर करीब ढाई महीने तक मोईद और राजू उसका यौन शोषण करते रहे। अब कोर्ट में मोईद निर्दोष साबित हुए हैं, जबकि उसके नौकर राजू को कोर्ट ने घटना में शामिल पाया है। राजू का DNA भी भ्रूण के DNA से मैच हुआ था। यूपी सरकार ने चलाया था बुलडोजर
इस घटना के बाद प्रशासन ने मोईद की बेकरी और शॉपिंग मॉल को गिरा दिया था। उस वक्त अयोध्या के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने कहा था- मोईद खान की बेकरी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, इसलिए एक्शन हुआ है। CM योगी ने विधानसभा में बयान देते हुए मोईद खान के सपा से जुड़े होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था- अयोध्या में मोईद, जो समाजवादी पार्टी का नेता है, अयोध्या में सांसद की टीम का सदस्य है, 12 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म में शामिल पाया गया है। मुख्यमंत्री ने मुकदमा दर्ज होने के बाद रेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात भी की थी। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोईद और राजू के DNA टेस्ट करवाने की मांग की थी। मोईद को कोर्ट में 4 पाइंट पर फायदा मिला
मोईद का बचाव करने वाले अधिवक्ता सईद खान ने एक मीडिया चैनल को बयान दिया कि DNA टेस्ट के नतीजे इस फैसले में सबसे अहम रहे। कोर्ट ने मोईद को निर्दोष माना है और ‘बाइज़्ज़त बरी’ किया है।
1. अदालत के आदेश पर भ्रूण का DNA टेस्ट हुआ था, जो मोईद के DNA से मैच नहीं हुआ।
2. अभियोजन पक्ष ये साबित भी नहीं कर सका कि घटना कहां हुई थी। अभियोजन पक्ष ने रेप पीड़िता के समर्थन में कुल 13 गवाह पेश किए थे।
3. घटना के दौरान वीडियो बनाए जाने का दावा भी किया गया था, लेकिन कोई वीडियो सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
4. पुलिस की तफ्तीश में घटनास्थल को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। पुलिस जांच में घटना के बेकरी के बाहर एक पेड़ के नीचे और बेकरी के भीतर होने का अलग-अलग दावा किया गया था। मीडिया से बात करते हुए विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कहा- इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। हम आगे भी केस लड़ेंगे।
……………….. ये भी पढ़ें: भदरसा रेपकांड में राजू खान को 20 साल की सजा:सपा नेता मोईद खान बरी, अयोध्या में प्रशासन ने बुलडोजर से कॉम्पलेक्स ढहाया था अयोध्या के चर्चित गैंगरेप केस में कोर्ट ने सपा नेता मोईद खान को कोर्ट ने बरी कर दिया। उनके नौकर राजू खान को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। ये फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने पूरे मामले में डीएनए टेस्ट को आधार बनाया है। इससे पहले 14 जनवरी को मामले की अंतिम सुनवाई हुई थी। पढ़िए पूरी खबर…